{"_id":"5fbd533a8ebc3e9bfd3f9114","slug":"cm-praised-the-farmers-of-fatehpur-fatehpur-news-knp5961044156","type":"story","status":"publish","title_hn":"पिछड़े जनपद के अगड़े अन्नदाताओं ने बढ़ाया जिले का मान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पिछड़े जनपद के अगड़े अन्नदाताओं ने बढ़ाया जिले का मान
विज्ञापन
पिछड़े जनपद के दाग को किसानों ने अपने पसीने से छुटाने की मिसाल पेश की है। कृषि और जल संसाधन के क्षेत्र में जनपद के अन्नदाताओं ने इतनी मेहनत की है कि नीति आयोग के पिछड़े जनपदों की रैकिंग में अपना जिला अव्वल आया है।
किसानों ने नीति की आयोग की रैकिंग में जिले का मान बढ़ाने के साथ ही जनपद को तीन करोड़ रुपयों का विशेष पैकेज भी दिलाया है। यह रकम जिलाधिकारी के विवेकानुसार जनपद के सर्वांगीण विकास में खर्च की जाएगी।
मंगलवार को केंद्र सरकार के नीति आयोग ने प्रदेश के पिछड़े जनपदों की रैकिंग जारी की। यह रैकिंग स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि एवं जल संसाधन, मूलभूत सुविधाओं, पेंशन योजनाओं एवं बैंकों की ऋण योजनाओं और कौशल विकास के कुल छह बिंदुओं पर की जाती है। इन सभी बिंदुओ में से कृषि एवं जल संसाधन के क्षेत्र में जनपद ने अव्वल मुकाम हासिल किया है।
विज्ञापन
जिसकी वजह से जिले को तीन करोड़ रुपयों का विशेष पैकेज दिया गया है। इस तरह से पिछड़े जनपदों की रैकिंग में लगातार अच्छा प्रदर्शन कर फतेहपुर ने तीसरी बार पूरे देश में अपनी अलग पहचान बनाई है।
इससे पूर्व में गत वर्ष की पहली डेल्टा रैकिंग में सभी छह बिंदुओं पर बेहतर तरक्की कर फतेहपुर ने दूसरा स्थान प्राप्त किया था। जिसमें जिले को पांच करोड़ का पैकेज दिया गया था। इसके बाद दूसरी रैकिंग में भी जिले का प्रदर्शन उम्दा रहा।
इसमें भी दो करोड़ का विशेष पैकेज मिला। मंगलवार की रैकिंग में भी जिले को तीन करोड़ का पैकेज मिला। इस तरह से जनपद को कुल दस करोड़ का विशेष पैकेज मिला है।
कृषि के क्षेत्र में फतेहपुर नीति आयोग की रैकिंग की कई सीढ़ियां चढ़कर अव्वल आया है। यहां के किसानों ने कम से कम पानी में उम्दा फसलें उत्पादित कर अपना स्थान बनाया है। स्प्रिंकलर, ड्रिप और रेन गन के माध्यम से सिंचाई कर किसानों ने कम पानी में फसलें करने का क्षेत्रफल बढ़ाया है। गत वर्ष जिले के 3500 हेक्टेयर क्षेत्रफल में किसान स्प्रिंकलर, ड्रिप और रेन गन के माध्यम से सिंचाई कर रहे थे।
इस वर्ष यह आंकड़ां 4000 हेक्टेयर के आंकड़े को पार कर गया है। जनपद बिंदकी और फतेहपुर मंडी अब ऑनलाइन संचालित होती है। फसली ऋण के आंकड़ों पर गौर करें तो गत वर्ष जहां किसानों ने 76 हजार करोड़ का ऋण लिया था, वहीं इस वर्ष यह आंकड़ा 127 हजार करोड़ के आंकड़े को पार गया है।
एमएसपी के सापेक्ष जनपद की स्थानीय मंडी में फसलों के दाम भी औसतन आसपास ही रहे हैं। गुणवत्तापरक बीजों का वितरण 1 लाख 20 हजार क्विंटल वितरण किया जा चुका है। खेत तालाब योजना में भी 170 किसानों को लाभ मिल चुका है।
विज्ञापन
किसानों ने नीति की आयोग की रैकिंग में जिले का मान बढ़ाने के साथ ही जनपद को तीन करोड़ रुपयों का विशेष पैकेज भी दिलाया है। यह रकम जिलाधिकारी के विवेकानुसार जनपद के सर्वांगीण विकास में खर्च की जाएगी।
विज्ञापन
मंगलवार को केंद्र सरकार के नीति आयोग ने प्रदेश के पिछड़े जनपदों की रैकिंग जारी की। यह रैकिंग स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि एवं जल संसाधन, मूलभूत सुविधाओं, पेंशन योजनाओं एवं बैंकों की ऋण योजनाओं और कौशल विकास के कुल छह बिंदुओं पर की जाती है। इन सभी बिंदुओ में से कृषि एवं जल संसाधन के क्षेत्र में जनपद ने अव्वल मुकाम हासिल किया है।
विज्ञापन
जिसकी वजह से जिले को तीन करोड़ रुपयों का विशेष पैकेज दिया गया है। इस तरह से पिछड़े जनपदों की रैकिंग में लगातार अच्छा प्रदर्शन कर फतेहपुर ने तीसरी बार पूरे देश में अपनी अलग पहचान बनाई है।
इससे पूर्व में गत वर्ष की पहली डेल्टा रैकिंग में सभी छह बिंदुओं पर बेहतर तरक्की कर फतेहपुर ने दूसरा स्थान प्राप्त किया था। जिसमें जिले को पांच करोड़ का पैकेज दिया गया था। इसके बाद दूसरी रैकिंग में भी जिले का प्रदर्शन उम्दा रहा।
इसमें भी दो करोड़ का विशेष पैकेज मिला। मंगलवार की रैकिंग में भी जिले को तीन करोड़ का पैकेज मिला। इस तरह से जनपद को कुल दस करोड़ का विशेष पैकेज मिला है।
कृषि के क्षेत्र में फतेहपुर नीति आयोग की रैकिंग की कई सीढ़ियां चढ़कर अव्वल आया है। यहां के किसानों ने कम से कम पानी में उम्दा फसलें उत्पादित कर अपना स्थान बनाया है। स्प्रिंकलर, ड्रिप और रेन गन के माध्यम से सिंचाई कर किसानों ने कम पानी में फसलें करने का क्षेत्रफल बढ़ाया है। गत वर्ष जिले के 3500 हेक्टेयर क्षेत्रफल में किसान स्प्रिंकलर, ड्रिप और रेन गन के माध्यम से सिंचाई कर रहे थे।
इस वर्ष यह आंकड़ां 4000 हेक्टेयर के आंकड़े को पार कर गया है। जनपद बिंदकी और फतेहपुर मंडी अब ऑनलाइन संचालित होती है। फसली ऋण के आंकड़ों पर गौर करें तो गत वर्ष जहां किसानों ने 76 हजार करोड़ का ऋण लिया था, वहीं इस वर्ष यह आंकड़ा 127 हजार करोड़ के आंकड़े को पार गया है।
एमएसपी के सापेक्ष जनपद की स्थानीय मंडी में फसलों के दाम भी औसतन आसपास ही रहे हैं। गुणवत्तापरक बीजों का वितरण 1 लाख 20 हजार क्विंटल वितरण किया जा चुका है। खेत तालाब योजना में भी 170 किसानों को लाभ मिल चुका है।