{"_id":"6331fbc0aa7e860065054806","slug":"crime-fatehpur-news-knp720295790","type":"story","status":"publish","title_hn":"फतेहपुरः गबन में प्रधान के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने का आदेश","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
फतेहपुरः गबन में प्रधान के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने का आदेश
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फतेहपुर। काम में लापरवाही और अनियमितता पर डीपीआरओ उपेंद्रराज सिंह ने तीन सफाई कर्मियों और एक सचिव को निलंबित कर दिया है। शौचालय निर्माण में गबन में में एक प्रधान को नोटिस देकर स्पष्टीकरण तलब किया गया है। उनके खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने के भी निर्देश सीडीओ ने दिए हैं।
विजयीपुर ब्लाक की गढ़ा ग्राम पंचायत की कालिंदी गोशाला में तैनाती के दौरान अतिरिक्त टिनशेड़, खड़ंजा और चरही का निर्माण न कराने पर पंचायत सचिव लवलेश मिश्र को निलंबित कर दिया गया है। गढ़ा की ग्राम प्रधान ननबुद्दी को कारण बताओ नोटिस देकर तीन दिन में स्पष्टीकरण तलब किया गया है। बहुआ ब्लाक के डूंडरा गांव के सफाई कर्मी राजकुमार, गाजीपुर गांव के सफाई कर्मी मनोज कुमार भारती और धाता ब्लाक के बेलावां में तैनात सफाई कर्मी अमरदीप कुमार को काम में लापरवाही पर निलंबित कर दिया गया है।
हसवा ब्लाक के पूर्व प्रधान धर्मेंद्र सिंह और पंचायत सचिव विपिन कुमार के खिलाफ शौचालय की धनराशि निकालने के बाद भी शौचालय न बनवाने की शिकायत प्रीती सिंह ने डीएम से की थी। डीएम ने छह सदस्यीय कमेटी बनाकर जांच कराई। इसमें प्रधान और सचिव की ओर से शौचालय निर्माण की पांच लाख 76 हजार की रकम का गबन करने का आरोप सिद्घ हुआ। जांच रिपोर्ट आने के बाद दोनों को नोटिस देते हुए डीपीआरओ ने एडीओ पंचायत कौशलेंद्र सिंह को इस मामले में एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए हैं।
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विजयीपुर ब्लाक की गढ़ा ग्राम पंचायत की कालिंदी गोशाला में तैनाती के दौरान अतिरिक्त टिनशेड़, खड़ंजा और चरही का निर्माण न कराने पर पंचायत सचिव लवलेश मिश्र को निलंबित कर दिया गया है। गढ़ा की ग्राम प्रधान ननबुद्दी को कारण बताओ नोटिस देकर तीन दिन में स्पष्टीकरण तलब किया गया है। बहुआ ब्लाक के डूंडरा गांव के सफाई कर्मी राजकुमार, गाजीपुर गांव के सफाई कर्मी मनोज कुमार भारती और धाता ब्लाक के बेलावां में तैनात सफाई कर्मी अमरदीप कुमार को काम में लापरवाही पर निलंबित कर दिया गया है।
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हसवा ब्लाक के पूर्व प्रधान धर्मेंद्र सिंह और पंचायत सचिव विपिन कुमार के खिलाफ शौचालय की धनराशि निकालने के बाद भी शौचालय न बनवाने की शिकायत प्रीती सिंह ने डीएम से की थी। डीएम ने छह सदस्यीय कमेटी बनाकर जांच कराई। इसमें प्रधान और सचिव की ओर से शौचालय निर्माण की पांच लाख 76 हजार की रकम का गबन करने का आरोप सिद्घ हुआ। जांच रिपोर्ट आने के बाद दोनों को नोटिस देते हुए डीपीआरओ ने एडीओ पंचायत कौशलेंद्र सिंह को इस मामले में एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए हैं।
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