{"_id":"5d7947c78ebc3e93d47d5f8c","slug":"crime-fatehpur-news-knp5130062162","type":"story","status":"publish","title_hn":"अपहृत फैक्ट्री कर्मी बांदा के तिंदवारी में मिला","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अपहृत फैक्ट्री कर्मी बांदा के तिंदवारी में मिला
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
चौडगरा(फतेहपुर)। कल्यानपुर थाना क्षेत्र के अहिरनखेड़ा गांव से अपहृत फैक्टरी कर्मी बुधवार को बांदा जिले के तिंदवारी थाना क्षेत्र में एक होटल में मिला। पुलिस उसे लेकर लौटी। पुलिस ने मेडिकल कराने के बाद परिजनों को सुपुर्द कर दिया है। पुलिस का कहना है कि फैक्टरी कर्मी से पूछताछ में किसी तरह का ठोस सुराग तो नहीं मिला है लेकिन पुलिस अपहरण मानकर छानबीन कर रही है। रामचंद्र की हालात सामान्य होने पर फिर उनसे पूछताछ की जाएगी। अभी वह काफी सहमे दिखे।
कल्यानपुर थाने के इब्राहीमपुर गनइयाखेड़ा निवासी किसान चंद्रिका यादव का बेटा रामचंद्र(40) सौरा की एक फैक्ट्री का कर्मचारी है। बाइक से मंगलवार को गोपालगंज पीएचसी जा रहा था। उसके नंबर से शाम चार बजे भाई राजू यादव के मोबाइल पर फिरौती का फोन पहुंचा। फोन पर सात लाख की फिरौती मांगी गई थी। दोबारा भी फोन पहुंचा। उसके बाद फोन स्विच ऑफ हो गया था। परिवार व पुलिस दोनों सुराग की तलाश में परेशान थी। बुधवार सुबह लगभग नौ बजे तिंदवारी के एक ढाबे से रामचंद्र का फोन भाई राजू के पास आया। राजू ने तुरंत पुलिस को
सूचना दी। पुलिस तिंदवारी से रामचंद्र को लेकर आई। पुलिस की पूछताछ में रामचंद्र ने बताया कि पीएचसी के पास बाइक चेकिंग लगी रहती है। इसी वजह से ढाबे में बाइक खड़ी कर टेंपो आने का इंतजार कर रहे थे। एक स्कार्पियों करीब आई। उसमें कुछ लोग बैठे थे। उसे घसीटकर बैठा लिया गया। आंख में पट्टी बांधने के बाद बेहोश कर दिया गया था। उसे सुबह करीब छह बजे होश आया। वह जंगल में पड़ा हुआ था। जंगल से बाहर निकला तो एक ढाबा दिखा। जहां मदद के लिए पहुंचा। सीओ अभिषेक तिवारी ने बताया कि रामचंद्र से पूछताछ में किसी तरह का ठोस सुराग तो नहीं मिला है लेकिन पुलिस अपहरण मानकर छानबीन कर रही है। रामचंद्र की हालात सामान्य होने पर फिर उनसे पूछताछ की जाएगी। अभी वह काफी सहमे दिखे।
विज्ञापन
===================
विज्ञापन
कल्यानपुर थाने के इब्राहीमपुर गनइयाखेड़ा निवासी किसान चंद्रिका यादव का बेटा रामचंद्र(40) सौरा की एक फैक्ट्री का कर्मचारी है। बाइक से मंगलवार को गोपालगंज पीएचसी जा रहा था। उसके नंबर से शाम चार बजे भाई राजू यादव के मोबाइल पर फिरौती का फोन पहुंचा। फोन पर सात लाख की फिरौती मांगी गई थी। दोबारा भी फोन पहुंचा। उसके बाद फोन स्विच ऑफ हो गया था। परिवार व पुलिस दोनों सुराग की तलाश में परेशान थी। बुधवार सुबह लगभग नौ बजे तिंदवारी के एक ढाबे से रामचंद्र का फोन भाई राजू के पास आया। राजू ने तुरंत पुलिस को
विज्ञापन
सूचना दी। पुलिस तिंदवारी से रामचंद्र को लेकर आई। पुलिस की पूछताछ में रामचंद्र ने बताया कि पीएचसी के पास बाइक चेकिंग लगी रहती है। इसी वजह से ढाबे में बाइक खड़ी कर टेंपो आने का इंतजार कर रहे थे। एक स्कार्पियों करीब आई। उसमें कुछ लोग बैठे थे। उसे घसीटकर बैठा लिया गया। आंख में पट्टी बांधने के बाद बेहोश कर दिया गया था। उसे सुबह करीब छह बजे होश आया। वह जंगल में पड़ा हुआ था। जंगल से बाहर निकला तो एक ढाबा दिखा। जहां मदद के लिए पहुंचा। सीओ अभिषेक तिवारी ने बताया कि रामचंद्र से पूछताछ में किसी तरह का ठोस सुराग तो नहीं मिला है लेकिन पुलिस अपहरण मानकर छानबीन कर रही है। रामचंद्र की हालात सामान्य होने पर फिर उनसे पूछताछ की जाएगी। अभी वह काफी सहमे दिखे।
विज्ञापन
===================