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ददुआ की मूर्तिं स्थापित करने की जगह तय
ब्यूरो, अमर उजाला, फतेहपुर
Updated Wed, 10 Feb 2016 12:40 AM IST
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शिवहरे रामजानकी हनुमान मंदिर कबहरा में ददुआ और उनके
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परिजनों की मूर्ति स्थापना की जगह तय हो चुकी है। माना जा रहा है कि
धार्मिक महोत्सव के आखिरी दिन तक शासन व प्रशासन से भी रजामंदी मिल जाएगी।
दस्यु शिव कुमार पटेल उर्फ ददुआ की ओर से बनाए गए मंदिर में उसके परिजन मूर्ति लगवा रहे हैं। इन मूर्तियों में ददुआ, उसकी पत्नी और माता-पिता की मूर्ति शामिल है।
तीन दिन पहले जयपुर से करीब 40 लाख की लागत से तैयार मूर्तिंया मंदिर परिसर में आ चुकी हैं। सूत्रों की माने तो शिवहरे रामजानकी हनुमान मंदिर के गेट में घुसने पर बाएं व दाएं में इन मूर्तियों को लगाया जाएगा।
इसमें दक्षिण दिशा में ददुआ के माता-पिता की मूर्तियां स्थापित होगी जबकि उत्तर की दिशा में ददुआ व उनकी पत्नी की मूर्ति लगेगी। मंदिर में दस्यु और उनके परिजनों की मूर्ति लगाने के मामले में मचे हो-हल्ला को विराम देने के लिए धार्मिक महोत्सव के आयोजक नियम कायदे के अनुरूप स्थापना कराने की कोशिशों में लगे हैं।
माना जा रहा है कि इसका फैसला 13 फरवरी तक हो जाएगा और 14 को भव्य आयोजन होगा। क्षेत्र के लोग भी ददुआ के समर्थक हैं। लोगों का कहना है कि ददुआ ने क्षेत्र में ऐसा कुछ नहीं किया, जिससे विरोध हो।
ददुआ के भाई पूर्व सांसद बाल कुमार पटेल का कहना है कि माता-पिता की मूर्तियां स्थापित होने से कोई रोक नहीं पाएगा। जहां तक सवाल भाई ददुआ और भाभी की मूर्ति स्थापना की है तो उसके लिए शासन-प्रशासन से बात चल रही है। उम्मीद है कि जनता की मंशा पूरी होगी।
दस्यु शिव कुमार पटेल उर्फ ददुआ की ओर से बनाए गए मंदिर में उसके परिजन मूर्ति लगवा रहे हैं। इन मूर्तियों में ददुआ, उसकी पत्नी और माता-पिता की मूर्ति शामिल है।
तीन दिन पहले जयपुर से करीब 40 लाख की लागत से तैयार मूर्तिंया मंदिर परिसर में आ चुकी हैं। सूत्रों की माने तो शिवहरे रामजानकी हनुमान मंदिर के गेट में घुसने पर बाएं व दाएं में इन मूर्तियों को लगाया जाएगा।
इसमें दक्षिण दिशा में ददुआ के माता-पिता की मूर्तियां स्थापित होगी जबकि उत्तर की दिशा में ददुआ व उनकी पत्नी की मूर्ति लगेगी। मंदिर में दस्यु और उनके परिजनों की मूर्ति लगाने के मामले में मचे हो-हल्ला को विराम देने के लिए धार्मिक महोत्सव के आयोजक नियम कायदे के अनुरूप स्थापना कराने की कोशिशों में लगे हैं।
माना जा रहा है कि इसका फैसला 13 फरवरी तक हो जाएगा और 14 को भव्य आयोजन होगा। क्षेत्र के लोग भी ददुआ के समर्थक हैं। लोगों का कहना है कि ददुआ ने क्षेत्र में ऐसा कुछ नहीं किया, जिससे विरोध हो।
ददुआ के भाई पूर्व सांसद बाल कुमार पटेल का कहना है कि माता-पिता की मूर्तियां स्थापित होने से कोई रोक नहीं पाएगा। जहां तक सवाल भाई ददुआ और भाभी की मूर्ति स्थापना की है तो उसके लिए शासन-प्रशासन से बात चल रही है। उम्मीद है कि जनता की मंशा पूरी होगी।