फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Fatehpur News ›   एक थानेदार पर भी सीबीआई की टिकीं निगाहें

एक थानेदार पर भी सीबीआई की टिकीं निगाहें

Wed, 17 Jan 2018 11:53 PM IST
Updated Wed, 17 Jan 2018 11:53 PM IST
विज्ञापन
एक थानेदार पर भी सीबीआई की टिकीं निगाहें
अमर उजाला ब्यूरो
विज्ञापन

फतेहपुर। अवैध खनन की छानबीन में जुटी सीबीआई का नए-नए मामले से साबका हो रहा है। बिंदकी तहसील क्षेत्र के बारा और कोरौली घाट में पांच साल पहले हुए मौरंग खनन के मामले में एक थानेदार का नाम सामने आया है। जिस पर रिश्वत के एवज में खनन माफिया का साथ देने का आरोप लगाया गया। सीबीआई का ऐसे में उक्त थानेदार तक पहुंचना तय है।

सपा शासन काल में हुए अवैध खनन की तह तक पहुंचने के लिए नौ जनवरी से जिले में मौजूद सीबीआई टीम के समक्ष बुधवार को भी कई लोग तलब हुए। इनमें कुछ शिकायतकर्ता भी थे। इन्हीं में से एक शिव बहादुर भी थे। उन्होंने टीम को बताया कि वर्ष 2012 व 13 में बारा और कोरौली घाट में तब जाफरगंज के थानेदार अंजनि राय थे। शेयर मिलने की वजह से थानेदार आंख मूंद कर यमुना की कोख खाली करवा रहे थे। खनन माफिया ने कोरौला घाट से मौरंग निकालने के लिए डेढ़ किलोमीटर का रास्ता बनवाया था। यह काम 15 दिन जेसीबी चलवा कर किया गया था।
विज्ञापन


शिकायतकर्ता ने बताया कि इसकी जानकारी पर उन्होंने मौके पर पहुंच कर कवरेज किया। लौट रहे थे तभी थानेदार ने हमराही आशुतोष के साथ उन्हें बीच रास्ते मेें रोक लिया था। आशुतोष ने कनपटी में रिवाल्वर लगाकर कैमरे में ली गई फोटो डिलीट करने की धमकी दी। मैने ऐसा नहीं किया तो फंसाने की बात करते हुए चले गए। इसके बाद योजनाबद्ध तरीके से मुझे झूठे मामले में फंसा दिया गया। सीबीआई ने पूरी बात सुनने के बाद सौंपे गए साक्ष्य रखकर यह साफ कर दिया है कि वह आरोपी थानेदार के पास भी पहुंचेगी।
विज्ञापन
विज्ञापन


एक महीने का वक्त लग सकता है खुलासे में
फतेहपुर। सीबीआई टीम ने एक सप्ताह से छानबीन में जुटी है। अभी तक की तफ्तीश में जुटाए गए साक्ष्यों पर डीएसपी केपी शर्मा की टीम लगातार काम कर रही है। साक्ष्यों का जो ढेर लग चुका है। उससे पूरी रिपोर्ट को ओके करने में करीब एक महीने का वक्त लगना तय है।


कई के बंद हैं फोन
फतेहपुर। अवैध खनन मामले पर सीबीआई के डेरा डालने के बाद इस धंधे में लिप्त लोगों को सांप सूंघ गया है। कई ने अपने फोन बंद कर लिए हैं। दहशत का माहौल इस कदर है कि परिवारवालों के भी सेलफोन नाट रिचेबल बता रहे हैं। पीडब्लूडी के सर्किट हाउस में कौन पहुंच रहा है और कौन नहीं। इसे जानने को गुर्गे लगाए गए हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed