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फतेहपुरः आवास विकास के दो पार्क फिर उजाड़
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अवास विकास का अमृत योजना से बना पार्क। संवाद
- फोटो : FATEHPUR
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फतेहपुर। अमृत योजना की 64 लाख की धनराशि बर्बाद चली गई। 32-32 लाख की लागत से आवास विकास कालोनी में बने दोनों पार्कों का सुंदरीकरण नेस्तानाबूत हो गया। तीन साल में पार्क पहले की तरह बदहाल हो गए। नगर पालिका का माली नियुक्ति न होने के कारण पार्क पूरी तरह बदहाल हुए हैं।
जनवरी 2018 में नगर पालिका में अमृत योजना लागू हुई। इसके तहत नगर पालिका ने 12 पार्कों के सुंदरीकरण का प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेजा था। इनमें डिप्टी कलक्टर हिकमत उल्ला पार्क के सुंदरीकरण के लिए 60 लाख और आवास विकास के 11 में से दो पार्कों के सुंदरीकरण के लिए 32-32 लाख की धनराशि स्वीकृत हुई थी। नगर पालिका ने तीनों पार्कों का सुंदरीकरण कराया। आवास विकास के दोनों पार्कों का सुंदरीकरण कराने के बाद लावारिश छोड़ दिया गया, जबकि डिप्टी कलक्टर हिकमत उल्ला पार्क जयपुरिया स्कूल को देखरेख के लिए सुपुर्द किया गया। डिप्टी कलक्टर हिकमत उल्ला पार्क तो सही सलामत है, लेकिन आवास विकास के दोनों पार्क पहले की तरह ही बदहाल हो चुके हैं। बाउंड्री के अंदर हर समय अन्ना मवेशी घूमते रहते हैं। लोगों ने बच्चों के खेलने के लिए लगे झूले लोग खोल ले गए हैं। सिंचाई की व्यवस्था न होने के कारण घास और फूलों की बेलें सूखकर गायब हो गई हैं।
अमृत योजना से आवास विकास के दो पार्कों का सुंदरीकरण कराया गया था। पार्क के आसपास रहने वालों लोगों को दोनों पार्क रखरखाव के लिए सौंपे गए थे, क्योंकि नगर पालिका के पास पार्कों के रखरखाव के लिए कर्मचारी की व्यवस्था नहीं है। सुंदरीकरण के लिए फिर से शासन को प्रस्ताव भेजा जाएगा।
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- मीरा सिंह, ईओ नगर पालिका।
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जनवरी 2018 में नगर पालिका में अमृत योजना लागू हुई। इसके तहत नगर पालिका ने 12 पार्कों के सुंदरीकरण का प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेजा था। इनमें डिप्टी कलक्टर हिकमत उल्ला पार्क के सुंदरीकरण के लिए 60 लाख और आवास विकास के 11 में से दो पार्कों के सुंदरीकरण के लिए 32-32 लाख की धनराशि स्वीकृत हुई थी। नगर पालिका ने तीनों पार्कों का सुंदरीकरण कराया। आवास विकास के दोनों पार्कों का सुंदरीकरण कराने के बाद लावारिश छोड़ दिया गया, जबकि डिप्टी कलक्टर हिकमत उल्ला पार्क जयपुरिया स्कूल को देखरेख के लिए सुपुर्द किया गया। डिप्टी कलक्टर हिकमत उल्ला पार्क तो सही सलामत है, लेकिन आवास विकास के दोनों पार्क पहले की तरह ही बदहाल हो चुके हैं। बाउंड्री के अंदर हर समय अन्ना मवेशी घूमते रहते हैं। लोगों ने बच्चों के खेलने के लिए लगे झूले लोग खोल ले गए हैं। सिंचाई की व्यवस्था न होने के कारण घास और फूलों की बेलें सूखकर गायब हो गई हैं।
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अमृत योजना से आवास विकास के दो पार्कों का सुंदरीकरण कराया गया था। पार्क के आसपास रहने वालों लोगों को दोनों पार्क रखरखाव के लिए सौंपे गए थे, क्योंकि नगर पालिका के पास पार्कों के रखरखाव के लिए कर्मचारी की व्यवस्था नहीं है। सुंदरीकरण के लिए फिर से शासन को प्रस्ताव भेजा जाएगा।
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- मीरा सिंह, ईओ नगर पालिका।