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पत्नी के गम में पति ने फांसी लगाकर दे दी जान
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फतेहपुर। पत्नी की मौत के गम में पति ने बुधवार रात फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। पत्नी की तीन माह पहले बीमारी से मौत हो गई थी। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया है।
शहर कोतवाली क्षेत्र के जयरामनगर निवासी प्रभू का बेटा जितेंद्र (40) मजदूरी कर भरण-पोषण करता था। पिता ने बताया कि जितेंद्र की पत्नी सुनीता कैंसर की बीमारी से पीड़ित थी। तीन माह पहले उसकी मौत हो गई थी। मौत के बाद से जितेंद्र तनाव में रहता था। बुधवार रात खाना खाने के बाद कमरे में सोने चला गया था। छोटा भाई रमेश कानपुर से रात करीब 12 बजे लौटा। उसने बरामदे में कुंडे के सहारे जितेंद्र को फांसी पर लटका देखा। घटना देखकर हैरान हो गया। बच्चे चारपाई पर सो रहे थे। रमेश की सूचना पर पुलिस पहुंची। पुलिस ने शव उतारा। समाजसेवी अशोक तपस्वी ने एंबुलेंस से शव को जिला अस्पताल मार्च्युरी में रखवाया। परिजनों में कोहराम मच गया। शादीशुदा बहन सुनीता ने बताया कि भाई जितेंद्र की दो बेटियां और दो बेटे हैं। सबसे बड़ी बेटी खुशी 10 साल की है। चौकी इंचार्ज बीबी सिंह ने बताया कि जितेंद्र पत्नी की मौत के बाद से दिमागी रूप से परेशान रहता था।
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शहर कोतवाली क्षेत्र के जयरामनगर निवासी प्रभू का बेटा जितेंद्र (40) मजदूरी कर भरण-पोषण करता था। पिता ने बताया कि जितेंद्र की पत्नी सुनीता कैंसर की बीमारी से पीड़ित थी। तीन माह पहले उसकी मौत हो गई थी। मौत के बाद से जितेंद्र तनाव में रहता था। बुधवार रात खाना खाने के बाद कमरे में सोने चला गया था। छोटा भाई रमेश कानपुर से रात करीब 12 बजे लौटा। उसने बरामदे में कुंडे के सहारे जितेंद्र को फांसी पर लटका देखा। घटना देखकर हैरान हो गया। बच्चे चारपाई पर सो रहे थे। रमेश की सूचना पर पुलिस पहुंची। पुलिस ने शव उतारा। समाजसेवी अशोक तपस्वी ने एंबुलेंस से शव को जिला अस्पताल मार्च्युरी में रखवाया। परिजनों में कोहराम मच गया। शादीशुदा बहन सुनीता ने बताया कि भाई जितेंद्र की दो बेटियां और दो बेटे हैं। सबसे बड़ी बेटी खुशी 10 साल की है। चौकी इंचार्ज बीबी सिंह ने बताया कि जितेंद्र पत्नी की मौत के बाद से दिमागी रूप से परेशान रहता था।
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