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हेलो...दादा, आ जाओ, बेच लो अपना गेहूं
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फतेहपुर। हैलो...मैं केंद्र प्रभारी बोल रहा हूं। दादा अपना गेहूं लेकर केंद्र पर आओ। बिना किसी परेशानी के तौल कराओ। केंद्र प्रभारी किसानों को इसी तरह फोन कर रहे हैं। केंद्र प्रभारी किसी भी तरह खरीद का लक्ष्य पाना चाह रहे हैं।
जिले में एक अप्रैल से गेहूं खरीद शुरू हुई है, लेकिन खरीद व्यवस्था पटरी पर नहीं आ रही है। अधिकतर केंद्रों पर सन्नाटा पसरा है। इसकी मुुख्य वजह है कि तय सरकारी रेट के सापेक्ष बाजार में भी गेहूं दो हजार रुपये प्रति क्विंटल की दर से बिक रहा है। केंद्रों पर मनमानी को देखते हुए किसान बाजार में ही गेहूं बेच रहा है। जिले में इस बार 24 हजार 552 किसानों ने सरकारी क्रय केंद्रों पर धान की बिक्री की थी। अब धान बिक्री करने वाले किसानों को केंद्र प्रभारी फोन करके गेहूं सरकारी क्रय केंद्रों पर लाने के लिए कह रहे हैं।
27 दिन में महज 13 सौ टन गेहूं ही सरकारी क्रय केंद्रों पर खरीदा गया है। प्रभारी केंद्रों पर बैठकर किसानों का इंतजार कर रहे हैं। इक्का-दुक्का किसान ही केंद्रों पर पहुंच रहे हैं। इस बार जिले में 66 हजार मीट्रिक टन गेहूं खरीद का लक्ष्य रखा गया है।
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किसान गेहूं बेचने के लिए केंद्रों पर नहीं पहुंच रहे हैं। रामेश्वर, उमेश कुमार, संजय कुमार ने बताया कि केंद्र प्रभारियों की ओर से उन्हें फोन करके केंद्रों पर गेहूं बेचने के लिए कहा जा रहा है। केंद्र तक गेहूं ले जाने में भाड़ा भी देना पड़ता है। पूरा दिन लग जाता है। इसलिए बाजार में ही गेहूं बेच लेते हैं। रेट भी अच्छा मिल जाता है।
गेहूं खरीद बढ़ाने के लिए केंद्र प्रभारियों से किसानों को फोन कराया जा रहा है। पूरा प्रयास किया जा रहा है कि खरीद का लक्ष्य पूरा किया जाए।
- अविनाश झा, डिप्टी आरएमओ
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जिले में एक अप्रैल से गेहूं खरीद शुरू हुई है, लेकिन खरीद व्यवस्था पटरी पर नहीं आ रही है। अधिकतर केंद्रों पर सन्नाटा पसरा है। इसकी मुुख्य वजह है कि तय सरकारी रेट के सापेक्ष बाजार में भी गेहूं दो हजार रुपये प्रति क्विंटल की दर से बिक रहा है। केंद्रों पर मनमानी को देखते हुए किसान बाजार में ही गेहूं बेच रहा है। जिले में इस बार 24 हजार 552 किसानों ने सरकारी क्रय केंद्रों पर धान की बिक्री की थी। अब धान बिक्री करने वाले किसानों को केंद्र प्रभारी फोन करके गेहूं सरकारी क्रय केंद्रों पर लाने के लिए कह रहे हैं।
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27 दिन में महज 13 सौ टन गेहूं ही सरकारी क्रय केंद्रों पर खरीदा गया है। प्रभारी केंद्रों पर बैठकर किसानों का इंतजार कर रहे हैं। इक्का-दुक्का किसान ही केंद्रों पर पहुंच रहे हैं। इस बार जिले में 66 हजार मीट्रिक टन गेहूं खरीद का लक्ष्य रखा गया है।
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किसान गेहूं बेचने के लिए केंद्रों पर नहीं पहुंच रहे हैं। रामेश्वर, उमेश कुमार, संजय कुमार ने बताया कि केंद्र प्रभारियों की ओर से उन्हें फोन करके केंद्रों पर गेहूं बेचने के लिए कहा जा रहा है। केंद्र तक गेहूं ले जाने में भाड़ा भी देना पड़ता है। पूरा दिन लग जाता है। इसलिए बाजार में ही गेहूं बेच लेते हैं। रेट भी अच्छा मिल जाता है।
गेहूं खरीद बढ़ाने के लिए केंद्र प्रभारियों से किसानों को फोन कराया जा रहा है। पूरा प्रयास किया जा रहा है कि खरीद का लक्ष्य पूरा किया जाए।
- अविनाश झा, डिप्टी आरएमओ