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बरसेगी देवाधिदेव महादेव की कृपा
ब्यूरो/अमर उजाला, फतेहपुर
Updated Mon, 08 Aug 2016 01:46 AM IST
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खागा भाग्येश्वर महादेव का मंदिर।
- फोटो : अमर उजाला
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श्रावण मास का तीसरा सोमवार आज है। देवाधिदेव महादेव भगवान भोले शंकर की पूजा अर्चना को लेकर भक्तों में आस्था उमड़ रही है। श्रद्धालु शिवलिंग का जलाभिषेक कर भोले बाबा के चरणों में माथा टेकेंगे। सिद्धपीठ तांबेश्वर मंदिर समेत सभी शिवालयों में तैयारियां पूरी हो गई हैं।
रविवार शाम शहर में दूसरी कांवर यात्रा मसवानी मोहल्ले खंजड़ी नीम से भोलू गुप्ता के संचालन में निकाली गई। भिटौरा रात्रि विश्राम के बाद दूसरे दिन शहर भम्रण के बाद तांबेश्वर मंदिर पर समाप्त होगी। तीसरी कांवर यात्रा पक्का तालाब से दुर्गेश गुप्ता के संचालन में शुरू हुई। गंगाजल लेकर कांवरिये वापस दूसरे दिन शहर भम्रण कर तांबेश्वर मंदिर जाएंगे।
कांवरिये गंगा जल लाकर शिवजी का जलाभिषेक करेंगे। डीजे की धुन में गीत संगीत के बीच नाचते गाते हुए कांवरिये भिटौरा गए। इस दौरान भगवान शंकर की झांकी आकर्षण का केंद्र रही। जगह- जगह श्रद्धालुओं ने झांकी रोककर पूजा अर्चना की। भोर पहर से ही भगवान के जलाभिषेक के लिए मंदिरों के कपाट खोले जाएंगे। शहर के जीटी रोड में बड़े शिवाला मंदिर में सुबह और शाम आरती होगी, यहां काफी संख्या में भक्त सुबह शाम जलाभिषेक करने आते हैं।
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इसी प्रकार बांदा- सागर रोड स्थित मोटेश्वर महादेव मंदिर में भीड़ रहेगी। आचार्य पंडित कृष्ण दत्त अवस्थी ने बताया कि ओम नम: शिवाय का जाप करने से महादेव हर मुराद पूरी करते हैं। बेल पत्र के वृक्ष के नीचे शिवलिंग की पूजा करने से सभी मनोकामना पूरी होती हैं। बेल पत्र की जड़ का जल सिर पर लगाने से सभी तीर्थों की यात्रा का पुण्य मिलता है। तीसरे सोमवार को खड़ी मूंग अर्पण करना चाहिए।
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आठ घाटों पर सुरक्षा के इंतजाम पूरे- फतेहपुर। सावन के तीसरे सोमवार की पूर्व संध्या से जिले के प्रमुख घाटों और हाईवे मार्ग पर सुरक्षा व्यवस्था की चौकसी बढ़ाई गई है। पुलिस अधीक्षक कलानिधि नैथानी ने बताया कि जिले के प्रमुख घाटों भिटौरा, ओम घाट, असनी, शिवराजपुर, नौबस्ता, शिवमंदिर, सभा घाट, गुनीर में 24 घंटे पुलिस ड्यूटी लगाई है, यहां एक दरोगा व सिपाही की तैनाती की गई है।
टीएसआई के अंडर में 27 प्रशिक्षु दरोगा हाईवे मार्ग पर लगाए गए हैं। यह सभी जगहों से निकलने वाले जुलूसों पर निगरानी करेंगे। जुलूस को हाईवे पार कराने व सुरक्षित घाटों तक पहुंचाएंगे। हाईवे पर कांवर यात्रा के कलस्टर मोबाइल गश्त करेंगे। छह बाइक मोबाइल हाइवे पर गश्त करेगी। किसी भी तरह की जुलूस व कांवर यात्रा निकलने पर सूचना देगी और सुरक्षा व्यवस्था पुख्ता की जाएगी।
भाग्येश्वर मंदिर में शिव का अर्धनारीश्वर स्वरूप- सलवन गांव के प्राचीन भाग्येश्वर महादेव मंदिर लोगों की श्रद्धा, आस्था व भक्ति का केंद्र बना है। खुले आसमान के नीचे पाताल से निकली शिवलिंग में भगवान शंकर एवं पार्वती की अर्धनारीश्वर स्वरूप की युगल प्रतिमा है। सावन मास में सुबह शाम आरती एवं कीर्तन होती है। भक्तों का मानना है कि भाग्येश्वर महादेव की कृपा से गांव के अधिकांश परिवारों के दो -तीन सदस्य राजकीय सेवाओं में कार्यरत हैं।
गांव के मध्य जमीन से 15 फीट ऊंचे पर पीपल वृक्ष के नीचे भाग्येश्वर महादेव का मंदिर स्थित है। सावन माह में गांव सहित आसपास लोहारपुर, महेड़ी, सोथरापुर, बैरी, शिवपुरी, चकिया आदि गांव के लोग बड़े ही श्रद्धा भाव और आस्था के साथ पैदल आकर शिवलिंग का जलाभिषेक करते हैं और मनोकामना पूरी होने के लिए विनती करते हैं। महाशिवरात्रि पर्व पर जलाभिषेक के बाद भक्त माथा टेकते हैं।
गांव के इंद्रेश पांडेय, प्रेमचंद्र मिश्रा, बुद्दा महराज और लोहारपुर के गणेश प्रसाद मिश्रा ने बताया कि भगवान शिव के चरणों में सच्चे मन से की गई प्रार्थना जरूर पूरी होती है। लोगों ने बताया कि सावन माह और शिवरात्रि के अलावा सभी त्योहारों पर विशेष रूप से पूजा होती है।
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रविवार शाम शहर में दूसरी कांवर यात्रा मसवानी मोहल्ले खंजड़ी नीम से भोलू गुप्ता के संचालन में निकाली गई। भिटौरा रात्रि विश्राम के बाद दूसरे दिन शहर भम्रण के बाद तांबेश्वर मंदिर पर समाप्त होगी। तीसरी कांवर यात्रा पक्का तालाब से दुर्गेश गुप्ता के संचालन में शुरू हुई। गंगाजल लेकर कांवरिये वापस दूसरे दिन शहर भम्रण कर तांबेश्वर मंदिर जाएंगे।
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कांवरिये गंगा जल लाकर शिवजी का जलाभिषेक करेंगे। डीजे की धुन में गीत संगीत के बीच नाचते गाते हुए कांवरिये भिटौरा गए। इस दौरान भगवान शंकर की झांकी आकर्षण का केंद्र रही। जगह- जगह श्रद्धालुओं ने झांकी रोककर पूजा अर्चना की। भोर पहर से ही भगवान के जलाभिषेक के लिए मंदिरों के कपाट खोले जाएंगे। शहर के जीटी रोड में बड़े शिवाला मंदिर में सुबह और शाम आरती होगी, यहां काफी संख्या में भक्त सुबह शाम जलाभिषेक करने आते हैं।
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इसी प्रकार बांदा- सागर रोड स्थित मोटेश्वर महादेव मंदिर में भीड़ रहेगी। आचार्य पंडित कृष्ण दत्त अवस्थी ने बताया कि ओम नम: शिवाय का जाप करने से महादेव हर मुराद पूरी करते हैं। बेल पत्र के वृक्ष के नीचे शिवलिंग की पूजा करने से सभी मनोकामना पूरी होती हैं। बेल पत्र की जड़ का जल सिर पर लगाने से सभी तीर्थों की यात्रा का पुण्य मिलता है। तीसरे सोमवार को खड़ी मूंग अर्पण करना चाहिए।
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आठ घाटों पर सुरक्षा के इंतजाम पूरे- फतेहपुर। सावन के तीसरे सोमवार की पूर्व संध्या से जिले के प्रमुख घाटों और हाईवे मार्ग पर सुरक्षा व्यवस्था की चौकसी बढ़ाई गई है। पुलिस अधीक्षक कलानिधि नैथानी ने बताया कि जिले के प्रमुख घाटों भिटौरा, ओम घाट, असनी, शिवराजपुर, नौबस्ता, शिवमंदिर, सभा घाट, गुनीर में 24 घंटे पुलिस ड्यूटी लगाई है, यहां एक दरोगा व सिपाही की तैनाती की गई है।
टीएसआई के अंडर में 27 प्रशिक्षु दरोगा हाईवे मार्ग पर लगाए गए हैं। यह सभी जगहों से निकलने वाले जुलूसों पर निगरानी करेंगे। जुलूस को हाईवे पार कराने व सुरक्षित घाटों तक पहुंचाएंगे। हाईवे पर कांवर यात्रा के कलस्टर मोबाइल गश्त करेंगे। छह बाइक मोबाइल हाइवे पर गश्त करेगी। किसी भी तरह की जुलूस व कांवर यात्रा निकलने पर सूचना देगी और सुरक्षा व्यवस्था पुख्ता की जाएगी।
भाग्येश्वर मंदिर में शिव का अर्धनारीश्वर स्वरूप- सलवन गांव के प्राचीन भाग्येश्वर महादेव मंदिर लोगों की श्रद्धा, आस्था व भक्ति का केंद्र बना है। खुले आसमान के नीचे पाताल से निकली शिवलिंग में भगवान शंकर एवं पार्वती की अर्धनारीश्वर स्वरूप की युगल प्रतिमा है। सावन मास में सुबह शाम आरती एवं कीर्तन होती है। भक्तों का मानना है कि भाग्येश्वर महादेव की कृपा से गांव के अधिकांश परिवारों के दो -तीन सदस्य राजकीय सेवाओं में कार्यरत हैं।
गांव के मध्य जमीन से 15 फीट ऊंचे पर पीपल वृक्ष के नीचे भाग्येश्वर महादेव का मंदिर स्थित है। सावन माह में गांव सहित आसपास लोहारपुर, महेड़ी, सोथरापुर, बैरी, शिवपुरी, चकिया आदि गांव के लोग बड़े ही श्रद्धा भाव और आस्था के साथ पैदल आकर शिवलिंग का जलाभिषेक करते हैं और मनोकामना पूरी होने के लिए विनती करते हैं। महाशिवरात्रि पर्व पर जलाभिषेक के बाद भक्त माथा टेकते हैं।
गांव के इंद्रेश पांडेय, प्रेमचंद्र मिश्रा, बुद्दा महराज और लोहारपुर के गणेश प्रसाद मिश्रा ने बताया कि भगवान शिव के चरणों में सच्चे मन से की गई प्रार्थना जरूर पूरी होती है। लोगों ने बताया कि सावन माह और शिवरात्रि के अलावा सभी त्योहारों पर विशेष रूप से पूजा होती है।