फतेहपुर। बढ़ते तापमान के बीच सोमवार को लोगों को कुछ राहत मिली। पुरवाई चलने और तापमान कम होने से वातावरण में तपिश कुछ कम हुई। बताया जा रहा है कि इस सप्ताह में ऐसी ही स्थिति बनी रहेगी।
जिले में इस बार पारा 44 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया था। अप्रैल में इतना तापमान कई साल पहले तक नहीं पहुंचा था। बड़े-बुजुर्ग बताते हैं कि कई साल पहले ऐसी ही गर्मी पड़ी थी, लेकिन ऐसी गर्मी मई माह में पड़ी थी। इस बार पूरे अप्रैल में पारा लगातार बढ़ता रहा। इस बीच रविवार से ही मौसम ने करवट ली। इसका कारण पश्चिमी विक्षोभ बताया जा रहा है। इस समय पछुआ और पुरवा दोनों ही हवा चल रही हैं। इस कारण कहीं-कहीं हल्की बूंदाबांदी भी हुई है, लेकिन स्वास्थ्य की दृष्टि से यह हानिकारक है। इसे काल बैसाखी की संज्ञा दी जा रही है। इस समय बैसाख का महीना चल रहा है। लगातार पछुआ चलने के बाद जब पुरवाई शुरू होती है तो वातावरण में नमी आती है। इससे तेज आंधी चलने की संभावना बढ़ जाती है। इससे मौसम तो जरूर कुछ देर के लिए ठंडा हो जाता है, परंतु मौसम के उतार-चढ़ाव से संक्रामक बीमारी फैलने के भी आसार होते हैं। मौसम विशेषज्ञ वसीम खान ने बताया कि काल बैसाखी, अप्रैल और मई के पहले पक्ष में ही ज्यादा असरकारक होती है। सोमवार को अधिकतम पारा 39 और न्यूनतम पारा 27 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया है।