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भक्तों ने लगाई आस्था की डुबकी
ब्यूरो, अमर उजाला फतेहपुर
Updated Tue, 09 Feb 2016 12:45 AM IST
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गंगा घाटों में भोर पहर से हर हर महादेव और हर हर
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गंगे की गूंज शुरू हो गई। मौनी और सोमवती अमावस्या एक ही दिन पड़ने से
भक्तों में खासा उत्साह देखने को मिला। घाटों में भक्तों का ऐसा सैलाब
उमड़ा कि पुलिस को व्यवस्था संभालने में पसीने छूट गए। भक्तों ने गंगा
स्नान करने के बाद पूजा अर्चना की और गरीबों को दान देकर पुण्य कमाया।
सोमवार को भोर पहर से ही लोग बसों, टेंपो, ट्रैक्टर और निजी वाहनों से गंगा स्नान करने घाट पहुंचे। भिटौरा स्थित ओम घाट में गंगा स्नान करने वालों का सैलाब उमड़ा। घाट पर मेला भी लगा जिसमें लोगों ने अपने उपयोग की वस्तुएं खरीदी।
इसके साथ ही लोगों ने चाट, पकौड़ी, आइसक्रीम का भी आनंद लिया। वहीं सोमवती अमावस्या पर सुहागिन महिलाओं ने पीपड़ के पेड़ में 108 फेरी लगाई और कन्याओं को दान दक्षिणा देकर ईश्वर से घर परिवार के सुख समृद्धि की कामना की।
मुराइनटोला स्थित हनुमान मंदिर, कलक्टरगंज स्थित साईं मंदिर, शीतला मंदिर, कालिकन मंदिर, तांबेश्वर मंदिर, दुर्गा मंदिरों में दिन भर महिलाएं पहुंची और पूजा अर्चना की। आचार्य पंडित कृष्ण दत्त अवस्थी ने बताया कि यह शुभ दिन बीस वर्ष बाद आया है। सोमवती अमावस्या सर्वश्रेष्ठ अमावस्या मानी गई है।
सोमवार को भोर पहर से ही लोग बसों, टेंपो, ट्रैक्टर और निजी वाहनों से गंगा स्नान करने घाट पहुंचे। भिटौरा स्थित ओम घाट में गंगा स्नान करने वालों का सैलाब उमड़ा। घाट पर मेला भी लगा जिसमें लोगों ने अपने उपयोग की वस्तुएं खरीदी।
इसके साथ ही लोगों ने चाट, पकौड़ी, आइसक्रीम का भी आनंद लिया। वहीं सोमवती अमावस्या पर सुहागिन महिलाओं ने पीपड़ के पेड़ में 108 फेरी लगाई और कन्याओं को दान दक्षिणा देकर ईश्वर से घर परिवार के सुख समृद्धि की कामना की।
मुराइनटोला स्थित हनुमान मंदिर, कलक्टरगंज स्थित साईं मंदिर, शीतला मंदिर, कालिकन मंदिर, तांबेश्वर मंदिर, दुर्गा मंदिरों में दिन भर महिलाएं पहुंची और पूजा अर्चना की। आचार्य पंडित कृष्ण दत्त अवस्थी ने बताया कि यह शुभ दिन बीस वर्ष बाद आया है। सोमवती अमावस्या सर्वश्रेष्ठ अमावस्या मानी गई है।