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प्रसव के दौरान बच्चे की मौत, महिला गंभीर
Updated Mon, 19 Mar 2018 12:08 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
फतेहपुर। शहर के नासिरपीर रोड स्थित कृष्णा हास्पिटल में शनिवार रात प्रसव के दौरान बच्चे की मौत पर परिजनों ने हंगामा किया। इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की। महिला की हालत गंभीर बनी है।
कौशांबी जनपद के उकाथू गांव निवासी विजय रैदास ने अपनी पत्नी सुमन को प्रसव के लिए शनिवार रात नासिरपीर रोड स्थित कृष्णा हास्पिटल में भर्ती कराया था। यहां डाक्टरों ने महिला का आपरेशन किया तो मृत बच्चा पैदा हुआ। रविवार को परिजन उबल पड़े। लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा किया। महिला के पति और संचालक के बीच मारपीट भी हो गई।
पति विजय ने बताया कि वह दिल्ली में नौकरी करता है। पत्नी को प्रसव के लिए हरदो सीएचसी ले गए थे। वहां से जिला महिला अस्पताल के लिए रेफर करने पर पत्नी को अस्पताल लाए। यहां पर एक महिला के कहने पर कृष्णा हास्पिटल लेकर आए जहां इलाज में लापरवाही से बच्चे की मौत हो गई।
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बताया कि नर्सिंग होम संचालक ने इलाज के लिए 18 हजार रुपये भी ले लिए। वहीं, नर्सिंगहोम संचालक अमित शर्मा का कहना है कि महिला का बेहतर इलाज किया जा रहा है। बच्चा गर्भ में ही मर चुका था। कोई मारपीट नहीं हुई है, आरोप गलत है।
बिना रजिस्ट्रेशन चल रहा हास्पिटल
कृष्णा हास्पिटल की तरह शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में सैकड़ों हास्पिटल बिना रजिस्ट्रेशन चल रहे हैं लेकिन स्वास्थ्य विभाग कार्रवाई के नाम पर सिर्फ खानापूरी कर रहा है। संचालक ने बताया कि रजिस्ट्रेशन के लिए फाइल लगी हुई है। फायर ब्रिगेड से एनओसी मिलनी शेष है। वहीं, डिप्टी सीएमओ डा. संजय सिंह का कहना है कि जांच शुरू कर दी गई है। कागजात पूरे हुए बिना नर्सिंग होम चलाना गलत है, यदि ऐसा निकला तो कार्रवाई होगी।
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फतेहपुर। शहर के नासिरपीर रोड स्थित कृष्णा हास्पिटल में शनिवार रात प्रसव के दौरान बच्चे की मौत पर परिजनों ने हंगामा किया। इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की। महिला की हालत गंभीर बनी है।
कौशांबी जनपद के उकाथू गांव निवासी विजय रैदास ने अपनी पत्नी सुमन को प्रसव के लिए शनिवार रात नासिरपीर रोड स्थित कृष्णा हास्पिटल में भर्ती कराया था। यहां डाक्टरों ने महिला का आपरेशन किया तो मृत बच्चा पैदा हुआ। रविवार को परिजन उबल पड़े। लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा किया। महिला के पति और संचालक के बीच मारपीट भी हो गई।
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पति विजय ने बताया कि वह दिल्ली में नौकरी करता है। पत्नी को प्रसव के लिए हरदो सीएचसी ले गए थे। वहां से जिला महिला अस्पताल के लिए रेफर करने पर पत्नी को अस्पताल लाए। यहां पर एक महिला के कहने पर कृष्णा हास्पिटल लेकर आए जहां इलाज में लापरवाही से बच्चे की मौत हो गई।
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बताया कि नर्सिंग होम संचालक ने इलाज के लिए 18 हजार रुपये भी ले लिए। वहीं, नर्सिंगहोम संचालक अमित शर्मा का कहना है कि महिला का बेहतर इलाज किया जा रहा है। बच्चा गर्भ में ही मर चुका था। कोई मारपीट नहीं हुई है, आरोप गलत है।
बिना रजिस्ट्रेशन चल रहा हास्पिटल
कृष्णा हास्पिटल की तरह शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में सैकड़ों हास्पिटल बिना रजिस्ट्रेशन चल रहे हैं लेकिन स्वास्थ्य विभाग कार्रवाई के नाम पर सिर्फ खानापूरी कर रहा है। संचालक ने बताया कि रजिस्ट्रेशन के लिए फाइल लगी हुई है। फायर ब्रिगेड से एनओसी मिलनी शेष है। वहीं, डिप्टी सीएमओ डा. संजय सिंह का कहना है कि जांच शुरू कर दी गई है। कागजात पूरे हुए बिना नर्सिंग होम चलाना गलत है, यदि ऐसा निकला तो कार्रवाई होगी।