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हार्ट अटैक से बीएसएफ में हवलदार का निधन
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जोनिहा। सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) में हवलदार के पद पर तैनात बिलौना गांव के विश्वनाथ (49) का हार्ट अटैक से रविवार को निधन हो गया। वह इंदौर में तैनात थे। यह खबर जब उनके गांव पहुंची तो परिजन स्तब्ध रह गए। सोमवार को पोस्टमार्टम के बाद सेना के जवान शव लेकर गांव आए और परिजनों के साथ भिटौरा घाट पहुंचे। जहां सम्मान के साथ उन्हें अंतिम विदाई दी गई।
बिंदकी कोतवाली के बिलौना गांव निवासी विश्वनाथ (49) इंदौर में 41 बटालियन में सेवाएं दे रहे थे। वह, इंदौर में पत्नी नीशू, बच्चे खुशबू (22), महक (13), श्रद्धा (8) व मयंक (7) के साथ रहते थे। गांव स्थित घर में मां सतनिया देवी, तीन भाइयों व उनके परिवार के साथ रहती हैं। रविवार को विश्वनाथ अपने आवास से परेड के लिए निकले तो रास्ते में अचानक उन्हें हार्ट अटैक पड़ा और उनका निधन हो गया। यह खबर परिवार को मिली तो कोहराम मच गया। गांव स्थित घर में सूचना मिलने से परिजन परेशान हो गए।
सोमवार को बीएसएफ जवान शव लेकर गांव पहुंचे। कुछ देर बाद उसी वाहन से शव भिटौरा घाट ले जाया गया। जहां सम्मान के साथ उन्हें विदाई दी गई। परिजनों ने बताया कि विश्वनाथ आखिरी बार 14 जुलाई को गांव आए थे और 17 जुलाई को चले गए थे। वह चार भाइयों में सबसे छोटे थे। इसमें सबसे बड़े भाई बैजनाथ, सेना से रिटायर्ड हैं। जगन्नाथ पुलिस में दरोगा पद से रिटायर्ड हैं और तीसरे नंबर के भाई सुरेंद्र मौजूदा समय फतेहपुर में एनसीसी बटालियन में गाड़ी चलाते हैं।
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बिंदकी कोतवाली के बिलौना गांव निवासी विश्वनाथ (49) इंदौर में 41 बटालियन में सेवाएं दे रहे थे। वह, इंदौर में पत्नी नीशू, बच्चे खुशबू (22), महक (13), श्रद्धा (8) व मयंक (7) के साथ रहते थे। गांव स्थित घर में मां सतनिया देवी, तीन भाइयों व उनके परिवार के साथ रहती हैं। रविवार को विश्वनाथ अपने आवास से परेड के लिए निकले तो रास्ते में अचानक उन्हें हार्ट अटैक पड़ा और उनका निधन हो गया। यह खबर परिवार को मिली तो कोहराम मच गया। गांव स्थित घर में सूचना मिलने से परिजन परेशान हो गए।
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सोमवार को बीएसएफ जवान शव लेकर गांव पहुंचे। कुछ देर बाद उसी वाहन से शव भिटौरा घाट ले जाया गया। जहां सम्मान के साथ उन्हें विदाई दी गई। परिजनों ने बताया कि विश्वनाथ आखिरी बार 14 जुलाई को गांव आए थे और 17 जुलाई को चले गए थे। वह चार भाइयों में सबसे छोटे थे। इसमें सबसे बड़े भाई बैजनाथ, सेना से रिटायर्ड हैं। जगन्नाथ पुलिस में दरोगा पद से रिटायर्ड हैं और तीसरे नंबर के भाई सुरेंद्र मौजूदा समय फतेहपुर में एनसीसी बटालियन में गाड़ी चलाते हैं।
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