{"_id":"67350e7294821f72310121f4","slug":"after-the-loud-noise-there-was-smoke-in-the-bus-there-were-screams-everywhere-fatehpur-news-c-217-1-fth1002-124255-2024-11-14","type":"story","status":"publish","title_hn":"Fatehpur News: तेज आवाज के बाद बस में छाया धुंआ, हर तरफ मची चीख-पुकार, हादसे का मंजर नहीं भूल पा रहे बराती\nसकरीब से गुजर गई मौत... जीवित होने का नहीं हो रहा था विश्वासस","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Fatehpur News: तेज आवाज के बाद बस में छाया धुंआ, हर तरफ मची चीख-पुकार, हादसे का मंजर नहीं भूल पा रहे बराती सकरीब से गुजर गई मौत... जीवित होने का नहीं हो रहा था विश्वासस
Thu, 14 Nov 2024 02:09 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहपुर
Updated Thu, 14 Nov 2024 02:09 AM IST
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
फतेहपुर। हादसे में घायल बरातियों का कहना है कि उन्होंने मौत को इतने करीब से देखा है कि खुद के जीवित होने पर एक पल के लिए विश्वास नहीं हो रहा है। हादसे के कई घंटे बीतने के बाद भी मंजर आंखों के सामने ही घूम रहा है।
हादसे में घायल मुंडेरा प्रयागराज निवासी आलोक सिंह ने बताया कि हादसा होने पर कोई कुछ समझ नहीं पाया। धड़ाम की तेज आवाज सुनाई दी, इसके बाद आंखों के सामने अंधेरा छा गया और वह बेहोश हो गए।
कितनी देर तक बस में फंसे रहे उन्हें पता नहीं है। होश आने पर उन्हें खुद के जीवित होने का विश्वास नहीं हो रहा था। इसी तरह गया बिहार निवासी शशिकांत कहते हैं कि हल्की झपकी लगी थी कि तेज आवाज के साथ बस में धुआं भर गया।
विज्ञापन
बस के एक ओर का हिस्सा हादसे से पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुका था। चीख पुकार सुनने के बाद भी उनकी जुबान नहीं खुल पा रही थी। सबकुछ एक खराब सपने सा लग रहा था। फिर वह भी बेहोश हो गए। होश आने पर खुद को एंबुलेंस में पाया।
गया बिहार निवासी सुषमा ने बताया कि हादसा देखकर ऐसा नहीं लग रहा था कि कोई जिंदा बचा भी
विज्ञापन
फतेहपुर। हादसे में घायल बरातियों का कहना है कि उन्होंने मौत को इतने करीब से देखा है कि खुद के जीवित होने पर एक पल के लिए विश्वास नहीं हो रहा है। हादसे के कई घंटे बीतने के बाद भी मंजर आंखों के सामने ही घूम रहा है।
हादसे में घायल मुंडेरा प्रयागराज निवासी आलोक सिंह ने बताया कि हादसा होने पर कोई कुछ समझ नहीं पाया। धड़ाम की तेज आवाज सुनाई दी, इसके बाद आंखों के सामने अंधेरा छा गया और वह बेहोश हो गए।
विज्ञापन
कितनी देर तक बस में फंसे रहे उन्हें पता नहीं है। होश आने पर उन्हें खुद के जीवित होने का विश्वास नहीं हो रहा था। इसी तरह गया बिहार निवासी शशिकांत कहते हैं कि हल्की झपकी लगी थी कि तेज आवाज के साथ बस में धुआं भर गया।
विज्ञापन
बस के एक ओर का हिस्सा हादसे से पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुका था। चीख पुकार सुनने के बाद भी उनकी जुबान नहीं खुल पा रही थी। सबकुछ एक खराब सपने सा लग रहा था। फिर वह भी बेहोश हो गए। होश आने पर खुद को एंबुलेंस में पाया।
गया बिहार निवासी सुषमा ने बताया कि हादसा देखकर ऐसा नहीं लग रहा था कि कोई जिंदा बचा भी