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Fatehpur News: जिलाधिकारी आवास घेरने का जिपं सदस्य समेत 55 पर मुकदमा
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फतेहपुर। लापता की तलाश की मांग को लेकर जिलाधिकारी आवास घेरने के मामले में जिला पंचायत सदस्य मुन्ना सिंह समेत 55 लोगों के खिलाफ पुलिस ने बलवा, सरकारी कार्य में बाधा, सेवन सीएल की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। संगीन धाराओं में मुकदमे से ग्रामीण दहशत में हैं।
कचहरी चौकी इंचार्ज रामनरेश यादव ने एफआईआर में बताया कि वह 24 सितंबर की सुबह 11 बजे डीएम आवास के सामने पहुंचा। गाजीपुर चुरियानी के लापता प्रदीप सिंह चौहान के मामले को लेकर लोग जिलाधिकारी आवास के सामने नारेबाजी कर रहे थे। मार्ग पर जाम लगा था। सरकारी कार्य में बाधा पैदा की गई। आसपास इलाके में अफरा-तफरी का माहौल हो गया। भीड़ को समझाने का प्रयास किया। मामले को लेकर कार्रवाई होने की बात कहकर समझाया गया। इसके बाद भी लोग नहीं माने।
बलवा कर रहे लोगों में गाजीपुर के मोनू सिंह, अभिषेक कछवाह, दीपू, जिला पंचायत सदस्य चुरियानी मुन्ना सिंह, रितिक सिंह थे। यह लोग करीब 40 से 50 लोगों को बरगलाकर लाए थे। इन लोगों ने अराजकता का माहौल फैलाया। पुलिस पर भी हमलावर हुए। कोतवाल एसबी सिंह ने बताया कि मुकदमा दर्ज किया गया है। जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी। अन्य लोगों की नामजदगी बढ़ाई जाएगी।
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फोटो-02- प्रदीप सिंह।
कर्ज के तनाव में भागा था रिकवरी एजेंट
क्रासर
- घर पहुंचने पर परिजनों ने राहत ली सांस
संवाद न्यूज एजेंसी
फतेहपुर। लापता रिकवरी एजेंट पांच दिन बाद सोमवार रात घर पहुंच गया। पुलिस ने पूछताछ के बाद परिजनों को सुपुर्द किया। पुलिस की पूछताछ में कर्ज के तनाव में भाग जाने की बात कही है।
गाजीपुर थानाक्षेत्र के चुरियानी गांव निवासी रणधीर सिंह का पुत्र प्रदीप सिंह चौहान फाइनेंस कंपनी का रिकवरी एजेंट है। वह 20 सितंबर को घर से कंपनी के लिए निकला था। वह सनगांव मोड़ पर अनुज पांडेय से कार की किस्त लेने के बाद बाइक, हेलमेट छोड़कर भाग निकला था। उसका पता न लगने पर परिजनों ने जिलाधिकारी आवास पर प्रदर्शन किया था। रिकवरी एजेंट सोमवार रात घर पहुंचा। सूचना पर पुलिस पहुंची। पुलिस की पूछताछ में एजेंट ने बताया कि उसकी बहन की 28 नवंबर को शादी है। वह पिता के केसीसी खाते से तीन लाख रुपये निकाल चुका है। इसके अलावा तीन लाख नकद, कंपनी का 45 हजार समेत अन्य कर्ज है। कर्ज के तनाव में ही भाग निकला था। वह हरियाणा के गुड़गांव चला गया था। गुड़गांव में नौकरी करने लगा था। उसने दो दिन पहले घरवालों का हाल जानने के लिए फोन किया था। घरवालों के कहने पर लौटा। वह झांसी स्टेशन पहुंचा। इसके बाद बांदा की ट्रेन पकड़ी और घर पहुंचा। थानाध्यक्ष विनोद मिश्रा ने बताया कि युवक को उसके परिजनों के सुपुर्द किया गया है।
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कचहरी चौकी इंचार्ज रामनरेश यादव ने एफआईआर में बताया कि वह 24 सितंबर की सुबह 11 बजे डीएम आवास के सामने पहुंचा। गाजीपुर चुरियानी के लापता प्रदीप सिंह चौहान के मामले को लेकर लोग जिलाधिकारी आवास के सामने नारेबाजी कर रहे थे। मार्ग पर जाम लगा था। सरकारी कार्य में बाधा पैदा की गई। आसपास इलाके में अफरा-तफरी का माहौल हो गया। भीड़ को समझाने का प्रयास किया। मामले को लेकर कार्रवाई होने की बात कहकर समझाया गया। इसके बाद भी लोग नहीं माने।
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बलवा कर रहे लोगों में गाजीपुर के मोनू सिंह, अभिषेक कछवाह, दीपू, जिला पंचायत सदस्य चुरियानी मुन्ना सिंह, रितिक सिंह थे। यह लोग करीब 40 से 50 लोगों को बरगलाकर लाए थे। इन लोगों ने अराजकता का माहौल फैलाया। पुलिस पर भी हमलावर हुए। कोतवाल एसबी सिंह ने बताया कि मुकदमा दर्ज किया गया है। जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी। अन्य लोगों की नामजदगी बढ़ाई जाएगी।
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फोटो-02- प्रदीप सिंह।
कर्ज के तनाव में भागा था रिकवरी एजेंट
क्रासर
- घर पहुंचने पर परिजनों ने राहत ली सांस
संवाद न्यूज एजेंसी
फतेहपुर। लापता रिकवरी एजेंट पांच दिन बाद सोमवार रात घर पहुंच गया। पुलिस ने पूछताछ के बाद परिजनों को सुपुर्द किया। पुलिस की पूछताछ में कर्ज के तनाव में भाग जाने की बात कही है।
गाजीपुर थानाक्षेत्र के चुरियानी गांव निवासी रणधीर सिंह का पुत्र प्रदीप सिंह चौहान फाइनेंस कंपनी का रिकवरी एजेंट है। वह 20 सितंबर को घर से कंपनी के लिए निकला था। वह सनगांव मोड़ पर अनुज पांडेय से कार की किस्त लेने के बाद बाइक, हेलमेट छोड़कर भाग निकला था। उसका पता न लगने पर परिजनों ने जिलाधिकारी आवास पर प्रदर्शन किया था। रिकवरी एजेंट सोमवार रात घर पहुंचा। सूचना पर पुलिस पहुंची। पुलिस की पूछताछ में एजेंट ने बताया कि उसकी बहन की 28 नवंबर को शादी है। वह पिता के केसीसी खाते से तीन लाख रुपये निकाल चुका है। इसके अलावा तीन लाख नकद, कंपनी का 45 हजार समेत अन्य कर्ज है। कर्ज के तनाव में ही भाग निकला था। वह हरियाणा के गुड़गांव चला गया था। गुड़गांव में नौकरी करने लगा था। उसने दो दिन पहले घरवालों का हाल जानने के लिए फोन किया था। घरवालों के कहने पर लौटा। वह झांसी स्टेशन पहुंचा। इसके बाद बांदा की ट्रेन पकड़ी और घर पहुंचा। थानाध्यक्ष विनोद मिश्रा ने बताया कि युवक को उसके परिजनों के सुपुर्द किया गया है।