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हाकिम, कप्तान के तबादले से भड़का आक्रोश
अमर उजाला ब्यूरो, फतेहपुर
Updated Thu, 17 Sep 2015 11:44 PM IST
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डीएम पुष्पा सिंह, एसपी अनीस अहमद अंसारी व सीडीओ भवानी सिंह के बुधवार देर शाम हुए तबादले से लोगों में आक्रोश है। राजनीतिक व गैर राजनीतिक संगठनों के अलावा आम शख्स सड़कों पर उतर करके विरोध जताते हुए अधिकारियों की दोबारा तैनाती की मांग की। नहर कालोनी में सर्वदलीय धरना प्रदर्शन करके 24 घंटे के अंदर तबादला निरस्त करने की आवाज बुलंद की गई। शाम को चौक से जुलूस निकाल करके शुक्रवार को बाजार बंदी करने के लिए सहयोग मांगा गया।
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जिला उद्योग व्यापार मंडल, अखिल भारतीय वैश्य एकता परिषद, ट्रेडर्स एंड इंडस्ट्रीज वेलफेयर एसोसिएशन, फतेहपुर प्राइवेट बस एसोसिएशन, भाजपा व कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने शासन से तबादले निरस्त किए जाने की मांग की। व्यापारी संगठनों ने स्थानांतरण के विरोध में शुक्रवार को बाजार बंद रखने का आह्वान किया।
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गुरुवार को विभिन्न संगठनों से जुड़े लोग नहर कालोनी धरना स्थल पहुंचे। जिला उद्योग व्यापार मंडल अध्यक्ष किशन मेहरोत्रा ने कहा कि तीनों अधिकारियों ने लंबे समय बाद जिले की जनता को संतुष्ट करने में कामयाबी हासिल की थी, जिसे शासन ने अपने फैसले से हाशिए पर ला दिया। डीएम व सीडीओ ने जहां विकासपरक योजनाओं को सही ढंग से लागू कराने में महती भूमिका निभाई तो भ्रष्टाचार को खत्म करने में भी कसर नहीं छोड़ी। भाजपा नेता अरविंद बाजपेई ने कहा कि सपा नेताओं के इशारे पर तीनों अधिकारियों का स्थानांतरण किया गया है। इससे जिले की जनता में नाराजगी है। फतेहपुर प्राइवेट बस एसोसिएशन के अध्यक्ष फरहत अली ने सरकार पर प्रहार किए। विभिन्न संगठनों के कार्यकर्ताओं व पदाधिकारियों ने एएसडीएम को मुख्यमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन सौंपा। जिसमें 24 घंटे के अंदर स्थानांतरण न रोके जाने पर बड़े आंदोलन की बात कही गई है। इस मौके पर कांग्रेस नेता अरुण जायसवाल, भाजपा से प्रेमा ङ्क्षसह राठौर, उर्मिला वर्मा, सोमवती निषाद, रीतू वर्मा, माया पांडेय, राम कली, अन्नू सविता, ममता सिंह, गायत्री सिंह, सेराज अहमद खान, गिरजा शंकर सोनी, राजेश वर्मा, चंदन सिंह चौहान, मनोज साहू, अभिषेक रायजादा, राम प्रकाश गुप्ता, प्रेमदत्त उमराव, अश्वनी श्रीवास्तव, सलीम मिर्जा, जावेद अहमद मुख्य रूप से मौजूद रहे।
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बाजार बंदी के समर्थन में निकला जुलूस
प्रदेश सरकार के फैसले के खिलाफ विभिन्न संगठनों ने वाहन जुलूस निकाल करके शुक्रवार को बाजार बंदी का आह्वान किया गया। जुलूस में शामिल लोगों ने व्यापारियों से सहयोग मांग करके आंदोलन को धार देने की बात रखी। जुलूस शहर के चौक बाजार से निकाला गया। लालाबाजार, पत्थरकटा चौराहा होते हुए पटेल नगर पहुंचे जुलूस को सभा में तब्दील कर दिया गया। यहां पर संगठनों से जुड़े लोगों ने प्रदेश सरकार की जनपद के डीएम, एसपी व सीडीओ के विरुद्ध हुई कार्रवाई का विरोध जताया।
वकील भी सरकार की कार्रवाई से नाराज
डिस्ट्रिक्ट बार एसोसिएशन ने भी जिले के उच्चाधिकारियों के तबादले के खिलाफ आवाज उठाई। एसोसिएशन की गोष्ठी में अध्यक्ष प्रेम शंकर त्रिवेदी ने कहा डीएम, एसपी व सीडीओ के स्थानांतरण को राजनीति से जोड़ते हुए कहा कि तीनों अधिकारी जिले के लिए काम कर रहे थे, जो सपा नेताओं को रास नहीं आया। इस मौके पर प्रेम कुमार पांडेय, इंद्र कुमार चौहान आदि अधिवक्ता मौजूद रहे।
छात्रों ने भी जताया विरोध
शासन के फैसले के विरोध में छात्र संगठन भी आ गए हैं। हिकमत उल्ला पार्क में छात्र नेता अहसास खान की अध्यक्षता में एक बैठक बुला करके प्रदेश सरकार के फैसले की कटु शब्दों में निंदा की गई। छात्र नेताओं ने कहा कि सरकार ने ऐसे अधिकारियों पर कार्रवाई की गाज गिराई ह,ै जो जनता की एक आवाज पर सामने खड़े होते रहे हैं। यहां पर अभिषेक यादव, आशीष ङ्क्षसह, अंशू सिंह्र, दिवाकर मिश्रा समेत तमाम छात्र मौजूद रहे।
शहरकाजियों ने की निंदा
काजी-ए-शहर शहीदुल इस्लाम अब्दुल्ला ने कहा कि सरकार के इस फैसले से शहर के लोग मायूस हैं। कुछ बदकिरदार नेताओं के दबाव में लिया गया यह फैसला सरकार के खिलाफ जाएगा। इस आदेश को सरकार फौरन वापस ले। काजी-ए- शहर कारी फरीदउद्दीन कादरी ने सरकार के फैसले को गलत ठहराते हुए कहा कि डीएम, एसपी व सीडीओ ने अपने कार्यकाल में जो किया वह जनता को याद है। ऐसे ईमानदारी छवि के अधिकारियों के हटाए जाने से जिले की जनता में फिर से असुरक्षा को लेकर खौफ पैदा हो गया है। प्रदेश सरकार ने जनपद को उच्च अधिकारियों से विहीन करके रख दिया है। भाजपा के पूर्व जिला उपाध्यक्ष सुधाकर अवस्थी और होटल संचालक राधारमण द्विवेदी ने सरकार के फैसले को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि इस फैसले को सरकार वापस ले। इन अफसरों की शहर को जरूरत है।