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एंबुलेंस कर्मियों ने किया चक्का जाम, लोग हुए हलाकान....

Tue, 27 Jul 2021 12:18 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Tue, 27 Jul 2021 12:18 AM IST
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due to ambulance strike patients  embrassed
फतेहपुर। जीवन दायनी संगठन की हड़ताल से चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हो गईं। संगठन के प्रदेशव्यापी आह्वान पर एडवांस लाइफ सपोर्ट एंबुलेंस का चक्का जाम करने से मरीजों की सांसें अटक गईं। बड़ी मुश्किल से मरीजों को निजी वाहन में लेकर तीमारदार अस्पताल तक पहुंचे। पहले दिन की हड़ताल में संगठन ने इमरजेंसी के लिए पांच एंबुलेंस संचालन के लिए छोड़ रखी हैं। लेकिन इनके भी रात करीब 12 बजे से बंद होने की संभावना जताई गई है।
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जिलेभर में 108, 102 और एएलएम मिलाकर कुल 75 एंबुलेंस संचालित हैं। इन सभी को थाना, ब्लाक, पीएचसी, सीएचसी क्षेत्र में तैनात किया गया है। प्रत्येक एंबुलेंस 24 घंटे में औसतन चार मरीजों को या घायलों को सरकारी अस्पताल पहुंचाती हैं। इस तरह से सभी एंबुलेंस मिलकर रोजाना 600 लोगों को अस्पताल पहुंचाने का काम करती हैं। प्रत्येक एंबुलेंस में दो पायलट और दो ईएमटी नियुक्त होते हैं। यह 12-12 घंटे की ड्यूटी करते हैं। रविवार रात 12 बजे से इन कर्मचारियों ने सभी 75 एंबुलेंस विज्ञान भवन के मैदान में खड़ी कर दीं। सोमवार को पूरा दिन यहां पर कर्मचारी विरोध प्रदर्शन करते रहे।
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उधर, अस्पतालों में दिनभर निजी और सवारी वाहनों से रोगी और दुर्घटनाओं में घायलों के आने का सिलसिला जारी रहा। इसके बावजूद प्रशासन मूकदर्शक बना रहा। जीवन दायनी संगठन के जिलाध्यक्ष अवनीश पांडेय ने बताया कि अगर उनकी पांच सूत्री मांगे पूरी नहीं होती हैं, तो रात से इमरजेंसी सेवा में लगीं पांचों एंबुलेंसों का भी चक्का जाम कर दिया जाएगा। यह आंदोलन पूरे प्रदेश में चल रहा है।
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- एएलएस एंबुलेंस में कार्यरत कर्मचारियों को कंपनी बदलने पर बदला न जाए।
- कोरोना महामारी के दौरान अग्रणी भूमिका निभाने वाले एंबुलेंस कर्मियों को ठेकेदारी प्रथा से मुक्त किया जाए।
- कोरोना काल में शहीद हुए कर्मचारियों के आश्रितों को जल्द ही बीमा राशि के 50 लाख और सहायता राशि सरकार जारी करे।
- कंपनी बदलने पर वेतन कटौती बंद कराई जाए।
बहुआ। एंबुलेंस कर्मियों की हड़ताल होने से लोगों को खासा परेशान होना पड़ा। लोग बाइक और ई रिक्शे से मरीजों को लेकर अस्पताल पहुंचे। कस्बा निवासी रविचंद्र गुप्ता अपनी पत्नी आशा देवी को ई रिक्शे लेकर पीएचसी पहुंचे। पति ने बताया कि एंबुलेंस को काल किया था, लेकिन सेवा बंद होने की सूचना पर ई रिक्शा से पत्नी को लेकर अस्पताल आया है। (संवाद)

श्याम सुंदरी निवासी पक्षीहाता सोमवार को अपने घर के बरामदे में सोई हुई थी। तभी भोर पहर उन्हें किसी जंगली जानवर ने काट लिया। जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गईं। परिजनों ने एंबुलेंस 108 को फोन किया लेकिन हड़ताल होने के कारण एंबुलेंस नहीं पहुंची। जिसके बाद परिजन काफी देर बाद किराए के वाहन की व्यवस्था कर सके और फिर घायल को सीएचसी बिंदकी लेकर पहुंचे।
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