फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Fatehpur News ›   Door-to-door campaign to find TB patients started

फतेहपुर: क्षय रोगियों को घर-घर खोजने का अभियान शुरू

Tue, 21 Feb 2023 01:16 AM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहपुर Updated Tue, 21 Feb 2023 01:16 AM IST
विज्ञापन
Door-to-door campaign to find TB patients started
फतेहपुर। क्षय मरीजों का पता लगाने लिए स्वास्थ्य विभाग अब घर-घर टीम भेजेगी। इसके लिए 120 टीम लगाई गई हैं, जिनकी निगरानी के लिए 25 सुपरवाइजर लगाए गए हैं।
विज्ञापन

राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम के तहत स्वास्थ्य विभाग 20 फरवरी से सक्रिय क्षय रोगी खोज अभियान (एक्टिव केस फाइंडिंग) चलाएगा। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग ने सभी तैयारियां पूर्ण कर ली हैं। इस अभियान के दौरान स्वास्थ्य विभाग की टीमें घर-घर संदिग्ध टीबी मरीजों को खोजेंगी। संदिग्ध मरीजों के बलगम का नमूना मौके पर लिए जाएंगे। टीबी की पुष्टि के बाद मरीजों का उपचार शुरू होगा।
विज्ञापन

जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. शहाबुददीन ने बताया कि सोमवार से सक्रिय क्षय रोग खोज अभियान शुरू कर दिया गया है। 120 टीमों को लगाया गया है। इन टीमों की निगरानी 25 सुपरवाइजर करेंगे। तीन मार्च तक अभियान चलेगा। बताया कि शहरी व ग्रामीण क्षेत्र आबादी के हाई रिस्क क्षेत्र में घर-घर जाकर लोगों की स्क्रीनिंग करेगी। साथ ही नवोदय विद्यालय, वृद्धा आश्रम में भी विशेष अभियान चलाकर जांच की जाएगी। जो भी संदिग्ध मरीज मिलेगा, टीम उसका मौके पर ही नमूना लेगी। इसके बाद दूसरे दिन सुबह खाली पेट उसी मरीज के बलगम का दूसरा नमूना लिया जाएगा। जिसकी जांच टीबी यूनिट पर कराई जाएगी। इनसेट:
विज्ञापन
विज्ञापन

सीनियर ट्रीटमेंट सुपरवाइजर अजीत ने बताया कि एक जनवरी 2023 से अब तक करीब 236 क्षयरोगियों की खोज की जा चुकी है। एसटीएस और एसटीएसएलएस के सहयोग से सभी हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर (एचडब्ल्यूसी) पर तैनात कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर (सीएचओ) को टीबी के संभावित मरीजों की स्क्रीनिंग के लिए प्रशिक्षित किया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि किसी को खांसी दो हफ्ते से आ रही है, खांसते समय खून आता हो, सीने में दर्द, बुखार एवं वजन कम होने की शिकायत हो तो वह बलगम की जांच अवश्य कराएं। सरकारी अस्पतालों में यह जांच निशुल्क कराई जाती है।

........ कोट:
टीबी को 2025 तक करना है जड़ से खत्म
केंद्र सरकार की 2025 तक टीबी को जड़ से खत्म करने की योजना है। हर तीन माह में सक्रिय टीबी रोग खोज अभियान चलाया जाता है। जो भी मरीज निकलते है, उनका निशुल्क उपचार होता है। साथ ही पौष्टिक भोजन के लिए प्रतिमाह 500 रुपए आर्थिक सहायता के रूप में दिया जाता है। सभी प्राइवेट चिकित्सक, पैथालॉजी संचालकों को भी निर्देशित किया है कि कोई संदिग्ध टीबी रोगी आता है तो उसकी सूचना नोडल सेंटर व जिला क्षय रोग केंद्र को दें।
- डॉ. सुनील भारतीय, मुख्य चिकित्साधिकारी
..........................
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed