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परीक्षा केंद्र सत्यापन रिपोर्ट में खामियां ही खामियां
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फतेहपुर। बोर्ड परीक्षा केंद्र के सत्यापन रिपोर्ट में तमाम खामियां हैं। सत्यापन रिपोर्ट में बड़ी तादाद में माध्यमिक विद्यालयों के मध्य से सड़क निकालकर दो भागों में बांट दिया गया है। क्योंकि मध्य से सड़क गुजरने वाला स्कूल परीक्षा केंद्र नहीं बन सकता है।
परीक्षा केंद्र सत्यापन करने वाले अधिकारी ने बाउंड्री गेट से स्कूल के दफ्तर तक बनी सड़क को मुख्य सड़क दर्शा दिया है। जबकि केंद्र बनाने में स्कूल के मध्य से मुख्य सड़क गुजरना बाधक है। केंद्र निर्धारण नीति में स्पष्ट है कि अगर कोई स्कूल भवन दो भागों में बंटा है और उसके मध्य से गुजरने वाला रास्ता आम है तो उसे किसी भी हालत में केंद्र नहीं बनाया जा सकता है।
इसे बिना समझे बूझे सत्यापन करने वाले अधिकांश में स्कूल के मध्य से सड़क दर्शा दी है। कुछ रिपोर्ट में कक्षों की संख्या नहीं अंकित है तो कुछ में आकार नहीं दर्शाया गया है। कुछ में शौचालय का कालम खाली हैं। पेयजल संसाधनों को भी नजरंदाज किया गया है। जनरेटर भी बहुत कम विद्यालयों में दिखाए गए हैं। उधर, इस संबंध में डीआईओएस महेंद्र प्रताप सिंह का कहना है कि सत्यापन रिपोर्ट में बहुत खामियां हैं। केंद्र निर्धारण जिला कमेटी के समक्ष यह खामियां रखी जाएंगी। इसके बाद ही कोई निर्णय लिया जाएगा।
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परीक्षा केंद्र सत्यापन करने वाले अधिकारी ने बाउंड्री गेट से स्कूल के दफ्तर तक बनी सड़क को मुख्य सड़क दर्शा दिया है। जबकि केंद्र बनाने में स्कूल के मध्य से मुख्य सड़क गुजरना बाधक है। केंद्र निर्धारण नीति में स्पष्ट है कि अगर कोई स्कूल भवन दो भागों में बंटा है और उसके मध्य से गुजरने वाला रास्ता आम है तो उसे किसी भी हालत में केंद्र नहीं बनाया जा सकता है।
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इसे बिना समझे बूझे सत्यापन करने वाले अधिकांश में स्कूल के मध्य से सड़क दर्शा दी है। कुछ रिपोर्ट में कक्षों की संख्या नहीं अंकित है तो कुछ में आकार नहीं दर्शाया गया है। कुछ में शौचालय का कालम खाली हैं। पेयजल संसाधनों को भी नजरंदाज किया गया है। जनरेटर भी बहुत कम विद्यालयों में दिखाए गए हैं। उधर, इस संबंध में डीआईओएस महेंद्र प्रताप सिंह का कहना है कि सत्यापन रिपोर्ट में बहुत खामियां हैं। केंद्र निर्धारण जिला कमेटी के समक्ष यह खामियां रखी जाएंगी। इसके बाद ही कोई निर्णय लिया जाएगा।
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