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Fatehpur News: जहां सफाई वहां झाड़ू लगाई, गंदगी के ढेर नहीं उठे
Mon, 02 Oct 2023 12:41 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहपुर
Updated Mon, 02 Oct 2023 12:41 AM IST
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-प्रशासनिक कार्यालय और आवासों के समीप डंप है कचरा
संवाद न्यूज एजेंसी
फतेहपुर। स्वच्छता पखवाड़ा का अभियान सिर्फ सड़कों और साफ-सुथरी जगहों में सफाई करने तक सीमित रह गया। जिला स्तरीय कार्यालय और अधिकारियों के आवासों के आसपास गंदगी का अंबार जस का तस है। अधिकारी से लेकर नगर पालिका के सफाई कर्मचारी इससे अनजान बने रहे। रविवार को स्वच्छता अभियान में रोज की तरह सिर्फ सड़कों पर ही झाडू लगाकर कर अभियान चलाया गया। जबकि अभियान का उद्देश्य गंदगी को साफ करना रहा।
फोटो-4-अमौली ब्लॉक के बगल में फैली गंदगी। संवाद
अमौली ब्लॉक गेट के सामने और आसपास बड़ी मात्रा में कूड़ा डंप है। यहां पर पूरे अमौली का कूड़ा डाला जा रहा है। यहीं पर बस स्टैंड भी है। सवारियां गंदगी में खड़ी होकर बसों का इंतजार करती हैं। ब्लाक में आने वाले जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों को गंदगी का यह अंबार नहीं दिखा। स्वच्छता के नाम पर झाड़ू उठाकर साफ-सुधरे जगह की सफाई करके कोरम पूरा कर लिया गया।
फोटो-12-सीओ सिटी कार्यालय गेट के सामने डंप कूड़ा। संवाद
- शहर के आबूनगर में सीओ सिटी दफ्तर गेट के सामने बड़ी मात्रा में कचरा डंप है। शहर पुलिस स्वच्छता अभियान के तहत रविवार को जगह-जगह झाडू लगाकर साफ-सफाई करती दिखी। अधिकारी से लेकर पुलिसकर्मी तक सहभागी बने, लेकिन पुलिस या नगर पालिका के कर्मचारियों को इस महत्वपूर्ण आफिस के सामने डंप कूड़ा को साफ करना मुनासिब नहीं लगा।
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फोटो-13-कलक्ट्रेट के अंदर सीडीओ आवास के पीछे गेट पर डंप कूड़ा। संवाद
मुख्य विकास अधिकारी आवास के पीछे का गेट कलक्ट्रेट के अंदर खुलता है। यहां पर गंदगी का अंबार है। कलक्ट्रेट से निकलने वाला कचरा यहां पर डंप हो रहा है। अभियान की मुख्य जिम्मेदारी प्रशासनिक अधिकारियों को सौंपी गई। अधिकारी जिलेभर को स्वच्छता अभियान से जोड़ने में अपने आसपास की साफ-सफाई करना ही भूल गए।
फोटो-14-कलक्ट्रेट परिसर में पीडी कार्यालय के सामने डंप कूड़ा। संवाद
परियोजना अधिकारी कार्यालय गेट के सामने ट्रकों कूड़ा डंप है। कलक्ट्रेट परिसर से जुड़े इस गेट से लोग पीडी कार्यालय में प्रवेश करते हैं। परियोजना अधिकारी कार्यालय गेट पर स्वच्छता दिवस पर विकास भवन कर्मचारी अगर श्रमदान करते, तो शायद यह स्थान साफ सुथरा हो सकता था। लेकिन अपने कार्यालयों व आवासों से साफ-सफाई की शुरुआत न करके कार्यक्रमों की भागीदारी जरूरी समझी।
.........................
फोटो-15-जिलाधिकारी आवास के पीछे बजबजाती नाली। संवाद
जिलाधिकारी आवास के पीछे की बाउंड्री के बगल की नाली गंदगी से बजबजा रही है। सड़क किनारे की यह नाली नगर पालिका कर्मचारियों की कर्मठता उजागर कर रही है। शहर के बांदा सागर बाईपास से जोड़ने वाली सड़क के किनारे की इस नाली की शायद ही कभी कभार सिल्ट सफाई होती है। ऐसे में इस नाली की दुर्गंध से लोग बीमार हो सकते हैं। अभियान में यह सफाई जरूरी नहीं समझी गई।
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संवाद न्यूज एजेंसी
फतेहपुर। स्वच्छता पखवाड़ा का अभियान सिर्फ सड़कों और साफ-सुथरी जगहों में सफाई करने तक सीमित रह गया। जिला स्तरीय कार्यालय और अधिकारियों के आवासों के आसपास गंदगी का अंबार जस का तस है। अधिकारी से लेकर नगर पालिका के सफाई कर्मचारी इससे अनजान बने रहे। रविवार को स्वच्छता अभियान में रोज की तरह सिर्फ सड़कों पर ही झाडू लगाकर कर अभियान चलाया गया। जबकि अभियान का उद्देश्य गंदगी को साफ करना रहा।
फोटो-4-अमौली ब्लॉक के बगल में फैली गंदगी। संवाद
अमौली ब्लॉक गेट के सामने और आसपास बड़ी मात्रा में कूड़ा डंप है। यहां पर पूरे अमौली का कूड़ा डाला जा रहा है। यहीं पर बस स्टैंड भी है। सवारियां गंदगी में खड़ी होकर बसों का इंतजार करती हैं। ब्लाक में आने वाले जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों को गंदगी का यह अंबार नहीं दिखा। स्वच्छता के नाम पर झाड़ू उठाकर साफ-सुधरे जगह की सफाई करके कोरम पूरा कर लिया गया।
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फोटो-12-सीओ सिटी कार्यालय गेट के सामने डंप कूड़ा। संवाद
- शहर के आबूनगर में सीओ सिटी दफ्तर गेट के सामने बड़ी मात्रा में कचरा डंप है। शहर पुलिस स्वच्छता अभियान के तहत रविवार को जगह-जगह झाडू लगाकर साफ-सफाई करती दिखी। अधिकारी से लेकर पुलिसकर्मी तक सहभागी बने, लेकिन पुलिस या नगर पालिका के कर्मचारियों को इस महत्वपूर्ण आफिस के सामने डंप कूड़ा को साफ करना मुनासिब नहीं लगा।
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फोटो-13-कलक्ट्रेट के अंदर सीडीओ आवास के पीछे गेट पर डंप कूड़ा। संवाद
मुख्य विकास अधिकारी आवास के पीछे का गेट कलक्ट्रेट के अंदर खुलता है। यहां पर गंदगी का अंबार है। कलक्ट्रेट से निकलने वाला कचरा यहां पर डंप हो रहा है। अभियान की मुख्य जिम्मेदारी प्रशासनिक अधिकारियों को सौंपी गई। अधिकारी जिलेभर को स्वच्छता अभियान से जोड़ने में अपने आसपास की साफ-सफाई करना ही भूल गए।
फोटो-14-कलक्ट्रेट परिसर में पीडी कार्यालय के सामने डंप कूड़ा। संवाद
परियोजना अधिकारी कार्यालय गेट के सामने ट्रकों कूड़ा डंप है। कलक्ट्रेट परिसर से जुड़े इस गेट से लोग पीडी कार्यालय में प्रवेश करते हैं। परियोजना अधिकारी कार्यालय गेट पर स्वच्छता दिवस पर विकास भवन कर्मचारी अगर श्रमदान करते, तो शायद यह स्थान साफ सुथरा हो सकता था। लेकिन अपने कार्यालयों व आवासों से साफ-सफाई की शुरुआत न करके कार्यक्रमों की भागीदारी जरूरी समझी।
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फोटो-15-जिलाधिकारी आवास के पीछे बजबजाती नाली। संवाद
जिलाधिकारी आवास के पीछे की बाउंड्री के बगल की नाली गंदगी से बजबजा रही है। सड़क किनारे की यह नाली नगर पालिका कर्मचारियों की कर्मठता उजागर कर रही है। शहर के बांदा सागर बाईपास से जोड़ने वाली सड़क के किनारे की इस नाली की शायद ही कभी कभार सिल्ट सफाई होती है। ऐसे में इस नाली की दुर्गंध से लोग बीमार हो सकते हैं। अभियान में यह सफाई जरूरी नहीं समझी गई।