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Fatehpur News: मायके और ससुरालियों के बीच तकरार, साढ़े चार घंटे हंगामा चला
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फोटो 19-हंगामा करती महिलाओं को समझाती पुलिस। संवाद
फतेहपुर। जाफरगंज थाना क्षेत्र के धौरहारा गांव में महिला के बेटे समेत खुदकुशी के मामले में पुलिस ने चार ससुरालियों के खिलाफ आत्महत्या को उकसाने की प्राथमिकी दर्ज की है। पुलिस ने तीन आरोपियों को पकड़ा है। मायके पक्ष ने शवों का अंतिम संस्कार रोककर पति को बुलाने की मांग की। इसे लेकर करीब साढ़े चार घंटे तक हंगामा चला। पक्षों के बीच नोकझोंक भी हुई।
धौरहारा गांव निवासी राजकली (30) ने दो जून को ससुरालियों से प्रताड़ित होकर चार वर्ष के पुत्र राज उर्फ छोटे व एक वर्ष के पुत्र सौरभ को जहर पिलाकर खुद भी पी लिया था। घटना के कुछ घंटे बाद राज की मौत हो गई। इसके बाद राजकली की कानपुर हैलट में इलाज के दौरान मौत हो गई।
मंसूरपुर निवासी बाबूराम निषाद ने पुत्री राजकली के पति रज्जन, सास रामदुलारी, जेठ कमल व जेठानी गीता के खिलाफ पुत्री को खुदकुशी के लिए उकसाने की प्राथमिकी दर्ज कराई है। आरोप है कि राजकली को दो जून को भी ससुरालियों ने पीटा। पति, सास, जेठ व जेठानी अक्सर पुत्री को प्रताड़ित करते थे। इससे क्षुब्ध होकर पुत्री ने खुद और बच्चों को जहर खिलाकर आत्महत्या की। नाती सौरभ का इलाज चल रहा है।
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पोस्टमार्टम के बाद राजकली (30) और उसके छह वर्षीय पुत्र छोटू उर्फ राज के बुधवार शाम शव गांव पहुंचे। करीब सुबह सात बजे राजकली के पिता बाबूराम करीब अपने गांव से 50 से 60 ग्रामीणों के साथ धौरहारा गांव पहुंचे। पति रज्जन को बुलाने की मांग को लेकर मायके पक्ष ने अंतिम संस्कार रुकवा दिया। इसी बात पर मायके और ससुराल पक्ष के लोगों के बीच तीखी बहस हुई।
महिलाओं के बीच भी कई बार नोकझोंक हुई। मारपीट की नौबत तक बन गई। करीब साढ़े चार घंटे तक दोनों शव घर के बाहर रखे रहे और अंतिम संस्कार नहीं हो सका। पुलिस व मंसूरपुर ग्राम प्रधान अरविंद दुबे, क्षेत्र के संभ्रांत लोगों के हस्तक्षेप करने के बाद दोनों पक्ष शांत हुए। इसके बाद यमुना किनारे दोपहर करीब 12 बजे अंतिम संस्कार हुआ। पुलिस ने सास, जेठ और जेठानी को पकड़ा है। प्रभारी निरीक्षक प्रमोद शुक्ला ने बताया कि प्राथमिकी दर्ज कर आरोपियों की धरपकड़ की जा रही है।
खिलौने थामने वाली कांपती हथेलियों ने मां-भाई को अंतिम विदाई दी
फतेहपुर। महज आठ साल की उम्र में मां का साथ छूट गया। पिता भी घर छोड़कर भाग निकला है। आठ वर्षीय शिवा के सामने अजब मजबूरी थी कि वह कैसे मां को उस मां के जिसके जगाने पर उसकी सुबह होती और कहानियां सुनकर नींद आती थी मिट्टी में दफन करे। उस आंचल की छांव अब नहीं मिलेगी। मां-बेटे के शवों को देखकर हर किसी की आंखें नम रही। शिवा ने अपनी मां और छोटे भाई को अंतिम विदाई दी।
यमुना किनारे पहुंचने के बाद परिजनों ने रेत में गड्ढा खोदा था। यहां राजकली और छोटू उर्फ राज के शव का अंतिम संस्कार किया गया। उदास बेटा शिवा को अंतिम संस्कार की रस्में पूरी करने के लिए आगे बुलाया गया। उसके हाथ कांपने लगे। जाहिर है कि जिस उम्र में उसे मां की गोद और छोटे भाई का साथ मिलना चाहिए था, उसे दोनों को अंतिम विदाई देनी पड़ रही थी।
पुलिस से भी शिकायत का आरोप
ग्रामीणों के बीच चर्चा रही कि 12 मई को राजकली ने पति रज्जन की प्रताड़ना की शिकायत जाफरगंज थाने में की थी। शिकायत पर एक पुलिस कर्मी, प्रधान रामविशाल, मायका व ससुराल पक्ष के लोगों की मौजूदगी में उसके घर पर पंचायत हुई थी। पंचायत के दौरान रज्जन नशे में था। वह किसी की बात सुनने को तैयार नहीं था। मौजूद लोगों ने उसे काफी समझाया था। ग्रामीणों में चर्चा है कि उस समय पुलिस ने रज्जन पर सख्ती दिखाई होती तो शायद घटना टल सकती थी। प्रभारी निरीक्षक प्रमोद शुक्ला ने बताया कि मामला उनके संज्ञान में नहीं आया था। मामले की जांच कराई जाएगी।
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धौरहारा गांव निवासी राजकली (30) ने दो जून को ससुरालियों से प्रताड़ित होकर चार वर्ष के पुत्र राज उर्फ छोटे व एक वर्ष के पुत्र सौरभ को जहर पिलाकर खुद भी पी लिया था। घटना के कुछ घंटे बाद राज की मौत हो गई। इसके बाद राजकली की कानपुर हैलट में इलाज के दौरान मौत हो गई।
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मंसूरपुर निवासी बाबूराम निषाद ने पुत्री राजकली के पति रज्जन, सास रामदुलारी, जेठ कमल व जेठानी गीता के खिलाफ पुत्री को खुदकुशी के लिए उकसाने की प्राथमिकी दर्ज कराई है। आरोप है कि राजकली को दो जून को भी ससुरालियों ने पीटा। पति, सास, जेठ व जेठानी अक्सर पुत्री को प्रताड़ित करते थे। इससे क्षुब्ध होकर पुत्री ने खुद और बच्चों को जहर खिलाकर आत्महत्या की। नाती सौरभ का इलाज चल रहा है।
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पोस्टमार्टम के बाद राजकली (30) और उसके छह वर्षीय पुत्र छोटू उर्फ राज के बुधवार शाम शव गांव पहुंचे। करीब सुबह सात बजे राजकली के पिता बाबूराम करीब अपने गांव से 50 से 60 ग्रामीणों के साथ धौरहारा गांव पहुंचे। पति रज्जन को बुलाने की मांग को लेकर मायके पक्ष ने अंतिम संस्कार रुकवा दिया। इसी बात पर मायके और ससुराल पक्ष के लोगों के बीच तीखी बहस हुई।
महिलाओं के बीच भी कई बार नोकझोंक हुई। मारपीट की नौबत तक बन गई। करीब साढ़े चार घंटे तक दोनों शव घर के बाहर रखे रहे और अंतिम संस्कार नहीं हो सका। पुलिस व मंसूरपुर ग्राम प्रधान अरविंद दुबे, क्षेत्र के संभ्रांत लोगों के हस्तक्षेप करने के बाद दोनों पक्ष शांत हुए। इसके बाद यमुना किनारे दोपहर करीब 12 बजे अंतिम संस्कार हुआ। पुलिस ने सास, जेठ और जेठानी को पकड़ा है। प्रभारी निरीक्षक प्रमोद शुक्ला ने बताया कि प्राथमिकी दर्ज कर आरोपियों की धरपकड़ की जा रही है।
खिलौने थामने वाली कांपती हथेलियों ने मां-भाई को अंतिम विदाई दी
फतेहपुर। महज आठ साल की उम्र में मां का साथ छूट गया। पिता भी घर छोड़कर भाग निकला है। आठ वर्षीय शिवा के सामने अजब मजबूरी थी कि वह कैसे मां को उस मां के जिसके जगाने पर उसकी सुबह होती और कहानियां सुनकर नींद आती थी मिट्टी में दफन करे। उस आंचल की छांव अब नहीं मिलेगी। मां-बेटे के शवों को देखकर हर किसी की आंखें नम रही। शिवा ने अपनी मां और छोटे भाई को अंतिम विदाई दी।
यमुना किनारे पहुंचने के बाद परिजनों ने रेत में गड्ढा खोदा था। यहां राजकली और छोटू उर्फ राज के शव का अंतिम संस्कार किया गया। उदास बेटा शिवा को अंतिम संस्कार की रस्में पूरी करने के लिए आगे बुलाया गया। उसके हाथ कांपने लगे। जाहिर है कि जिस उम्र में उसे मां की गोद और छोटे भाई का साथ मिलना चाहिए था, उसे दोनों को अंतिम विदाई देनी पड़ रही थी।
पुलिस से भी शिकायत का आरोप
ग्रामीणों के बीच चर्चा रही कि 12 मई को राजकली ने पति रज्जन की प्रताड़ना की शिकायत जाफरगंज थाने में की थी। शिकायत पर एक पुलिस कर्मी, प्रधान रामविशाल, मायका व ससुराल पक्ष के लोगों की मौजूदगी में उसके घर पर पंचायत हुई थी। पंचायत के दौरान रज्जन नशे में था। वह किसी की बात सुनने को तैयार नहीं था। मौजूद लोगों ने उसे काफी समझाया था। ग्रामीणों में चर्चा है कि उस समय पुलिस ने रज्जन पर सख्ती दिखाई होती तो शायद घटना टल सकती थी। प्रभारी निरीक्षक प्रमोद शुक्ला ने बताया कि मामला उनके संज्ञान में नहीं आया था। मामले की जांच कराई जाएगी।

फोटो 19-हंगामा करती महिलाओं को समझाती पुलिस। संवाद