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पिता के हत्यारे बेटे को मां की गवाही पर हुई सजा
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फतेहपुर। पिता के हत्यारे बेटे को मां की गवाही पर अदालत ने सजा सुनाई है। प्रकरण अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश कोर्ट नंबर तीन अजय कुमार प्रथम की अदालत में विचाराधीन था। पैरवी सहायक शासकीय अधिवक्ता देवेश श्रीवास्तव ने की। पिता को पीट-पीटकर मार डाला गया था।
प्रकरण किशनपुर थानाक्षेत्र के जगतपुर गांव का है। घटना 25 अक्तूबर 2017 की रात 11 बजे हुई थी। गांव का जसवंत सिंह घर के बाहर पिता सुरेंद्र सिंह के साथ बैठा था। उसने पिता से किसान क्रेडिट कार्ड से 50 हजार रुपये निकालकर देने को कहा। पिता ने इतनी बड़ी रकम देने से इंकार कर दिया। नाराज जसवंत ने उसी समय पिता सुरेंद्र सिंह को लाठी से पीटना शुरू कर दिया। पिटाई से सुरेंद्र की मौत हो गई थी। मां निर्मला देवी की तहरीर पर पुलिस ने
रिपोर्ट दर्ज की थी। घटना के दूसरे दिन ही पुलिस ने जसवंत सिंह को जेल भेज दिया था। अदालत ने अपना फैसला सोमवार को सुना दिया। सहायक अधिवक्ताओं की ओर से पेश किए गए साक्ष्यों, तर्कों और गवाहों को मद्देनजर अपर जिला जज अजय कुमार प्रथम की अदालत ने दोषी मानते हुए जसवंत सिंह को सात साल सश्रम कारावास की सजा सुनाई। अदालत ने तीन हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। मामले में खास बात यह रही कि बेटे को मां की गवाही पर सजा सुनाई गई।
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प्रकरण किशनपुर थानाक्षेत्र के जगतपुर गांव का है। घटना 25 अक्तूबर 2017 की रात 11 बजे हुई थी। गांव का जसवंत सिंह घर के बाहर पिता सुरेंद्र सिंह के साथ बैठा था। उसने पिता से किसान क्रेडिट कार्ड से 50 हजार रुपये निकालकर देने को कहा। पिता ने इतनी बड़ी रकम देने से इंकार कर दिया। नाराज जसवंत ने उसी समय पिता सुरेंद्र सिंह को लाठी से पीटना शुरू कर दिया। पिटाई से सुरेंद्र की मौत हो गई थी। मां निर्मला देवी की तहरीर पर पुलिस ने
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रिपोर्ट दर्ज की थी। घटना के दूसरे दिन ही पुलिस ने जसवंत सिंह को जेल भेज दिया था। अदालत ने अपना फैसला सोमवार को सुना दिया। सहायक अधिवक्ताओं की ओर से पेश किए गए साक्ष्यों, तर्कों और गवाहों को मद्देनजर अपर जिला जज अजय कुमार प्रथम की अदालत ने दोषी मानते हुए जसवंत सिंह को सात साल सश्रम कारावास की सजा सुनाई। अदालत ने तीन हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। मामले में खास बात यह रही कि बेटे को मां की गवाही पर सजा सुनाई गई।
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