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शराब लाने से मना करने पर चलाई थी गोली
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फतेहपुर। अरबपुर मोहल्ले के घोड़ शहीदन बाबा मजार के पास गोलीकांड के मामले में शनिवार देर रात पुलिस ने एफआईआर दर्ज की है। जांच में सामने आया कि हिस्ट्रीशीटर ने शराब लाने से इंकार करने की बात पर फायर किया था। पुलिस ने दूसरे पक्ष से भी फायरिंग किए जाने की जांच शुरू की है।
गोलीकांड में इलाके के रहीश उर्फ बउवा का बेटा निहाल, जहीर उर्फ गरीबे का बेटा मोनू, शरीफ का बेटा मोनू को फायरिंग में छर्रे लगे हैं। शरीफ के बेटे मोनू को पैर में छर्रा लगा है। वह हल्का चुटहिल होने के कारण अस्पताल में भर्ती नहीं हुआ। दूसरा मोनू और निहाल कानपुर हैलट से इलाज कराकर लौट आए। पुलिस ने दोनों का मेडिकल
परीक्षण कराया है। निहाल की मां सन्नो ने एफआईआर दर्ज कराई है। उसका आरोप है कि बेटा बाइक से दूध लेने जा रहा था। घर से कुछ दूरी पर फायरिंग की आवाज आई। वह दौड़कर पहुंची। मौके पर शब्बू कादर खान, यासीन के बेटे परवेज, तब्बू, अली का बेटा अफसार मलिक को तमंचे लहराकर भागते देखा। गंभीर हालत में निहाल और
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मोनू को देखकर जिला अस्पताल लाया गया। जहां से कानपुर रेफर किया गया। पुलिस ने हत्या के प्रयास की हमलावरों पर रिपोर्ट दर्ज की है। सन्नो ने बताया कि बेटे को बाइक से जाते समय शब्बू ने रोका था। उससे शराब लेकर आने को कहा था। मना करने पर बाइक मांगी थी। बेटे ने शराब लाने और बाइक देने से मना कर दिया था।
इंकार सुन हिस्ट्रीशीटर शब्बू और उसके साथियों ने फायरिंग की। पुलिस देर रात तक इलाके में घूमती रही। विवाद के बारे में छानबीन में पुलिस को दूसरे पक्ष से भी फायरिंग किए जाने का पता लगा है। कोतवाल सत्येंद्र सिंह ने बताया कि दूसरे पक्ष के फायरिंग की जांच की जा रही है।
इनसेट-
छह माह पहले भी हुआ था गोलीकांड
कोतवाली से चंद कदम दूर का यह इलाका जरायम को लेकर बीते कुछ सालों में तेजी से चर्चा में आया है। यहां काफी संख्या में महिलाएं स्मैक कारोबार में संलिप्त है। महिलाओं के बीच ग्राहकों को प्रतिस्पर्धा का माहौल रहता है। इसी वजह से कई जगहों पर अड्डेबाजी होती है। इलाके में कोई किसी से कम नहीं है। कई इलाकों से शाम ढलते ही अराजकतत्वों का जमावड़ा लगने लगता है। करीब छह माह पहले पनी के युवकों ने फायरिंग, मारपीट की थी। तीन साल पहले एक युवक की गोली मारकर हत्या भी की जा चुकी हैं। पुलिस के शिकंजा न कसने से इलाकाई अराजकतत्वों के हौसले बुलंद हैं।
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गोलीकांड में इलाके के रहीश उर्फ बउवा का बेटा निहाल, जहीर उर्फ गरीबे का बेटा मोनू, शरीफ का बेटा मोनू को फायरिंग में छर्रे लगे हैं। शरीफ के बेटे मोनू को पैर में छर्रा लगा है। वह हल्का चुटहिल होने के कारण अस्पताल में भर्ती नहीं हुआ। दूसरा मोनू और निहाल कानपुर हैलट से इलाज कराकर लौट आए। पुलिस ने दोनों का मेडिकल
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परीक्षण कराया है। निहाल की मां सन्नो ने एफआईआर दर्ज कराई है। उसका आरोप है कि बेटा बाइक से दूध लेने जा रहा था। घर से कुछ दूरी पर फायरिंग की आवाज आई। वह दौड़कर पहुंची। मौके पर शब्बू कादर खान, यासीन के बेटे परवेज, तब्बू, अली का बेटा अफसार मलिक को तमंचे लहराकर भागते देखा। गंभीर हालत में निहाल और
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मोनू को देखकर जिला अस्पताल लाया गया। जहां से कानपुर रेफर किया गया। पुलिस ने हत्या के प्रयास की हमलावरों पर रिपोर्ट दर्ज की है। सन्नो ने बताया कि बेटे को बाइक से जाते समय शब्बू ने रोका था। उससे शराब लेकर आने को कहा था। मना करने पर बाइक मांगी थी। बेटे ने शराब लाने और बाइक देने से मना कर दिया था।
इंकार सुन हिस्ट्रीशीटर शब्बू और उसके साथियों ने फायरिंग की। पुलिस देर रात तक इलाके में घूमती रही। विवाद के बारे में छानबीन में पुलिस को दूसरे पक्ष से भी फायरिंग किए जाने का पता लगा है। कोतवाल सत्येंद्र सिंह ने बताया कि दूसरे पक्ष के फायरिंग की जांच की जा रही है।
इनसेट-
छह माह पहले भी हुआ था गोलीकांड
कोतवाली से चंद कदम दूर का यह इलाका जरायम को लेकर बीते कुछ सालों में तेजी से चर्चा में आया है। यहां काफी संख्या में महिलाएं स्मैक कारोबार में संलिप्त है। महिलाओं के बीच ग्राहकों को प्रतिस्पर्धा का माहौल रहता है। इसी वजह से कई जगहों पर अड्डेबाजी होती है। इलाके में कोई किसी से कम नहीं है। कई इलाकों से शाम ढलते ही अराजकतत्वों का जमावड़ा लगने लगता है। करीब छह माह पहले पनी के युवकों ने फायरिंग, मारपीट की थी। तीन साल पहले एक युवक की गोली मारकर हत्या भी की जा चुकी हैं। पुलिस के शिकंजा न कसने से इलाकाई अराजकतत्वों के हौसले बुलंद हैं।