फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Fatehpur News ›   Adulteration of mustard oil and refined oil is rampant in the district

Fatehpur News: जिले में सरसों के तेल और रिफाइंड में खुलेआम मिलावट, आंखें मूंदे बैठे अधिकारी

Thu, 26 Oct 2023 12:30 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Thu, 26 Oct 2023 12:30 AM IST
विज्ञापन
Adulteration of mustard oil and refined oil is rampant in the district
संवाद न्यूज एजेंसी
विज्ञापन

फतेहपुर। जिले में सरसों के तेल और खुले रिफाइंड में खुलेआम पाम ऑयल सहित कई तरह के रासायनिक तरलों की मिलावट हो रही है। कार्रवाई करने में खाद्य सुरक्षा विभाग के अधिकारी आंखें मूंदे बैठे हैं। पिछले सात माह में विभाग ने सिर्फ तेल का एक सैंपल भरा। त्योहार के दौरान भी तेल कारोबारी खुलेआम लोगों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ कर रहे हैं।
जिले में 5,646 से अधिक खाद्य प्रतिष्ठान हैं, जिनमें करीब 616 बड़े कारोबारी हैं, जिनका हर माह 12 लाख रुपये से अधिक का लेन-देन होता है। इन दिनों सरसों के तेल और खुले रिफाइंड के बड़े कारोबारी खुलेआम मिलवाटखोरी कर रहे हैं। हाल ही में बिंदकी तहसील क्षेत्र के एक तेल कारोबारी के गोदाम का वीडियो वायरल हुआ।
विज्ञापन

इसमें सरसों के तेल के साथ पाम ऑयल, गुल्लू, अल्सी के तेल, राइसब्रान और आर्जीमोन की मिलावट हो रही। वहीं रिफाइंड में बटर येलो नाम के सिंथेटिक कलर का इस्तेमाल हो रहा है। हालांकि संवाद न्यूज एजेंसी वायरल वीडियो की पुष्टि नहीं करता। त्योहार का सीजन होने के बावजूद खाद्य सुरक्षा विभाग ने अभी तक कहीं भी सरसों के तेल का नमूना नहीं भरा। इससे साफ है कि जिले में अन्य तेल प्रतिष्ठानों में भी खुलेआम मिलावटखोरी का खेल चल रहा है। वहीं विभाग हाथ में हाथ धरे बैठा है।
विज्ञापन
विज्ञापन

-------
तेल गोदामों में पहुंच रहे पाम ऑयल के टैंकर
जिले में तेल कारोबारियों के पास तेल के बड़े-बड़े गोदाम हैं और गोदाम में पक्के टैंक भी बने हैं। सभी गोदामों में टैंकर के माध्यम से पाम और सिंथेटिक ऑयल पहुंचता है। इसके बाद गोदाम में बने टैंकों में खुलेआम मिक्सिंग होती है। मिलवाट खोरी का खेल शहर से ले कर ग्रामीण क्षेत्रों में खूब फल-फूल रहा है।
--------
मिलावट से ये होते नुकसान
सरसों के तेल में आर्जीमाेन तेल की मिलावट से नेत्र रोग, ह्रदय रोग, ट्यूमर, सहित कई बीमारियां होती हैं। वहीं खनिज तेल मिलाने से लीवर और कैंसर रोग शुरु होते हैं। वर्ष 2012 में जिले में मिलावटी तेल खाने से कई लोग ड्राप्सी और फाइलेरिया जैसी बीमारियाें की चपेट में आए थे।
-----
अप्रैल से लेकर अब तक तेल का एक सैंपल भरा
खाद्य सुरक्षा विभाग ने अप्रैल से ले कर अब तक जिले में 27 तेल प्रतिष्ठान में छापेमारी की। इस दौरान सिर्फ एक जगह से तेल का नमूना भरा गया। वहीं रिफाइंड के 16 प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया, लेकिन एक भी नमूना भरा नहीं गया जबकि पिछले वर्ष विभाग ने तेल के 16 और रिफाइंड के 13 सैंपल लिये थे। इसमें तेल के 10 और रिफाइंड के तीन सैंपल फेल आए थे। सैंपल फेल आने वाले कारोबारियों के खिलाफ खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया गया। इस दौरान उन पर करीब दो लाख 80 रुपये की जुर्माना राशि भी तय हुई।

----------
वर्जन
तेल गोदामों का निरीक्षण चलता रहता है। संदेह होेने पर उसका सैंपल भरते हैं। फिर से गोदामों को निरीक्षण कराया जाएगा। मानक विहीन तेल और रिफाइंड मिलने पर संबंधित कारोबारी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
- देवेंद्र पाल सिंह, सहायक आयुक्त, द्वितीय, खाद्य सुरक्षा विभाग।
-------
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed