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बस का पीछा कर रहे जवान की मौत
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ममेरे भाई की शादी में शामिल होने आ रहे बीएसएफ जवान की रविवार रात सड़क हादसे में मौत हो गई। परिवार में खुशियां का माहौल मातम में तब्दील हो गया। बीएसएफ जवानों की एक यूनिट सोमवार शाम गांव पहुंची और साथी जवान को सलामी देकर अंतिम विदाई दी। हादसे के वक्त बीएसएफ जवान हेलमेट नहीं लगाए था।
बकेवर थानाक्षेत्र के पधारा गांव निवासी प्रमोद द्विवेदी (40) पुत्र कमल किशोर द्विवेदी झारखंड प्रांत में हजारीबाग 40वीं बटालियन बीएसएफ में हवलदार के पद पर तैनात थे। ममेरे भाई की 25 नवंबर को होने वाली शादी में शामिल होने के लिए अवकाश पर आए थे। वह रोडवेज बस से रविवार देर शाम चौडगरा कस्बे में उतरे।
उनका एक बैग बस में ही छूट गया। तभी परिचित के व्यक्ति से कुछ देर के लिए बाइक मांगी और बाइक से बस का पीछा करने लगे। बिंदकी कोतवाली क्षेत्र के तेंदुली गांव के पास रात करीब आठ बजे हादसे का शिकार हो गए। सीएचसी बिंदकी में डॉक्टर ने हालत नाजुक देखकर कानपुर रेफर किया। उनकी कार्डियोलॉजी के पास ही सांसे थम गईं। परिजन पोस्टमार्टम के बाद शाम को शव गांव लेकर पहुंचे।
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हवलदार की पत्नी गौरी का रो-रोकर बदहवास हो गईं। उनकी एक बेटी वंशिका (12) व बेटा वंश (6) हैं। दोनों पिता की मौत से अंजान थे। जवान की मौत से गांव का माहौल गमगीन हो गया। गांव में सुबह हादसे की खबर फैली तो प्रमोद के दरवाजे पर भीड़ जुट गई। चहल-कदमी थम सी गई। कोतवाल सत्येंद्र सिंह ने बताया कि हादसा किस वाहन से हुआ यह किसी ने नहीं देखा है। कई तरह की चर्चाएं हो रही हैं। मवेशी से टकराने, कार की टक्कर से मौत होने की चर्चा आई है। अज्ञात वाहन के खिलाफ तहरीर दी गई है। बीएसएफ जवान हेलमेट नहीं लगाए था।
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बकेवर थानाक्षेत्र के पधारा गांव निवासी प्रमोद द्विवेदी (40) पुत्र कमल किशोर द्विवेदी झारखंड प्रांत में हजारीबाग 40वीं बटालियन बीएसएफ में हवलदार के पद पर तैनात थे। ममेरे भाई की 25 नवंबर को होने वाली शादी में शामिल होने के लिए अवकाश पर आए थे। वह रोडवेज बस से रविवार देर शाम चौडगरा कस्बे में उतरे।
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उनका एक बैग बस में ही छूट गया। तभी परिचित के व्यक्ति से कुछ देर के लिए बाइक मांगी और बाइक से बस का पीछा करने लगे। बिंदकी कोतवाली क्षेत्र के तेंदुली गांव के पास रात करीब आठ बजे हादसे का शिकार हो गए। सीएचसी बिंदकी में डॉक्टर ने हालत नाजुक देखकर कानपुर रेफर किया। उनकी कार्डियोलॉजी के पास ही सांसे थम गईं। परिजन पोस्टमार्टम के बाद शाम को शव गांव लेकर पहुंचे।
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हवलदार की पत्नी गौरी का रो-रोकर बदहवास हो गईं। उनकी एक बेटी वंशिका (12) व बेटा वंश (6) हैं। दोनों पिता की मौत से अंजान थे। जवान की मौत से गांव का माहौल गमगीन हो गया। गांव में सुबह हादसे की खबर फैली तो प्रमोद के दरवाजे पर भीड़ जुट गई। चहल-कदमी थम सी गई। कोतवाल सत्येंद्र सिंह ने बताया कि हादसा किस वाहन से हुआ यह किसी ने नहीं देखा है। कई तरह की चर्चाएं हो रही हैं। मवेशी से टकराने, कार की टक्कर से मौत होने की चर्चा आई है। अज्ञात वाहन के खिलाफ तहरीर दी गई है। बीएसएफ जवान हेलमेट नहीं लगाए था।