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जिले के मौरंग खनन में गायत्री कनेक्शन
Updated Fri, 19 Jan 2018 12:17 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
फतेहपुर। सपा में कद्दावर शख्स रहे पूर्व मंत्री गायत्री प्रजापति के जिले में कनेक्शन को सीबीआई ने भी खंगाला। जिले में इनके कुछ नजदीकी लोग भी सपा शासनकाल में अवैध मौरंग खनन के कारोबार से खूब फले-फूले। सीबीआई की जांच का जिन्न उन तक पहुंचने की आशंका तेज हो गई है। उनकी इन दिनों हालत पतली भी हो गई है। उनमें एक सीबीआई जांच के दायरे में आ भी चुका है। जिससे दूसरे नामों के खुलासे और सीधे तौर पर जिले के अवैध मौरंग खनन में गायत्री तक जांच की आंच पहुंच सकती है।
ललौली थाना क्षेत्र की मौरंग खदानों में कई नेताओं की हिस्सेदारी रही है। इसमें क्षेत्रीय से लेकर जिले के कद्दावर भी शामिल रहे हैं। इलाके के चर्चित लोगों की सीधी पकड़ गायत्री प्रजापति से थी। लाल सोने की लूट में ऐसे में उनका पीछे होना मुमकिन नहीं था। कद्दावर नेता के एक इशारे पर ही मौरंग में उनकी हिस्सेदारी तय हो गई थी। मौरंग खनन से करोड़ों की संपत्ति जुटाई। सीबीआई जांच के दौरान एक व्यक्ति को रडार पर ले चुकी है। वहीं, दूसरे करीबी नेता की खोजबीन में सीबीआई जुटी है। दूसरे करीबी की मौरंग खनन में अपरोक्ष हिस्सेदारी से करोड़ों कमाए। जिससे नए लग्जरी वाहन, बड़ी हवेली तैयार हो गई। कई जगहों पर नेता के इशारे पर अवैध खदानों का संचालन चालू कराया गया था।
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फतेहपुर। सपा में कद्दावर शख्स रहे पूर्व मंत्री गायत्री प्रजापति के जिले में कनेक्शन को सीबीआई ने भी खंगाला। जिले में इनके कुछ नजदीकी लोग भी सपा शासनकाल में अवैध मौरंग खनन के कारोबार से खूब फले-फूले। सीबीआई की जांच का जिन्न उन तक पहुंचने की आशंका तेज हो गई है। उनकी इन दिनों हालत पतली भी हो गई है। उनमें एक सीबीआई जांच के दायरे में आ भी चुका है। जिससे दूसरे नामों के खुलासे और सीधे तौर पर जिले के अवैध मौरंग खनन में गायत्री तक जांच की आंच पहुंच सकती है।
ललौली थाना क्षेत्र की मौरंग खदानों में कई नेताओं की हिस्सेदारी रही है। इसमें क्षेत्रीय से लेकर जिले के कद्दावर भी शामिल रहे हैं। इलाके के चर्चित लोगों की सीधी पकड़ गायत्री प्रजापति से थी। लाल सोने की लूट में ऐसे में उनका पीछे होना मुमकिन नहीं था। कद्दावर नेता के एक इशारे पर ही मौरंग में उनकी हिस्सेदारी तय हो गई थी। मौरंग खनन से करोड़ों की संपत्ति जुटाई। सीबीआई जांच के दौरान एक व्यक्ति को रडार पर ले चुकी है। वहीं, दूसरे करीबी नेता की खोजबीन में सीबीआई जुटी है। दूसरे करीबी की मौरंग खनन में अपरोक्ष हिस्सेदारी से करोड़ों कमाए। जिससे नए लग्जरी वाहन, बड़ी हवेली तैयार हो गई। कई जगहों पर नेता के इशारे पर अवैध खदानों का संचालन चालू कराया गया था।
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