नौकरी झांसा देकर युवाओं से ठगी में कंपनी के खिलाफ बुधवार को दोबारा रिपोर्ट दर्ज कर पुलिस ने मौके से दस लोगों को पकड़ा है। आरोपियों से पूछताछ की जा रही है। करीब छह माह पहले भी एफआईआर दर्ज की गई थी। एक दो माह संचालन भी बंद रहा। कुछ आरोपी जमानत में थे। पहले कंपनी दूसरे नाम से संचालित थी। शहर के लखनऊ बाईपास रोड पर ग्लेज ट्रेडिंग इंडिया लिमिटेड घरेलू उत्पाद बेचने वाली कंपनी संचालित होती है। आजमगढ़ जिले के महगूपुर धाहर निवासी राजनाथ की ओर से रिपोर्ट दर्ज कराई गई। उसका आरोप है कि उसे नौकरी के लिए बुलाया गया था। 11 हजार रुपये जमा कराए। कंपनी ने बताए काम के मुतात्र्बिक नौकरी नहीं दी। धोखाधड़ी कर एक फार्म भरवाया। झूठा आश्वासन देकर एक गुप्त स्थान में बंद रखा। वहां कई और लड़के हैं। उन्हें डरा धमका कर बंद रखा गया। रुपयों की मांग करने लगे। यहां आने पर ही फर्जीवाड़े का पता लगा। कंपनी के मुख्य कर्ताधर्ता बताते हुए अखलाख, जीत, अमित वर्मा, विजय, रामजनक, रविकांत, सोनू पटेल, चंदन, अंकित और एक अज्ञात पर रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। दूसरी रिपोर्ट प्रतापगढ़ कुंडा के छजईपुर मलावां पूरे ठकुराइन निवासी शुभम पांडेय, हरदोई के कोयावां पलियाराम सिंह निवासी अरुण कश्यप, जौनपुर के रतनूपुर बाराभनपुर निवासी अनिल यादव की ओर से दी तहरीर पर दर्ज कराई गई। पीड़ित शुभम ने आठ हजार, अरुण ने दस हजार, अनिल ने 15 हजार रुपयों की ठगी का आरोप लगाया है। नौकरी के नाम पर जमा रुपये वापस मांगने पर बंधक बनाकर रखा गया। पीड़ितों का आरोप है कि गैरजनपदों से नौकरी के बहाने से बुलाया जाता है। नौकरी की जगह कंपनी में प्रोडक्ट बेचने की ट्रेनिंग दी जाती है। रजिस्ट्रेशन, हास्टल खर्च के नाम पर रकम जमा कराते हैं। रकम जमा होने के बाद लड़कों से अपने दूसरे साथियों को बुलवाते हैं। कड़ी निगरानी में बंधक बनाकर रखा जाता है। छह माह पहले दर्ज एफआईआर के आरोपियों में जीत और अखलाख शामिल रहे हैं। कोतवाल रवींद्र श्रीवास्तव ने बताया कि मामले में रिपोर्ट दर्ज की गई है। छह आरोपियों को पकड़ा गया है। पुराने दर्ज मामले में चार्जशीट लग चुकी है।