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फसलों में गंधी कीट व गेरुई के आसार
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थरियांव कृषि फार्म में फसल देखते जिला कृषि अधिकारी ब्रजेश सिंह व जिला कृषि रक्षा अधिकारी सत्यें?
- फोटो : FATEHPUR
फतेहपुर। मौसम के उतार-चढ़ाव से राई, सरसों की फसलों में गंधी कीट के आसार बढ़ रहे हैं। गेहूं की फसल मेें पीली गेरुई के लक्षण दिखाई दे रहे हैं। इस समस्या से निपटने के लिए विभाग ने कीटनाशक छिड़काव का सुझाव दिया है। सोमवार को कृषि विभाग की टीम ने थरियांव कृषि रक्षा इकाई का निरीक्षण किया।
विभाग के ही कृषि फार्म में बोई हुई रबी की फसलों को भी देखा और कीट व खरपतवार नियंत्रण के लिए प्रभारी को उपाय बताए। फार्म प्रभारी एलपी कुशवाहा को तुरंत दवा के छिड़काव कराने के निर्देश दिए। जिला कृषि अधिकारी बृजेश सिंह ने राजकीय बीज भंडार प्रभारी को कार्यालय में साफ सफाई रखने की नसीहत दी। उन्होंने कहा कि कृषि फार्म में अमरूद और आंवले की बागवानी को भी देखा गया।
जिला कृषि रक्षा अधिकारी सत्येंद्र सिंह ने कहा कि बचाव के लिए एजाडिरैक्टिन ढाई लीटर व डाइमेथोएट 1 लीटर 600 लीटर पानी में घोल बनाकर एक हेक्टेयर में छिड़काव करें। गेहूं की फसल मेें पत्तियों को हाथ में छूने पर पीले रंग का पाउडर लग जाता है। बचाव के लिए प्रोपीकोनाजोल 500 मिली की मात्रा को 600 से 700 लीटर पानी में घोलकर प्रति हेक्टेयर में छिड़काव करें। दूसरा छिड़काव 15 दिन के अंदर कर दिया जाए।
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विभाग के ही कृषि फार्म में बोई हुई रबी की फसलों को भी देखा और कीट व खरपतवार नियंत्रण के लिए प्रभारी को उपाय बताए। फार्म प्रभारी एलपी कुशवाहा को तुरंत दवा के छिड़काव कराने के निर्देश दिए। जिला कृषि अधिकारी बृजेश सिंह ने राजकीय बीज भंडार प्रभारी को कार्यालय में साफ सफाई रखने की नसीहत दी। उन्होंने कहा कि कृषि फार्म में अमरूद और आंवले की बागवानी को भी देखा गया।
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जिला कृषि रक्षा अधिकारी सत्येंद्र सिंह ने कहा कि बचाव के लिए एजाडिरैक्टिन ढाई लीटर व डाइमेथोएट 1 लीटर 600 लीटर पानी में घोल बनाकर एक हेक्टेयर में छिड़काव करें। गेहूं की फसल मेें पत्तियों को हाथ में छूने पर पीले रंग का पाउडर लग जाता है। बचाव के लिए प्रोपीकोनाजोल 500 मिली की मात्रा को 600 से 700 लीटर पानी में घोलकर प्रति हेक्टेयर में छिड़काव करें। दूसरा छिड़काव 15 दिन के अंदर कर दिया जाए।
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