फतेहपुर। शैलेंद्र साहित्य सरोवर की शहर के मुराइनटोला स्थित हनुमान मंदिर में रविवार को काव्य गोष्ठी हुई। इसमें कवि शैलेंद्र कुमार द्विवेदी ने पढ़ा कि भारत माता के माथे की, बिंदी हिंदी अपनी शान। एक बार फिर सब मिल बोलो, जय हिंदी, जय हिंदुस्तान। शुभारंभ कवि केपी सिंह कछवाह ने किया।
डाॅ. सत्य नारायण मिश्र ने पढ़ा कि जस पानी का बुलबुला, तस मानुष का तन। नास होत नहिं देर है, यह सब जानत मन। कवि नवीन शुक्ल ने पढ़ा कि हमीं बनकर रहे सबके, कोई अपना न हो पाया। सिसकती ख्वाहिशों का पूर्ण, इक सपना न हो पाया। बहुत गाए गए, हम महफिलों, वीरानों में लेकिन, किसी मन- पृष्ठ पर अब तक, मगर छपना न हो पाया। इस दौरान दिनेश कुमार श्रीवास्तव, प्रदीप कुमार गौड़, डॉ. शिव सागर साहू ने काव्य पाठ किया।