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फतेहपुरः हत्या, डकैती,लूट में चार गिरफ्तार
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पुलिस लाइन में लूट का खुलासा करते एसपी राजेश कुमार सिंह व पीछे खड़े आरोपी। संवाद
- फोटो : FATEHPUR
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फतेहपुर। हत्या, डकैती और लूट में चार लोगों को गिरफ्तार किया गया है। सर्विलांस से पकड़े गए इन आरोपियों में हिस्ट्रीशीटर और महिला भी शामिल है। बदमाशों से नकदी, जेवर और एक रिवाल्वर बरामद हुई है। आरोपियों पर गैंगस्टर की कार्रवाई होगी। रिवाल्वर बांदा जिले से चोरी का है।
पुलिस लाइन में पत्रकारों से बातचीत में एसपी राजेश कुमार सिंह ने बताया कि राधानगर में सेवानिवृत्त शिक्षक बलबीर सिंह की एक जनवरी की रात हत्या के बाद डकैती और चांदमारी चौकी क्षेत्र में पांच अगस्त को बस कंडक्टर के परिवार को मरणासन्न कर लूटने वाले बदमाशों को सथरियांव रेलवे अंडरपास पर पकड़ा गया। इनमें हिस्ट्रीशीटर अमेना कोतवाली बिंदकी (हाल पता अंदौली पुलिया राधानगर) निवासी शिवगोपाल उर्फ राजा, अमेना निवासी सुरेंद्र उर्फ कैदी भुर्जी, बिंदकी जबरापुर निवासी आनंद उर्फ बाबा और आनंद की पत्नी रूपा है। शिवगोपाल से रिवाल्वर और सुरेंद्र से तमंचा मिला है। उनसे लूटी रकम में 27 हजार रुपये व दो लाख के जेवर बरामद किए गए हैं। गैंग का लीडर शिवगोपाल है। लूटा माल रूपा सर्राफों की दुकान में बेचकर आती है। हिस्ट्रीशीटर शहर में रिक्शा चलाता है। शिवगोपाल की जेल में बंद अनिल के बीच बस कंडक्टर के घर हुई घटना की रात कई बार मोबाइल पर बातचीत हुई थी। रिक्शा चालक का मोबाइल ट्रेस हुआ था। टीम को 25 हजार का इनाम दिया गया है।
चांदमारी चौकी क्षेत्र में बस कंडक्टर के घर की शिवगोपाल ने रैकी की थी। शिवगोपाल ई रिक्शा में बिंदकी से अनिल, आनंद उर्फ बाबा, सुरेंद्र को लेकर जयरामनगर आया। यहां तीनों ने शराब पी, समोसा व चाऊमीन खाया। उसके बाद राधानगर गए। वहां शराब पी और होटल में खाना खाया। चारों रात दो बजे घटना करने पहुंचे। बस कंडक्टर के घर में खुले शटर की बजाए छत से अनिल, सुरेंद्र गए थे। लूटपाट के बाद ई रिक्शा से बहुआ से जोनिहा पहुंचे। जोनिहा के पास माल का बंटवारा कर रहे थे। बंटवारे में उनके बीच विवाद हुआ। होमगार्ड को आते देखकर सभी मौके से चले गए। लूटा माल महिला ने दो सर्राफों को बेचा था।
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अमेना निवासी अनिल को बिंदकी पुलिस ने 14 अगस्त को गिरफ्तार किया था। उसे ग्रामीणों ने चोरी करते पकड़ा था। पुलिस ने अनिल का चोरी में चालान किया था। अब पुलिस उसे रिमांड पर लेकर लूट का माल बरामद करेगी। आरोपी ई रिक्शा चलाकर और मजदूरी कर रैकी करते थे। आनंद उर्फ बाबा राजगीर है। जेल में बंद अनिल मजदूरी करता है। सुरेंद्र कोई काम नहीं करता है। चांदमारी की घटना से पहले बस कंडक्टर की पत्नी शादी से शिवगोपाल के ई रिक्शा से लौट रही थी। तभी उसने बस कंडक्टर के घर रैकी की थी। शादी में जाने की वजह से कंडक्टर की पत्नी काफी जेवर पहने थी। राजगीर आनंद बाबा और अनिल ने एक घर बनाने के दौरान शिक्षक के घर रैकी की थी।
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पुलिस लाइन में पत्रकारों से बातचीत में एसपी राजेश कुमार सिंह ने बताया कि राधानगर में सेवानिवृत्त शिक्षक बलबीर सिंह की एक जनवरी की रात हत्या के बाद डकैती और चांदमारी चौकी क्षेत्र में पांच अगस्त को बस कंडक्टर के परिवार को मरणासन्न कर लूटने वाले बदमाशों को सथरियांव रेलवे अंडरपास पर पकड़ा गया। इनमें हिस्ट्रीशीटर अमेना कोतवाली बिंदकी (हाल पता अंदौली पुलिया राधानगर) निवासी शिवगोपाल उर्फ राजा, अमेना निवासी सुरेंद्र उर्फ कैदी भुर्जी, बिंदकी जबरापुर निवासी आनंद उर्फ बाबा और आनंद की पत्नी रूपा है। शिवगोपाल से रिवाल्वर और सुरेंद्र से तमंचा मिला है। उनसे लूटी रकम में 27 हजार रुपये व दो लाख के जेवर बरामद किए गए हैं। गैंग का लीडर शिवगोपाल है। लूटा माल रूपा सर्राफों की दुकान में बेचकर आती है। हिस्ट्रीशीटर शहर में रिक्शा चलाता है। शिवगोपाल की जेल में बंद अनिल के बीच बस कंडक्टर के घर हुई घटना की रात कई बार मोबाइल पर बातचीत हुई थी। रिक्शा चालक का मोबाइल ट्रेस हुआ था। टीम को 25 हजार का इनाम दिया गया है।
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चांदमारी चौकी क्षेत्र में बस कंडक्टर के घर की शिवगोपाल ने रैकी की थी। शिवगोपाल ई रिक्शा में बिंदकी से अनिल, आनंद उर्फ बाबा, सुरेंद्र को लेकर जयरामनगर आया। यहां तीनों ने शराब पी, समोसा व चाऊमीन खाया। उसके बाद राधानगर गए। वहां शराब पी और होटल में खाना खाया। चारों रात दो बजे घटना करने पहुंचे। बस कंडक्टर के घर में खुले शटर की बजाए छत से अनिल, सुरेंद्र गए थे। लूटपाट के बाद ई रिक्शा से बहुआ से जोनिहा पहुंचे। जोनिहा के पास माल का बंटवारा कर रहे थे। बंटवारे में उनके बीच विवाद हुआ। होमगार्ड को आते देखकर सभी मौके से चले गए। लूटा माल महिला ने दो सर्राफों को बेचा था।
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अमेना निवासी अनिल को बिंदकी पुलिस ने 14 अगस्त को गिरफ्तार किया था। उसे ग्रामीणों ने चोरी करते पकड़ा था। पुलिस ने अनिल का चोरी में चालान किया था। अब पुलिस उसे रिमांड पर लेकर लूट का माल बरामद करेगी। आरोपी ई रिक्शा चलाकर और मजदूरी कर रैकी करते थे। आनंद उर्फ बाबा राजगीर है। जेल में बंद अनिल मजदूरी करता है। सुरेंद्र कोई काम नहीं करता है। चांदमारी की घटना से पहले बस कंडक्टर की पत्नी शादी से शिवगोपाल के ई रिक्शा से लौट रही थी। तभी उसने बस कंडक्टर के घर रैकी की थी। शादी में जाने की वजह से कंडक्टर की पत्नी काफी जेवर पहने थी। राजगीर आनंद बाबा और अनिल ने एक घर बनाने के दौरान शिक्षक के घर रैकी की थी।