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जेठानी को बचाने में झुलसी देवरानी की 10दिन बाद मौत
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फतेहपुर।
हुसैनगंज थाना क्षेत्र के सहिमापुर गांव में नौ दिसंबर को एक परिवार के झुलसे तीन सदस्यों में दूसरी महिला की भी मौत हो गई। मामले में पहले जेठानी की मौत हुई थी। अब देवरानी की नर्सिंग होम में शनिवार को मौत हुई है।
हुसैनगंज थानाक्षेत्र के सहिमापुर गांव निवासी किरन पाल सिंह ने कानपुर के कल्यानपुर थाने के रावतपुर सुरेंद्र नगर निवासी चंद्रभान सिंह की बेटी सविता उर्फ मनु (35) के साथ 17 साल पहले प्रेम विवाह किया था। सविता मायके में रहती थी। लॉकडाउन होने पर किरन पाल दिल्ली से गांव लौटा। आर्थिक समस्या बढ़ गई थी। सविता 9 दिसंबर की दोपहर कानपुर से ससुराल आई थी, उसकी बेटी अंशिका (15) भी साथ में थी। सविता ने गुजारा भत्ता के लिए कोर्ट के जरिए परिवार को नोटिस भी दिया था। इसी बात पर विवाद हुआ और सविता आग की चपेट में आ गई थी। सविता की मौत हो गई थी। सविता को बचाने में देवर सत्येंद्र और उसकी पत्नी आराधना (26) भी झुलसे थे। शनिवार को अराधना की भी मौत हो गई।
बता दे सविता के भाई विशंभर सिंह की तहरीर पर सविता के पति किशन पाल, देवर ओम प्रकाश, ससुर राजेंद्र सिंह, देवर पुतुल, बड़कू, सत्येंद्र और देवरानी आराधना के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज की थी।
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हुसैनगंज थाना क्षेत्र के सहिमापुर गांव में नौ दिसंबर को एक परिवार के झुलसे तीन सदस्यों में दूसरी महिला की भी मौत हो गई। मामले में पहले जेठानी की मौत हुई थी। अब देवरानी की नर्सिंग होम में शनिवार को मौत हुई है।
हुसैनगंज थानाक्षेत्र के सहिमापुर गांव निवासी किरन पाल सिंह ने कानपुर के कल्यानपुर थाने के रावतपुर सुरेंद्र नगर निवासी चंद्रभान सिंह की बेटी सविता उर्फ मनु (35) के साथ 17 साल पहले प्रेम विवाह किया था। सविता मायके में रहती थी। लॉकडाउन होने पर किरन पाल दिल्ली से गांव लौटा। आर्थिक समस्या बढ़ गई थी। सविता 9 दिसंबर की दोपहर कानपुर से ससुराल आई थी, उसकी बेटी अंशिका (15) भी साथ में थी। सविता ने गुजारा भत्ता के लिए कोर्ट के जरिए परिवार को नोटिस भी दिया था। इसी बात पर विवाद हुआ और सविता आग की चपेट में आ गई थी। सविता की मौत हो गई थी। सविता को बचाने में देवर सत्येंद्र और उसकी पत्नी आराधना (26) भी झुलसे थे। शनिवार को अराधना की भी मौत हो गई।
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बता दे सविता के भाई विशंभर सिंह की तहरीर पर सविता के पति किशन पाल, देवर ओम प्रकाश, ससुर राजेंद्र सिंह, देवर पुतुल, बड़कू, सत्येंद्र और देवरानी आराधना के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज की थी।
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