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एआरटीओ टीम की लोकेशन देने वालों के वाहनों का चालान
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फतेहपुर। जिले की मौरंग खदानों से होने वाली ओवरलोडिंग रुक नहीं रही है। इसकी वजह एआरटीओ चेकिंग टीम की लोकेशन लीक होने का मामला सामने आ रहा है। चेकिंग टीम ने लोकेशन लीक करने वाले लग्जरी वाहनों को चिन्हित कर उनका चालान करने की कार्रवाई शुरू की है। 20 लग्जरी वाहनों का चालान किया जा चुका है।
मध्यप्रदेश, बांदा और जिले की मौरंग खदानों से रायबरेली, कानपुर, उन्नाव, फैजाबाद, टांडा, लखनऊ, बलिया, अयोध्या व बहराइच समेत कई जिलों के ट्रक ओवरलोड मौरंग लेकर निकलते हैं। बांदा-कानपुर और बांदा-टांडा हाईवे से ओवरलोड वाहनों की खूब आवाजाही रहती है।
खनन निदेशालय से बांदा और फतेहपुर को प्रभावी चेकिंग के निर्देश दिए गए हैं। चेकिंग में सबसे बड़ी बाधा वाहनों को पास कराने वाले कई सक्रिय गैंग हैं। इनकी लोकेशन पर ही ट्रकों के पहिए रुकते और चलते हैं। लोकेशन देने वाले चेकिंग अधिकारियों के घरों के आसपास नजर आते हैं। जैसे ही अधिकारी घरों से चेकिंग को निकलते हैं तो वह ओवरलोड ट्रकों को सूचना लीक करते हैं।
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एआरटीओ (यात्रीकर) जेएन मिश्रा ने बताया कि लोकेशन देने वाले 20 कारों का चालान किया गया है। उन वाहनों के चालान में यह भी स्पष्ट किया जाता है कि कार चालक वाहनों को पास कराने वाले हैं। सीट बेल्ट और यातायात नियमों का पालन नहीं कर रहे हैं।
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मध्यप्रदेश, बांदा और जिले की मौरंग खदानों से रायबरेली, कानपुर, उन्नाव, फैजाबाद, टांडा, लखनऊ, बलिया, अयोध्या व बहराइच समेत कई जिलों के ट्रक ओवरलोड मौरंग लेकर निकलते हैं। बांदा-कानपुर और बांदा-टांडा हाईवे से ओवरलोड वाहनों की खूब आवाजाही रहती है।
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खनन निदेशालय से बांदा और फतेहपुर को प्रभावी चेकिंग के निर्देश दिए गए हैं। चेकिंग में सबसे बड़ी बाधा वाहनों को पास कराने वाले कई सक्रिय गैंग हैं। इनकी लोकेशन पर ही ट्रकों के पहिए रुकते और चलते हैं। लोकेशन देने वाले चेकिंग अधिकारियों के घरों के आसपास नजर आते हैं। जैसे ही अधिकारी घरों से चेकिंग को निकलते हैं तो वह ओवरलोड ट्रकों को सूचना लीक करते हैं।
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एआरटीओ (यात्रीकर) जेएन मिश्रा ने बताया कि लोकेशन देने वाले 20 कारों का चालान किया गया है। उन वाहनों के चालान में यह भी स्पष्ट किया जाता है कि कार चालक वाहनों को पास कराने वाले हैं। सीट बेल्ट और यातायात नियमों का पालन नहीं कर रहे हैं।