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सहमति पर लाउडस्पीकर हटा, टला विवाद
अमर उजाला ब्यूरो फतेहपुर
Updated Sat, 18 Mar 2017 12:46 AM IST
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चुरियानी गांव में लगी पंचायत में दोनों पक्षों की सुनवाई करते सीओ, एसडीएम
- फोटो : अमर उजाला
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थाना क्षेत्र के चुरियानी गांव में मदरसे में लाउडस्पीकर लगाने को लेकर शुक्रवार को दो वर्गों में तनाव के हालात पैदा हो गए। सूचना पर सीओ, एसडीएम व कई थानों का फोर्स मौके पर पहुंचा। सूचना पर भाजपा विधायक भी पहुंचे और पंचायत लगाई गई। पंचायत में लाउडस्पीकर हटाने और नमाज न पढ़े जाने के समझौते पर विवाद शांत हुआ। गांव में पुलिस बल तैनात किया गया है। कार्यवाहक एसओ सत्यपाल सिंह ने बताया कि पुलिस ने हंगामा करने वालों का वीडियो तैयार किया है। करीब 50 लोगों केशांतिभंग की कार्रवाई होगी।
चुरियानी गांव के इदरीश व एकराम मदरसे के प्रबंधक हैं। उन्होंने 2008 में गरीब नवाज अहले सुन्नत नाम से मदरसा खोला था। आठ माह पहले भी मदरसे में लाउडस्पीकर लगाने को लेकर विवाद हुआ था। बाद में पुलिस ने लाउडस्पीकर हटवाया था। पुलिस ने केवल त्योहार पर छूट दी थी। करीब एक माह पहले दोबारा लाउडस्पीकर लगा लिए गए। दूसरे पक्ष के प्रधान मुनेश्वर, जमुना प्रसाद व ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि मदरसा बच्चों को पढ़ाने के लिए होता है। कुछ दिन से मदरसे में अजान कराई जा रही थी। तीन दिन पहले लाउडस्पीकर लगाया है और उससे ही अजान कराई जा रही है। जबकि अजान मसजिदों में पढ़ी और पढ़ाई जाती है। गांव में इसी बात को लेकर दोनों वर्गों के लोग दोपहर को जुटने लगे। पक्षों के बीच नोंकझोंक होने खबर पर कार्यवाहक एसओ सत्यपाल सिंह फोर्स के साथ पहुंचे।
काफी संख्या में भीड़ देखकर पुलिस फोर्स को बुलाया। मौके पर भाजपा विधायक विकास गुप्ता उर्फ बबलू भी पहुंचे। सीओ मदन सिंह और एसडीएम अभिनव रंजन ने दोनों पक्षों के साथ पंचायत लगाई। सीओ ने बताया दोनों पक्षों को परंपरागत जगह छोड़कर नए स्थान पर लाउडस्पीकर लगाने और बजाने से रोका गया है। लाउडस्पीकर बजाने के लिए पुलिस प्रशासन से अनुमति लेनी होगी। अजान व नमाज पढ़ाने की नई परंपरा पर भी रोक लगाई है। इसके बाद झंडे हटाने की भी बात आई लेकिन उसे प्रशासन ने मानने से मना कर दिया। दोनों पक्षों की सहमति होने पर मामला शांत हो सका। कार्यवाहक एसओ सत्यपाल सिंह ने बताया कि पुलिस ने हंगामा करने वालों का वीडियो तैयार किया है। करीब 50 लोगों केशांतिभंग की कार्रवाई होगी।
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चुरियानी गांव के इदरीश व एकराम मदरसे के प्रबंधक हैं। उन्होंने 2008 में गरीब नवाज अहले सुन्नत नाम से मदरसा खोला था। आठ माह पहले भी मदरसे में लाउडस्पीकर लगाने को लेकर विवाद हुआ था। बाद में पुलिस ने लाउडस्पीकर हटवाया था। पुलिस ने केवल त्योहार पर छूट दी थी। करीब एक माह पहले दोबारा लाउडस्पीकर लगा लिए गए। दूसरे पक्ष के प्रधान मुनेश्वर, जमुना प्रसाद व ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि मदरसा बच्चों को पढ़ाने के लिए होता है। कुछ दिन से मदरसे में अजान कराई जा रही थी। तीन दिन पहले लाउडस्पीकर लगाया है और उससे ही अजान कराई जा रही है। जबकि अजान मसजिदों में पढ़ी और पढ़ाई जाती है। गांव में इसी बात को लेकर दोनों वर्गों के लोग दोपहर को जुटने लगे। पक्षों के बीच नोंकझोंक होने खबर पर कार्यवाहक एसओ सत्यपाल सिंह फोर्स के साथ पहुंचे।
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काफी संख्या में भीड़ देखकर पुलिस फोर्स को बुलाया। मौके पर भाजपा विधायक विकास गुप्ता उर्फ बबलू भी पहुंचे। सीओ मदन सिंह और एसडीएम अभिनव रंजन ने दोनों पक्षों के साथ पंचायत लगाई। सीओ ने बताया दोनों पक्षों को परंपरागत जगह छोड़कर नए स्थान पर लाउडस्पीकर लगाने और बजाने से रोका गया है। लाउडस्पीकर बजाने के लिए पुलिस प्रशासन से अनुमति लेनी होगी। अजान व नमाज पढ़ाने की नई परंपरा पर भी रोक लगाई है। इसके बाद झंडे हटाने की भी बात आई लेकिन उसे प्रशासन ने मानने से मना कर दिया। दोनों पक्षों की सहमति होने पर मामला शांत हो सका। कार्यवाहक एसओ सत्यपाल सिंह ने बताया कि पुलिस ने हंगामा करने वालों का वीडियो तैयार किया है। करीब 50 लोगों केशांतिभंग की कार्रवाई होगी।
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