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Fatehpur News: लीड आवास आवंटन में गड़बड़ी पर एसडीएम समेत छह पर कार्रवाई
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- खखेररू नगर पंचायत में 644 आवास आवंटन में 37 मिले अपात्र
- करीब ग्यारह महीने तक चली आवास आवंटन मामले की जांच
संवाद न्यूज एजेंसी
फतेहपुर। यूपी सरकार की जीरो टारलेंस नीति के तहत आवास आंवटन में दोषी पाए जाने पर एसडीएम समेत छह पर कार्रवाई की गई है। इसकी जांच में लगभग ग्यारह महीने लग गए। तत्कालीन डूडा परियोजना अधिकारी प्रभाकर त्रिपाठी को प्रतिकूल प्रविष्टि दी गई है। वहीं, तत्कालीन खागा एसडीएम नंद प्रकाश मौर्य को विशेष प्रतिकूल प्रविष्टि दिए जाने के लिए अपर मुख्य सचिव नियुक्ति को संस्तुति की गई है।
खखरेरू के तत्कालीन ईओ लालचंद्र मौर्य को विशेष प्रतिकूल प्रविष्टि दिए जाने के लिए निदेशक स्थानीय निकाय निदेशालय को लिखा गया है। खागा लेखपाल ओम प्रकाश और विनोद कुमार को प्रतिकूल प्रविष्टि का आदेश जारी किया गया है। खागा लेखपाल विकास कुमार चौधरी का स्थायी वेतन वृद्धि रोकने का आदेश दिया गया। वहीं, संबंधित बिल्डर के सर्वेयर को दोषी मानते हुए कार्य मुक्त कर दिया। इस कार्रवाई के बाद राजस्व व प्रधानमंत्री आवास योजना से जुड़े अधिकारियों व कर्मचारियों में खलबली मची है।
खखरेरू नगर पंचायत में प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के तहत 2426 आवेदन किए गए। इसमें जांच के बाद 644 को ही पात्र माना गया। शेष 1782 को अपात्र घोषित कर दिया गया। इस सूची पर अगस्त 2023 में पात्र और अपात्र सूची को लेकर शिकायत की गई है। शिकायत पर डीएम ने 30 अगस्त 2023 में चार सदस्यीय टीम जांच के लिए गठित की। इसमें पात्र 644 में 37 अपात्र मिले। इसके बाद भी जांच पर जांच बैठी और मामला न्यायालय तक पहुंच गया। अमित कुमार ने हाईकोर्ट में मामले की सुनवाई के लिए रिट दाखिल की। इसके बाद कार्रवाई तेज हुई। तीन सदस्यीय उच्च स्तरीय कमेटी ने जांच की और रिट की सुनवाई से पहले ही संबंधित अधिकारियों पर डीएम सी. इंदुमती ने कार्रवाई कर दी। कोर्ट ने भी रिट को निरस्त कर दिया है।
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-- इनसेट--
पक्का मकान दिखाया फिर अज्ञात दिखाया
भाजपा नेता राजेश सिंह पटेल ने बताया कि सूची में अब भी गड़बड़झाला है। सूची की जांच के दौरान जांचकर्ताओं ने 190 से अधिक का पक्का मकान दिखाया। लेकिन पता अज्ञात दर्शाया है। वहीं पात्र सूची में भी कई अपात्रों को मकान दिया है। इस संबंध में वे संबंधित विभाग को शिकायत करेंगे।
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- करीब ग्यारह महीने तक चली आवास आवंटन मामले की जांच
संवाद न्यूज एजेंसी
फतेहपुर। यूपी सरकार की जीरो टारलेंस नीति के तहत आवास आंवटन में दोषी पाए जाने पर एसडीएम समेत छह पर कार्रवाई की गई है। इसकी जांच में लगभग ग्यारह महीने लग गए। तत्कालीन डूडा परियोजना अधिकारी प्रभाकर त्रिपाठी को प्रतिकूल प्रविष्टि दी गई है। वहीं, तत्कालीन खागा एसडीएम नंद प्रकाश मौर्य को विशेष प्रतिकूल प्रविष्टि दिए जाने के लिए अपर मुख्य सचिव नियुक्ति को संस्तुति की गई है।
खखरेरू के तत्कालीन ईओ लालचंद्र मौर्य को विशेष प्रतिकूल प्रविष्टि दिए जाने के लिए निदेशक स्थानीय निकाय निदेशालय को लिखा गया है। खागा लेखपाल ओम प्रकाश और विनोद कुमार को प्रतिकूल प्रविष्टि का आदेश जारी किया गया है। खागा लेखपाल विकास कुमार चौधरी का स्थायी वेतन वृद्धि रोकने का आदेश दिया गया। वहीं, संबंधित बिल्डर के सर्वेयर को दोषी मानते हुए कार्य मुक्त कर दिया। इस कार्रवाई के बाद राजस्व व प्रधानमंत्री आवास योजना से जुड़े अधिकारियों व कर्मचारियों में खलबली मची है।
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खखरेरू नगर पंचायत में प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के तहत 2426 आवेदन किए गए। इसमें जांच के बाद 644 को ही पात्र माना गया। शेष 1782 को अपात्र घोषित कर दिया गया। इस सूची पर अगस्त 2023 में पात्र और अपात्र सूची को लेकर शिकायत की गई है। शिकायत पर डीएम ने 30 अगस्त 2023 में चार सदस्यीय टीम जांच के लिए गठित की। इसमें पात्र 644 में 37 अपात्र मिले। इसके बाद भी जांच पर जांच बैठी और मामला न्यायालय तक पहुंच गया। अमित कुमार ने हाईकोर्ट में मामले की सुनवाई के लिए रिट दाखिल की। इसके बाद कार्रवाई तेज हुई। तीन सदस्यीय उच्च स्तरीय कमेटी ने जांच की और रिट की सुनवाई से पहले ही संबंधित अधिकारियों पर डीएम सी. इंदुमती ने कार्रवाई कर दी। कोर्ट ने भी रिट को निरस्त कर दिया है।
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पक्का मकान दिखाया फिर अज्ञात दिखाया
भाजपा नेता राजेश सिंह पटेल ने बताया कि सूची में अब भी गड़बड़झाला है। सूची की जांच के दौरान जांचकर्ताओं ने 190 से अधिक का पक्का मकान दिखाया। लेकिन पता अज्ञात दर्शाया है। वहीं पात्र सूची में भी कई अपात्रों को मकान दिया है। इस संबंध में वे संबंधित विभाग को शिकायत करेंगे।