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एनसीआरटी की किताबें बाजार से गायब
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त्थरकटा चौराहे में कॉपी किताब की दुकान। संवाद
- फोटो : FATEHPUR
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फतेहपुर। नए शिक्षा सत्र पर महंगाई की मार दिख रही है। कॉपी 20 से 25 प्रतिशत महंगी हुई हैं। सभी कक्षाओं की एनसीआरटी की किताबें बाजार में ढूंढें नहीं मिल रही है।
शिक्षा सत्र 2022-23 का शुक्रवार को पहला दिन था। सभी स्कूलों में छात्र-छात्राओं को कॉपी व किताबों का पर्चा थमाया गया। किताबों की दुकानों में एनसीआरटी की किताबों के सिर्फ सैंपल रखे हैं। इनकी कीमत पिछले साल से 20 से 25 प्रतिशत अधिक छपी है। खास तौर पर एनसीआरटी की किताबें अभी तक बाजार में मिलना कठिन है। पटेलनगर चौराहे में कॉपी किताबों के विक्रेता प्रभाकर द्विवेदी ने बताया कि एनसीआरटी की किताबें अभी तक दुकानदारों को सिर्फ नमूने के तौर पर एक-दो पीस मिली हैं। बिक्री से लिए उनके पास स्टाक नहीं है। किताबों की उपलब्धता होने में अभी समय लगना तय है।
शहर की सभी प्रमुख दुकानों में खोजने के बाद भी एनसीआरटी की किताबें नहीं मिलीं। कुछ कॉपी खरीदकर काम चलाया जाएगा। कपियां भी 20 से 25 फीसदी मिली हैं।
-तन्नू सिंह, कक्षा 9
स्कूल से कापी व किताबों का पर्चा मिल गया है। स्कूल से पूरा बैग मिलना है। पिछले साल से इस बार बस्ते की कीमत एक हजार अधिक है।
-आयशा वर्मा, कक्षा-10
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शिक्षा सत्र 2022-23 का शुक्रवार को पहला दिन था। सभी स्कूलों में छात्र-छात्राओं को कॉपी व किताबों का पर्चा थमाया गया। किताबों की दुकानों में एनसीआरटी की किताबों के सिर्फ सैंपल रखे हैं। इनकी कीमत पिछले साल से 20 से 25 प्रतिशत अधिक छपी है। खास तौर पर एनसीआरटी की किताबें अभी तक बाजार में मिलना कठिन है। पटेलनगर चौराहे में कॉपी किताबों के विक्रेता प्रभाकर द्विवेदी ने बताया कि एनसीआरटी की किताबें अभी तक दुकानदारों को सिर्फ नमूने के तौर पर एक-दो पीस मिली हैं। बिक्री से लिए उनके पास स्टाक नहीं है। किताबों की उपलब्धता होने में अभी समय लगना तय है।
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शहर की सभी प्रमुख दुकानों में खोजने के बाद भी एनसीआरटी की किताबें नहीं मिलीं। कुछ कॉपी खरीदकर काम चलाया जाएगा। कपियां भी 20 से 25 फीसदी मिली हैं।
-तन्नू सिंह, कक्षा 9
स्कूल से कापी व किताबों का पर्चा मिल गया है। स्कूल से पूरा बैग मिलना है। पिछले साल से इस बार बस्ते की कीमत एक हजार अधिक है।
-आयशा वर्मा, कक्षा-10