फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Fatehpur News ›   crime

शव खोजने उतरे 14 गोताखोर, खाली रही पुलिस

Sat, 30 Jul 2022 12:15 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Sat, 30 Jul 2022 12:15 AM IST
विज्ञापन
crime
यमुना पुल पर लोगों से पूछताछ करते एसपी राजेश कुमार सिंह। संवाद - फोटो : FATEHPUR
खागा। वेल्डिंग व्यापारी के शव की तलाश में शुक्रवार को खागा पुलिस परिजनों व गोताखोरों के साथ गाजीपुर थाना क्षेत्र के औगासी पुल पर पहुंची। पुलिस के साथ पकड़े गए चारों आरोपी भी थे। लहरों के बीच 14 लोग शव की खोजबीन के लिए नाव लेकर नदी में पहुंचे। जाल डाला गया लेकिन शाम तक शव पुलिस को नहीं मिल सका।
विज्ञापन

एसपी राजेश कुमार सिंह, एएसपी राजेश कुमार, सीओ जाफरगंज, एसओजी व गाजीपुर पुलिस मौके पर पहुंची। एसपी ने आसपास के लोगों से भी पूछताछ की। उधर, नदी का जल प्रवाह इतना अधिक था कि गोताखोरों का बड़ा जाल नदी के नीचे जाने की जगह सतह पर ही बहने लगा।
विज्ञापन

काफी प्रयास के बाद भी जाल को नीचे नहीं ले जाया सका। ऐसे में दिनभर केवल नाव से खानापूर्ति जैसी स्थिति बनी रही। नदी का वेग और जलस्तर अधिक होने के कारण कोई भी व्यक्ति पानी में नहीं उतरने की हिम्मत नहीं जुटा सका।
विज्ञापन
विज्ञापन

यमुना के तेज बहाव को देखते हुए शव की तलाश के लिए शनिवार को एसडीआरएफ की टीम भी पहुंचेगी। पुलिस का मानना है कि शव फेंकने से पहले उसे बोरे में भरा गया और फिर उसमें 20 ईंट रखी गई है। ऐसे में यह तय है कि बोरा नदी की तल में चला गया होगा। मौजूदा समय मौरंग व मिट्टी भी पानी के साथ अधिक मात्रा में आ रही हैं। मौरंग और मिट्टी भी शव खोजने में बाधा डाल रही है।
पुलिस हिरासत में आरोपियों से इरफान के मोबाइल, पर्स, डेबिट कार्ड आदि के बारे में पूछताछ की गई। आरोपियों की निशादेही पर पुलिस की एक टीम खागा से चित्रकूट के राजापुर कस्बे के पास कमासिन रोड पर करीब 10 किलोमीटर आगे एक गांव पहुंची। जहां एक नाले में उतरकर सिपाहियों ने इरफान का मोबाइल फोन खोज निकाला। पुलिस का मानना है कि गायब पर्स, डेबिट कार्ड आदि चीजें फरार एक आरोपी के पास बताई जा रही है।
इरफान की हत्या में शामिल आरोपियों ने उसका मोबाइल नाले में फेंकने से पहले उसका सिमकार्ड निकाल लिया था। इसके बाद एक आरोपी ने इरफान का सिमकार्ड अपने फोन में लगाकर 22 जुलाई को 20 लाख की फिरौती की मांग की। फिरौती के लिए एक बार फोन किया गया और मोबाइल पर मैसेज भेजकर भी पैसे की व्यवस्था करने की बात कही गई। जबकि आरोपियों ने 21 जुलाई को ही इरफान की हत्या कर दी थी।
सूत्रों की मानें तो हत्या करने के बाद शव को बोरे में भरकर धर्मेंद्र आदि ने पिछली सीट पर नीचे लिटा दिया था। जहां पर लोग पैर रखते हैं, यहीं पर इरफान का शव रखा गया और उसके ऊपर तीनों दोस्त पैर रखकर औगासी तक पहुंचे। कार में योजना के अनुसार 20 ईंट रख ली गई थी। जिसे बोरे में भरकर यमुना में फेंक दिया गया।

रक्षपालपुर। पौली गांव के रहने वाले इरफान की हत्या की खबर के बाद से परिवार में कोहराम मचा हुआ है। हंसता खेलता परिवार एक, झटके में गमों के सागर में डूब गया है। शुक्रवार को परिवार व गांव के लोग इरफान की खोजबीन व उसकी एक झलक पाने के लिए औगासी पहुंचे। गांव में हर जगह, लोग घटना को लेकर चर्चाएं करते हुए दिखे।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed