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सिरफिरे ने कमरे में बच्चों को बंद कर आग लगाई, हिरासत से भागा
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फतेहपुर। नशे के लती युवक ने शुक्रवार की शाम परिवार से विवाद के बाद खुद को दो मासूमों के साथ कमरे में बंद कर लिया। शनिवार सुबह पुलिस के पहुंचने पर डीएम को बुलाने की मांग करने लगा। दमकल कर्मी पहुंचे तो उसने ऐसा काम कर दिया कि सभी के जान पर बन आई। युवक ने दो भरे सिलिंडर में एक का पाइप खोलकर आग लगा दी। सूझबूझ से करीब बीस घंटे बाद दमकल कर्मियों ने सभी को सकुशल बाहर निकाला। मेडिकल कराने के लिए पुलिस उसे जिला अस्पताल लेकर पहुंची। यहां से वह चकमा देकर भाग निकला। घटना शहर कोतवाली क्षेत्र के गढ़ीवा मोहल्ला की है।
मोहल्ला निवासी अभिषेक प्रताप सिंह उर्फ राजा सिंह गौर नशीले इंजेक्शन का लती है। उसका अक्सर पड़ोसियों और घरवालों से विवाद होता रहा है। पिता के निधन के बाद मां कमला देवी को जल निगम विभाग में उनकी जगह नौकरी मिली है। मां ने बताया कि करीब दस साल पहले राजा की ललौली के उरौली गांव निवासी होशियार सिंह की बेटी पूजा से शादी हुई थी। शादी के बाद तीन बेटियां परी, खुशी, बेबी हुईं। उसके तिमंजिले मकान में करीब 26 कमरे किराए पर उठे हैं। राजा का शुक्रवार की शाम करीब छह बजे पत्नी और मां से विवाद हो गया। उनके बीच मारपीट हुई। कुछ देर बाद राजा, बेटी खुशी और बेबी को साथ लेकर एक कमरे में चला गया और अंदर से कुंडी लगा ली। इसी बीच घटना से नाराज होकर पूजा अपनी सास कमला और बड़ी बेटी परी को लेकर शहर के देवीगंज में भाई के घर चली गई। शनिवार की सुबह तीनों घर पहुंचे। काफी देर रात दरवाजा न खोलने पर परिजनों ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस के पहुंचने पर युवक ने डीएम के आने पर ही दरवाजा खोलने की बात कही। जबरदस्ती करने में आग लगाने की धमकी दी। उसने पत्नी और मां पर प्रापर्टी हड़पने, उसकी हत्या की साजिश रचने का आरोप लगाया। दोपहर करीब एक बजे दमकल कर्मी पहुंचे। जवानों ने खिड़की को कटर से काटना शुरू किया। यह देखकर राजा सिंह चीखने लगा। घुसने पर आग लगाने की धमकी दी। इस दौरान सिरफिरा कमरे के पीछे किचन में पहुंचा। दो सिलिंडर को आसपास रखा और एक का पाइप खोल दिया। गैस किचन में फैल गई। इसके बाद सिलिंडरों के ऊपर रचाई-गद्दे रखकर उसमें आग लगा दिया। आग लगने से हड़कंप मच गया। किसी तरह दमकल के जवान खिड़की से कमरे में कूदे। सहमी दोनों बच्चियों को बचाकर बाहर लाए। इसके बाद सिरफिरे को बाहर निकाला। किसी तरह से आग पर काबू पाया जा सका। एक सिलिंडर आग की चपेट में पूरी तरह आ चुका था। आरोपी के पैर की नस कटी थी। उसने पत्नी व मां समेत दो रिश्तेदारों पर मारपीट कर घायल करने का आरोप लगाया। पुलिस उसे मेडिकल को जिला अस्पताल लेकर पहुंची। लगभग तीन बजे अस्पताल से पुलिस कर्मियों को चकमा देकर भाग निकला। सीओ सिटी केडी मिश्रा ने बताया कि युवक सिरफिरा है। तलाश कराई जा रही है। आरोपी राजा सिंह गौर का इलाके में दहशत का माहौल है। उसने अक्तूबर महीने में पड़ोसी अवध किशोर दीक्षित पर चाकू से हमला किया था। उसके पहले स्मैक के साथ पकड़ा जा चुुका है। आसपास के दूसरे लोगों से मारपीट, गाली गलौच करता रहा है। वह कुछ दिनों पहले ही जेल से छूटकर आया था।
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मोहल्ला निवासी अभिषेक प्रताप सिंह उर्फ राजा सिंह गौर नशीले इंजेक्शन का लती है। उसका अक्सर पड़ोसियों और घरवालों से विवाद होता रहा है। पिता के निधन के बाद मां कमला देवी को जल निगम विभाग में उनकी जगह नौकरी मिली है। मां ने बताया कि करीब दस साल पहले राजा की ललौली के उरौली गांव निवासी होशियार सिंह की बेटी पूजा से शादी हुई थी। शादी के बाद तीन बेटियां परी, खुशी, बेबी हुईं। उसके तिमंजिले मकान में करीब 26 कमरे किराए पर उठे हैं। राजा का शुक्रवार की शाम करीब छह बजे पत्नी और मां से विवाद हो गया। उनके बीच मारपीट हुई। कुछ देर बाद राजा, बेटी खुशी और बेबी को साथ लेकर एक कमरे में चला गया और अंदर से कुंडी लगा ली। इसी बीच घटना से नाराज होकर पूजा अपनी सास कमला और बड़ी बेटी परी को लेकर शहर के देवीगंज में भाई के घर चली गई। शनिवार की सुबह तीनों घर पहुंचे। काफी देर रात दरवाजा न खोलने पर परिजनों ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस के पहुंचने पर युवक ने डीएम के आने पर ही दरवाजा खोलने की बात कही। जबरदस्ती करने में आग लगाने की धमकी दी। उसने पत्नी और मां पर प्रापर्टी हड़पने, उसकी हत्या की साजिश रचने का आरोप लगाया। दोपहर करीब एक बजे दमकल कर्मी पहुंचे। जवानों ने खिड़की को कटर से काटना शुरू किया। यह देखकर राजा सिंह चीखने लगा। घुसने पर आग लगाने की धमकी दी। इस दौरान सिरफिरा कमरे के पीछे किचन में पहुंचा। दो सिलिंडर को आसपास रखा और एक का पाइप खोल दिया। गैस किचन में फैल गई। इसके बाद सिलिंडरों के ऊपर रचाई-गद्दे रखकर उसमें आग लगा दिया। आग लगने से हड़कंप मच गया। किसी तरह दमकल के जवान खिड़की से कमरे में कूदे। सहमी दोनों बच्चियों को बचाकर बाहर लाए। इसके बाद सिरफिरे को बाहर निकाला। किसी तरह से आग पर काबू पाया जा सका। एक सिलिंडर आग की चपेट में पूरी तरह आ चुका था। आरोपी के पैर की नस कटी थी। उसने पत्नी व मां समेत दो रिश्तेदारों पर मारपीट कर घायल करने का आरोप लगाया। पुलिस उसे मेडिकल को जिला अस्पताल लेकर पहुंची। लगभग तीन बजे अस्पताल से पुलिस कर्मियों को चकमा देकर भाग निकला। सीओ सिटी केडी मिश्रा ने बताया कि युवक सिरफिरा है। तलाश कराई जा रही है। आरोपी राजा सिंह गौर का इलाके में दहशत का माहौल है। उसने अक्तूबर महीने में पड़ोसी अवध किशोर दीक्षित पर चाकू से हमला किया था। उसके पहले स्मैक के साथ पकड़ा जा चुुका है। आसपास के दूसरे लोगों से मारपीट, गाली गलौच करता रहा है। वह कुछ दिनों पहले ही जेल से छूटकर आया था।
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