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पूर्व प्रधान को लोहिया आवास देने में फंसी कई की गर्दन
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फतेहपुर। पूर्व प्रधान को लोहिया आवास देने के मामले में शनिवार को संलिप्त रहे आधा दर्जन अधिकारियों के नाम उजागर हो गए। सीडीओ चांदनी सिंह ने अपात्र को लोहिया आवास देने में सीधे तौर पर शामिल दो अधिकारियों को चार्जशीट दे दी है। जबकि अप्रत्यक्ष रूप से शामिल रहे अधिकारियों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई के लिए शासन को पत्र लिखा है।
वित्तीय वर्ष 2013-14 में तेलियानी विकास खंड के अलादातपुर गांव के पूर्व ग्राम प्रधान नरेंद्र सिंह यादव को लोहिया आवास दे दिया गया था। अमर उजाला ने सात दिसंबर के अंक में खबर प्रकाशित की थी। आवास लेने के लिए नरेंद्र ने 36 हजार रुपये वार्षिक आमदनी का आय प्रमाण पत्र लगाया था। ग्रामीण राजकुमार मौर्य ने इसकी शिकायत की तो पूरा खेल उजागर हुआ। जांच के लिए सदर एसडीएम प्रेम प्रकाश तिवारी पहुंचे तो उन्होंने पूर्व
प्रधान की 60 हजार रुपये की आय का आंकलन किया और रिपोर्ट दी। सीडीओ ने मामले में फर्जी आय प्रमाण पत्र बनाने वाले लेखपाल, तहसीलदार, तेलियानी के बीडीओ, पंचायत अधिकारी व लोहिया आवास की मॉनीटरिंग कमेटी को दोषी पाया। उन्होंने इन सभी के नाम और वर्तमान तैनाती पता करने के आदेश दिए थे। शनिवार को इन
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सभी अधिकारियों के नाम और वर्तमान पद व वर्तमान तैनाती की जानकारी एकत्रित हो गई। अलादातपुर के तत्कालीन ग्राम पंचायत अधिकारी भगवानदास जो इस समय पंचायत सचिव खजुहा विकास खंड हैं। उस समय बीडीओ तेलियानी रहे आरपी मिश्र इस समय परियोजना निदेशक बांदा हैं। इन दोनों को मामले का मुख्य का दोषी पाया गया है। सीडीओ ने इन दोनों को चार्जशीट का आदेश दे दिया है। आवास योजना में यहां यह पहला प्रकरण है जब गैर जनपद में तैनात परियोजना स्तर के अधिकारी सीधे-सीधे कार्रवाई के लपेटे में आए हैं।
लोहिया आवास किसी अपात्र को ना मिले इसके लिए उस समय के शासनादेश से एक मॉनीटरिंग कमेटी बनाई गई थी। कमेटी की संस्तुति पर ही किसी लाभार्थी को आवास आवंटित किए जाते थे। कमेटी में पीओ डूडा एसडी राय
जो कि इस समय आगरा में तैनात हैं। उप कृषि निदेशक टीपी चौधरी जो कि प्रमोशन पाकर ज्वाइंट डायरेक्टर आगरा हैं व बेसिक शिक्षा अधिकारी आरपी यादव वर्तमान में भदोही में कार्यवाहक डायट प्राचार्य हैं, इसके सदस्य थे। अब इन सभी की सत्यनिष्ठा संदिग्ध पाई गई है। लिहाजा इन सभी के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई के लिए इन सभी के विभागों को संबोधित करते हुए शासन को पत्राचार किया गया है।
पूर्व प्रधान को लोहिया आवास देने में फंसी कई की गर्दन
डायट प्राचार्य भदोही और पीडी बांदा को चार्जशीट
लेखपाल, तहसीलदार समेत अन्य पर विभागीय कार्रवाई की संस्तुति
अमर उजाला ब्यूरो
पूरे मामले में फर्जी आय प्रमाण बनाने वाले तत्कालीन लेखपाल चुन्नी लाल पर भी कार्रवाई किया जाना सुनिश्चित किया गया है। संबंधित तहसीलदार का भी नाम और वर्तमान तैनाती का पता लगाया जा रहा है। पूर्व प्रधान की संपत्तियों और आय को छिपाते हुए महज 36 हजार रुपये सलाना की आय प्रमाण पत्र जारी करने के मामले में लेखपाल और तहसीलदार दोनों के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई के संबंध में सीडीओ ने आदेश दिए हैं।
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वित्तीय वर्ष 2013-14 में तेलियानी विकास खंड के अलादातपुर गांव के पूर्व ग्राम प्रधान नरेंद्र सिंह यादव को लोहिया आवास दे दिया गया था। अमर उजाला ने सात दिसंबर के अंक में खबर प्रकाशित की थी। आवास लेने के लिए नरेंद्र ने 36 हजार रुपये वार्षिक आमदनी का आय प्रमाण पत्र लगाया था। ग्रामीण राजकुमार मौर्य ने इसकी शिकायत की तो पूरा खेल उजागर हुआ। जांच के लिए सदर एसडीएम प्रेम प्रकाश तिवारी पहुंचे तो उन्होंने पूर्व
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प्रधान की 60 हजार रुपये की आय का आंकलन किया और रिपोर्ट दी। सीडीओ ने मामले में फर्जी आय प्रमाण पत्र बनाने वाले लेखपाल, तहसीलदार, तेलियानी के बीडीओ, पंचायत अधिकारी व लोहिया आवास की मॉनीटरिंग कमेटी को दोषी पाया। उन्होंने इन सभी के नाम और वर्तमान तैनाती पता करने के आदेश दिए थे। शनिवार को इन
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सभी अधिकारियों के नाम और वर्तमान पद व वर्तमान तैनाती की जानकारी एकत्रित हो गई। अलादातपुर के तत्कालीन ग्राम पंचायत अधिकारी भगवानदास जो इस समय पंचायत सचिव खजुहा विकास खंड हैं। उस समय बीडीओ तेलियानी रहे आरपी मिश्र इस समय परियोजना निदेशक बांदा हैं। इन दोनों को मामले का मुख्य का दोषी पाया गया है। सीडीओ ने इन दोनों को चार्जशीट का आदेश दे दिया है। आवास योजना में यहां यह पहला प्रकरण है जब गैर जनपद में तैनात परियोजना स्तर के अधिकारी सीधे-सीधे कार्रवाई के लपेटे में आए हैं।
लोहिया आवास किसी अपात्र को ना मिले इसके लिए उस समय के शासनादेश से एक मॉनीटरिंग कमेटी बनाई गई थी। कमेटी की संस्तुति पर ही किसी लाभार्थी को आवास आवंटित किए जाते थे। कमेटी में पीओ डूडा एसडी राय
जो कि इस समय आगरा में तैनात हैं। उप कृषि निदेशक टीपी चौधरी जो कि प्रमोशन पाकर ज्वाइंट डायरेक्टर आगरा हैं व बेसिक शिक्षा अधिकारी आरपी यादव वर्तमान में भदोही में कार्यवाहक डायट प्राचार्य हैं, इसके सदस्य थे। अब इन सभी की सत्यनिष्ठा संदिग्ध पाई गई है। लिहाजा इन सभी के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई के लिए इन सभी के विभागों को संबोधित करते हुए शासन को पत्राचार किया गया है।
पूर्व प्रधान को लोहिया आवास देने में फंसी कई की गर्दन
डायट प्राचार्य भदोही और पीडी बांदा को चार्जशीट
लेखपाल, तहसीलदार समेत अन्य पर विभागीय कार्रवाई की संस्तुति
अमर उजाला ब्यूरो
पूरे मामले में फर्जी आय प्रमाण बनाने वाले तत्कालीन लेखपाल चुन्नी लाल पर भी कार्रवाई किया जाना सुनिश्चित किया गया है। संबंधित तहसीलदार का भी नाम और वर्तमान तैनाती का पता लगाया जा रहा है। पूर्व प्रधान की संपत्तियों और आय को छिपाते हुए महज 36 हजार रुपये सलाना की आय प्रमाण पत्र जारी करने के मामले में लेखपाल और तहसीलदार दोनों के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई के संबंध में सीडीओ ने आदेश दिए हैं।