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प्रयागराज से आई एसडीआरएफ टीम के सामने ढहाई इमारत
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चौक का गिरता माकान। संवाद
- फोटो : FATEHPUR
फतेहपुर। चौक बाजार में सौ साल पुरानी जर्जर इमारत रविवार को गिरा दी गई। एसडीआरएफ की मदद से करीब आठ घंटे तक भवन का गिराने का काम चला। तहसील, नगर पालिका के अधिकारी और पुलिस भी मौजूद रही।
चौक बाजार में सराफ और कपड़ा कारोबारी रमेश चंद्र रस्तोगी की करीब 100 साल पुरानी तीन मंजिला इमारत का एक हिस्सा शनिवार को गिर गया था। इमारत का काफी हिस्सा लटक भी गया था। जर्जर इमारत राहगीरों के लिए खतरा बन गई थी। तहसील प्रशासन और नगर पालिका टीम शनिवार शाम तक लटके हिस्से को गिराने की कोशिश में लगी रही, लेकिन सफलता नहीं मिली।
रविवार को प्रयागराज से एसडीआरएफ (राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल) बुलाई गई। दोपहर करीब 12 बजे प्लाटून कमांडर श्याम बाबू टीम के साथ पहुंचे। नायब तहसीलदार विकास पांडेय, चौकी इंचार्ज अनिरुद्ध द्विवेदी, नगर पालिका से दिलशाद अहमद भी पहुंच गए। मजदूरों को लगाकर इमारत के कुछ हिस्से को धीरे-धीरे गिराया गया। इसके बाद शेष हिस्सा हाइड्रा मशीन लगाकर हिस्सा ढहा दिया गया। इमारत गिराने का काम करीब आठ घंटे तक चला। इससे देर शाम तक इमारत के पास मार्ग पर आवागमन बंद रखा गया। कोतवाल सत्येन्द्र सिंह ने बताया टीमों की मदद से इमारत को ढहाया गया है।
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चौक बाजार में सराफ और कपड़ा कारोबारी रमेश चंद्र रस्तोगी की करीब 100 साल पुरानी तीन मंजिला इमारत का एक हिस्सा शनिवार को गिर गया था। इमारत का काफी हिस्सा लटक भी गया था। जर्जर इमारत राहगीरों के लिए खतरा बन गई थी। तहसील प्रशासन और नगर पालिका टीम शनिवार शाम तक लटके हिस्से को गिराने की कोशिश में लगी रही, लेकिन सफलता नहीं मिली।
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रविवार को प्रयागराज से एसडीआरएफ (राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल) बुलाई गई। दोपहर करीब 12 बजे प्लाटून कमांडर श्याम बाबू टीम के साथ पहुंचे। नायब तहसीलदार विकास पांडेय, चौकी इंचार्ज अनिरुद्ध द्विवेदी, नगर पालिका से दिलशाद अहमद भी पहुंच गए। मजदूरों को लगाकर इमारत के कुछ हिस्से को धीरे-धीरे गिराया गया। इसके बाद शेष हिस्सा हाइड्रा मशीन लगाकर हिस्सा ढहा दिया गया। इमारत गिराने का काम करीब आठ घंटे तक चला। इससे देर शाम तक इमारत के पास मार्ग पर आवागमन बंद रखा गया। कोतवाल सत्येन्द्र सिंह ने बताया टीमों की मदद से इमारत को ढहाया गया है।
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