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Fatehpur News: गांव किनारे फेंका जा रहा दूषित पानी
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संवाद न्यूज़ एजेंसी
औंग। थाना क्षेत्र के गोधरौली गांव किनारे हाइवे में फैक्ट्री का केमिकलयुक्त गंदा पानी टैंकर में भरकर फेंका जा रहा है। प्रतिदिन फैक्टरियों से निकलने वाले गंदे पानी की 20 खेप टैंकरों से फेंकी जा रही है।
फैक्टरियों ने केमिकल अपशिष्ट डालकर गोधरौली गांव के भूगर्भ जल को दूषित कर रखा है। दो तिहाई हैंडपंप व सबमर्सिबल से क्रोमियम व फ्लोराइडयुक्त पानी उगल रहे हैं। जिसके कारण तीन टैंकरों से ग्रामीणों को पीने का पानी मुहाइया कराया जा रहा है। बीते दिनों चार जनवरी को जिलाधिकारी सी इंदुमती ने गांव का दौरा किया था। उन्होंने गांव फैली गंदगी की वजह से संबंधित अधिकारियों को फटकार लगाई थी।
संचारी रोग नियंत्रण अभियान की शुरूआत एक अप्रैल से हो चुकी है, जो 30 अप्रैल तक चलेगी। इसके बाद भी फैक्टरी प्रबंधन केमिकल युक्त गंदा पानी गांव में डालकर सरकार की योजना को पलीता लगा रहे हैं। गांव में बीमारियां फैलने का खतरा बना है। हालांकि ग्रामीणों ने एकजुट होकर उच्च न्यायालय में गुहार लगाई है।
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उच्च न्यायालय ने ग्रामीणों को साफ पानी मुहैया कराकर फैक्टरी की मनमानी रोकने को प्रशासन को आदेशित किया था। अभी तक मनमानी में लगाम नहीं लग सकी है।
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औंग। थाना क्षेत्र के गोधरौली गांव किनारे हाइवे में फैक्ट्री का केमिकलयुक्त गंदा पानी टैंकर में भरकर फेंका जा रहा है। प्रतिदिन फैक्टरियों से निकलने वाले गंदे पानी की 20 खेप टैंकरों से फेंकी जा रही है।
फैक्टरियों ने केमिकल अपशिष्ट डालकर गोधरौली गांव के भूगर्भ जल को दूषित कर रखा है। दो तिहाई हैंडपंप व सबमर्सिबल से क्रोमियम व फ्लोराइडयुक्त पानी उगल रहे हैं। जिसके कारण तीन टैंकरों से ग्रामीणों को पीने का पानी मुहाइया कराया जा रहा है। बीते दिनों चार जनवरी को जिलाधिकारी सी इंदुमती ने गांव का दौरा किया था। उन्होंने गांव फैली गंदगी की वजह से संबंधित अधिकारियों को फटकार लगाई थी।
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संचारी रोग नियंत्रण अभियान की शुरूआत एक अप्रैल से हो चुकी है, जो 30 अप्रैल तक चलेगी। इसके बाद भी फैक्टरी प्रबंधन केमिकल युक्त गंदा पानी गांव में डालकर सरकार की योजना को पलीता लगा रहे हैं। गांव में बीमारियां फैलने का खतरा बना है। हालांकि ग्रामीणों ने एकजुट होकर उच्च न्यायालय में गुहार लगाई है।
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उच्च न्यायालय ने ग्रामीणों को साफ पानी मुहैया कराकर फैक्टरी की मनमानी रोकने को प्रशासन को आदेशित किया था। अभी तक मनमानी में लगाम नहीं लग सकी है।