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नियमितीकरण के नाम पर करोड़ों की ठगी में फरार आरोपी गिरफ्तार
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फतेहपुर। दो एफसीआई गोदामों में तैनात 477 कर्मचारियों से करोड़ों की ठगी करने वाले को एसटीएफ की मदद से पुलिस ने लखनऊ से गिरफ्तार किया है। आरोपी पर 25 हजार का ईनाम घोषित था। आरोप है कि उसने साथियों के साथ मिलकर एफसीआई कर्मियों को नियमितीकरण का झांसा दिया और फर्जी शासनादेश डीएम को भेजा। लखनऊ, सीतापुर, हरदोई, उन्नाव और रायबरेली में भी ठगी की थी।
जनवरी 2021 में ऑल इंडिया वेयर हाउसिंग कारपोरेशन इंप्लाइज यूनियन के लेटर पैड के साथ एक शासनदेश फतेहपुर जिलाधिकारी को मिला था। शासनादेश के तहत शहर के रामगंज पक्का तालाब स्थित एफसीआई गोदाम के 410 और जहानाबाद गोदाम के 67 संविदा कर्मियों को नियमित करना था। साथ में मंत्री और विभाग के अनु सचिव का सहमति पत्र भी था।
डीएम ने इसे जांच के लिए क्षेत्रीय प्रबंधक प्रयागराज बृजेश सिंह को भेजा। प्रबंधक ने अनु सचिव से संपर्क किया तो पता चला कि ऐसी किसी भर्ती के लिए दिशा निर्देश जारी नहीं हुए हैं। इसी तरह, सीतापुर में भी पत्राचार किया गया था। डीएम ने शासनादेश संदिग्ध प्रतीत होने पर जांच कराई तो पता चला कि पूरा शासनादेश ही फर्जी था। इसके बाद जांच एसटीएफ को सौंप दी गई।
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मामले में सीतापुर और फतेहपुर में 13 फरवरी 2021 को रामगोपाल निवासी बिलरिया थाना रामपुर सीतापुर, तेजपाल निवासी सरसई थाना मिश्रिख सीतापुर, कमलेश निवासी खैराबाद सीतापुर, देवेश कुमार सिंह निवासी पूरब खेड़ा थाना कोतवाली उन्नाव और श्याम किशोर पांडेय निवासी थाना शाहाबाद हरदोई के खिलाफ गबन और धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज किया गया।
रामगोपाल, कमलेश, श्याम किशोर को सीतापुर पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था। जबकि देवेश और तेजपाल फरार चल रहे थे। एसपी ने इन दोनों पर 25-25 हजार का इनाम घोषित किया था। आरोपियों ने नियमितीकरण के नाम पर फतेहपुर के साथ लखनऊ, सीतापुर, हरदोई, उन्नाव और रायबरेली के कर्मचारियों से करीब एक अरब की ठगी की थी।
एसटीएफ लखनऊ के इनपुट पर कोतवाल सत्येंद्र सिंह, चौकी इंचार्ज बाकरगंज अनिरुद्ध द्विवेदी के साथ सोमवार रात लखनऊ गए। आरोपी देवेश को लखनऊ शहर के पराग डेयरी चौराहे से गिरफ्तार कर लिया। कोतवाल सत्येंद्र सिंह ने बताया कि आरोपी को कोर्ट के आदेश पर जेल भेजा गया है। पांचवें आरोपी तेजपाल की तलाश की जा रही है।
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जनवरी 2021 में ऑल इंडिया वेयर हाउसिंग कारपोरेशन इंप्लाइज यूनियन के लेटर पैड के साथ एक शासनदेश फतेहपुर जिलाधिकारी को मिला था। शासनादेश के तहत शहर के रामगंज पक्का तालाब स्थित एफसीआई गोदाम के 410 और जहानाबाद गोदाम के 67 संविदा कर्मियों को नियमित करना था। साथ में मंत्री और विभाग के अनु सचिव का सहमति पत्र भी था।
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डीएम ने इसे जांच के लिए क्षेत्रीय प्रबंधक प्रयागराज बृजेश सिंह को भेजा। प्रबंधक ने अनु सचिव से संपर्क किया तो पता चला कि ऐसी किसी भर्ती के लिए दिशा निर्देश जारी नहीं हुए हैं। इसी तरह, सीतापुर में भी पत्राचार किया गया था। डीएम ने शासनादेश संदिग्ध प्रतीत होने पर जांच कराई तो पता चला कि पूरा शासनादेश ही फर्जी था। इसके बाद जांच एसटीएफ को सौंप दी गई।
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मामले में सीतापुर और फतेहपुर में 13 फरवरी 2021 को रामगोपाल निवासी बिलरिया थाना रामपुर सीतापुर, तेजपाल निवासी सरसई थाना मिश्रिख सीतापुर, कमलेश निवासी खैराबाद सीतापुर, देवेश कुमार सिंह निवासी पूरब खेड़ा थाना कोतवाली उन्नाव और श्याम किशोर पांडेय निवासी थाना शाहाबाद हरदोई के खिलाफ गबन और धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज किया गया।
रामगोपाल, कमलेश, श्याम किशोर को सीतापुर पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था। जबकि देवेश और तेजपाल फरार चल रहे थे। एसपी ने इन दोनों पर 25-25 हजार का इनाम घोषित किया था। आरोपियों ने नियमितीकरण के नाम पर फतेहपुर के साथ लखनऊ, सीतापुर, हरदोई, उन्नाव और रायबरेली के कर्मचारियों से करीब एक अरब की ठगी की थी।
एसटीएफ लखनऊ के इनपुट पर कोतवाल सत्येंद्र सिंह, चौकी इंचार्ज बाकरगंज अनिरुद्ध द्विवेदी के साथ सोमवार रात लखनऊ गए। आरोपी देवेश को लखनऊ शहर के पराग डेयरी चौराहे से गिरफ्तार कर लिया। कोतवाल सत्येंद्र सिंह ने बताया कि आरोपी को कोर्ट के आदेश पर जेल भेजा गया है। पांचवें आरोपी तेजपाल की तलाश की जा रही है।