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बिल्ला वाले जानवर शहर की सड़कों पर

Tue, 04 Feb 2020 12:34 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Tue, 04 Feb 2020 12:34 AM IST
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anna cattle
फतेहपुर। जिन अन्ना मवेशियों को गोशाला पहुंचाया जाता है, उनकी पहचान के लिए कान में पीले रंग का बिल्ला लगा दिया जाता है। इसके जरिए जानवरों की जिओ टैगिंग हो जाती है। साथ ही ऑनलाइन मवेशियों की लोकेशन भी देखी जाती है। जिले में सब हवाहवाई चल रहा है। कान में जिओ टैगिंग का बिल्ला लगाए मवेशी अन्ना जानवरों के झुंड में शहर के मुख्य चौराहों पर दिनभर विचरण करते और जाम की वजह बनते नजर आते हैं।
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हाल ही में प्रयागराज से दिल्ली जा रहे जर्मन दंपति की कार के सामने अन्ना मवेशी आ गया था। कार क्षतिग्रस्त हो गई थी। गनीमत रही कि विदेशी दंपति बच गए। इस प्रकरण के बाद प्रशासन में एक बार फिर यह मुद्दा गरमाया हुआ है। अन्ना मवेशियों की समस्या अब गांवों तक ही सीमित नहीं है।
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समस्या आम शहरियों के लिए भी सिरदर्द बनी हुई है। खास बात यह है कि अन्ना मवेशियों की आड़ में ऐसे मवेशी भी झुंड में शामिल दिख रहे हैं, जिन्हें गोशालाओं में संरक्षित होना दिखाया जा रहा है। न कोई जिओ टैगिंग देखने वाला है और न ही कोई लोकेशन पता करने वाला। उधर, इन्हीं मवेशियों के संरक्षण के नाम पर गोशालाओं में चारे की खपत भी दिखाई जा रही है। पेश है कुछ बानगी।
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पत्थरकटा चौराहे पर अन्ना मवेशियों का झुंड दिन भर घूमा करता है। ट्रैफिक में फंसे वाहनों के हार्न का भी उन पर कोई असर नहीं पड़ता। जानवरों के झुंड में कान में टैगिंग का बिल्ला लगे हुए जानवर भी शामिल हैं। जिन्हें किसी न किसी गोशाला में संरक्षित होना दिखाया गया है।
शहर के सीओ आफिस रोड में कान में बाकायदा जिओ टैगिंग लगाए अन्ना मवेशी दिन भर घूमते हैं। कूड़े के ढेर को तितर-बितर करने के बाद अन्ना मवेशी बीच रोड में ही डेरा जमा लेते हैं और आमतौर पर लोगों के हटाए नहीं हटते। इनके कारण दिनभर जाम की स्थिति बनी रहती है।
शहर के कचहरी रोड पर अन्ना मवेशी जिओ टैगिंग लगाए खड़े रहते हैं। मवेशियों में जब भिड़ंत होती है तो इसका खामियाजा राहगीरों व साइकिल सवारों को भुगतना पड़ता है। लोग इन मवेशियों के कारण चोटिल भी होते हैं और साइकिलें और रिक्शे भी टूटते हैं। खास बात यह है कि कचहरी रोड से दिनभर डीएम, सीडीओ से लेकर सभी प्रशासनिक अधिकारी गुजरते हैं। किसी को टैगिंग लगाए गोशाला के जानवर शहर में घूमते हुए दिखाई नहीं देते।
जनपद में रारा, रोशनपुर, नसेनियां, देवलान, अयाह, फतेहनगर करसूमा, असवां बक्सपुर, शिवराजपुर, रावतपुर, सलेमाबाद, नवहइया, विक्रमपुर, कौडिया, भीकमपुर और अंजना भैरव में गोशालाएं संचालित हो रही हैं। जिनमें कान में जिओ टैग लगाकर जानवरों को संरक्षित किया गया है।

शासन के निर्देश पर आवारा से लेकर पालतू तक सभी जानवरों का जिओ टैग कराया जा रहा है। पशुपालन विभाग ने दो लाख पशुओं की गणना की है। इनमें से पचास हजार जानवरों की टैगिंग कर दी गई है। यह जांच का विषय है कि सड़क पर जिओ टैग के साथ घूम रहे जानवर गोशाला के हैं या किसी के छोड़े हुए हैं। जांच के बाद संबंधित व्यक्ति का उत्तरदायित्व तय कर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। - संजीव सिंह, जिलाधिकारी

सीओ आफिस रोड में जिओ टैग के साथ बैठे अन्ना मवेशी

सीओ आफिस रोड में जिओ टैग के साथ बैठे अन्ना मवेशी- फोटो : FATEHPUR

कचेहरी रोड पर जिओ टैग लगाए खड़ा अन्ना मवेशी

कचेहरी रोड पर जिओ टैग लगाए खड़ा अन्ना मवेशी- फोटो : FATEHPUR

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