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इंजीनियर हत्याकांड का मास्टर माइंड ठेकेदार गिरफ्तार
Fri, 07 Jun 2019 11:57 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा
fatehpur
fatehpur
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Fri, 07 Jun 2019 11:57 PM IST
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हत्याकांड का मास्टर माइंड ठेकेदार आयुष शर्मा। अमर उजाला
- फोटो : amarujala
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फतेहपुर। इंजीनियर अजय हत्याकांड के 23 दिन बाद मुख्य आरोपी मास्टर माइंड ठेकेदार आयुष शर्मा पुलिस के हत्थे चढ़ गया। वह कोर्ट में सरेंडर करने की तैयारी में था। पुलिस ने परदेशी ढाबा के पास से आरोपी को दबोच लिया। पूछताछ में उसने पुलिस को बताया कि उसने लोगों को इंजीनियर को धमकाने के लिए भेजा था लेकिन उन लोगों ने उसकी हत्या कर दी। पूछताछ के बाद ठेकेदार को जेल भेज दिया गया। अभी इस मामले में एक और आरोपी फ रार चल रहा है। पूछताछ में करीब दस लाख रुपये का नुकसान होने की बात पर विवाद और हत्या की बात उजागर हुई है।
फिरोजाबाद जिले के शिकोहाबाद थाना क्षेत्र के रामनगर निवासी अजय सिंह जीएमआर कंपनी के इंजीनियर थे। रेलवे फ्रंट कॉरिडोर में पुल निर्माण का पर्यवेक्षण करते थे। इंजीनियर अजय 14 मई को बोलेरो से एकारी प्लांट जा रहे थे। एकारी गांव के पास बाइक सवार बदमाशों ने बोलेरो रुकवाई और एक ही गोली में इंजीनियर की हत्या कर दी। मामले में ठेकेदार आयुष शर्मा से भुगतान का विवाद होना सामने आया था। इसी मामले में वारदात के समय मौजूद रहे ठेकेदार के कार चालक मनीष जाधव निवासी जसवंत नगर इटावा, शहर के मऊ निवासी लंबू, ठेकेदार के मेठ खागा निवासी मुखिया जेल भेजे जा चुके हैं। वहीं फिरोजाबाद के दक्षिणी थाना निवासी सुुनील जाधव और ठेकेदार आयुष शर्मा फरार थे।
थानेदार संतोष शर्मा ने बताया कि ठेकेदार को बिलंदा के परदेशी ढाबे के पास से शुक्रवार सुबह गिरफ्तार किया गया। ठेकेदार की धरपकड़ के लिए निरीक्षक अमित पांडेय, उपनिरीक्षक धीरेंद्र सिंह की टीम लगी थी। ठेकेदार ने कोर्ट में सरेंडर करने के लिए आवेदन पहले से डाल रखा था। इससे पुलिस को ठेकेदार के आसपास होने का पता लग चुका था।
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पुलिस की पूछताछ में ठेकेदार आयुष ने बताया कि उसकी ठेकेदार को जान से मारने की नीयत नहीं थी। धमकाने के लिए अपने लोग भेजे थे। हत्याकांड के समय वह मुरादीपुर साइट पर था। वह चालक मनीष से मोबाइल में संपर्क पर था। चालक ने हत्या हो जाने की सूचना दी तो मोबाइल बंद कर फरार हो गया था। पुलिस ने आरोपी को सीजेएम कोर्ट में पेश किया। कोर्ट के आदेश पर जेल भेजा गया है।
थानेदार का कहना है कि ठेकेदार ने वारदात में शामिल सभी लोगों को अपने कारोबार में काम देने का प्रलोभन दिया था। पूछताछ में यह सामने आया कि करीब दो महीने से इंजीनियर की वजह से ठेकेदार को करीब दस लाख रुपये का नुकसान हो रहा था। अपने को बचाने के लिए ठेकेदार ने खुद को मुरादीपुर प्लांट पर सबके सामने खुद को सार्वजनिक किया था, जिससे उस पर कोई शक न कर सके।
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फिरोजाबाद जिले के शिकोहाबाद थाना क्षेत्र के रामनगर निवासी अजय सिंह जीएमआर कंपनी के इंजीनियर थे। रेलवे फ्रंट कॉरिडोर में पुल निर्माण का पर्यवेक्षण करते थे। इंजीनियर अजय 14 मई को बोलेरो से एकारी प्लांट जा रहे थे। एकारी गांव के पास बाइक सवार बदमाशों ने बोलेरो रुकवाई और एक ही गोली में इंजीनियर की हत्या कर दी। मामले में ठेकेदार आयुष शर्मा से भुगतान का विवाद होना सामने आया था। इसी मामले में वारदात के समय मौजूद रहे ठेकेदार के कार चालक मनीष जाधव निवासी जसवंत नगर इटावा, शहर के मऊ निवासी लंबू, ठेकेदार के मेठ खागा निवासी मुखिया जेल भेजे जा चुके हैं। वहीं फिरोजाबाद के दक्षिणी थाना निवासी सुुनील जाधव और ठेकेदार आयुष शर्मा फरार थे।
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थानेदार संतोष शर्मा ने बताया कि ठेकेदार को बिलंदा के परदेशी ढाबे के पास से शुक्रवार सुबह गिरफ्तार किया गया। ठेकेदार की धरपकड़ के लिए निरीक्षक अमित पांडेय, उपनिरीक्षक धीरेंद्र सिंह की टीम लगी थी। ठेकेदार ने कोर्ट में सरेंडर करने के लिए आवेदन पहले से डाल रखा था। इससे पुलिस को ठेकेदार के आसपास होने का पता लग चुका था।
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पुलिस की पूछताछ में ठेकेदार आयुष ने बताया कि उसकी ठेकेदार को जान से मारने की नीयत नहीं थी। धमकाने के लिए अपने लोग भेजे थे। हत्याकांड के समय वह मुरादीपुर साइट पर था। वह चालक मनीष से मोबाइल में संपर्क पर था। चालक ने हत्या हो जाने की सूचना दी तो मोबाइल बंद कर फरार हो गया था। पुलिस ने आरोपी को सीजेएम कोर्ट में पेश किया। कोर्ट के आदेश पर जेल भेजा गया है।
थानेदार का कहना है कि ठेकेदार ने वारदात में शामिल सभी लोगों को अपने कारोबार में काम देने का प्रलोभन दिया था। पूछताछ में यह सामने आया कि करीब दो महीने से इंजीनियर की वजह से ठेकेदार को करीब दस लाख रुपये का नुकसान हो रहा था। अपने को बचाने के लिए ठेकेदार ने खुद को मुरादीपुर प्लांट पर सबके सामने खुद को सार्वजनिक किया था, जिससे उस पर कोई शक न कर सके।