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काल बनकर आई आंधी: कच्चे घर पर गिरा पेड़, मलबे में दबने से युवक की मौत, दो घायल
Mon, 31 May 2021 02:36 PM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, फतेहपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, फतेहपुर
Published by: शिखा पांडेय
Updated Mon, 31 May 2021 02:36 PM IST
सार
फतेहपुर जिले में एक परिवार के लिए आंधी आफत बनकर आई। आंधी में पेड़ गिरने से एक कच्चा घर ढह गया। मलबे में दबकर एक की मौत हो गई जबकि दो लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
फतेहपुर जिले में आंधी के कारण विशालकाय पीपल का पेड़ एक कच्चे मकान पर जा गिरा। पेड़ गिरने से पूरा घर ढह गया। हादसे में एक युवक की मौत हो गई। जबकि एक महिला व उसकी सात वर्षीय बच्ची घायल हो गई। अन्य को पुलिस व ग्रामीणों ने मलबा हटाकर सुरक्षित बाहर निकाला। सूचना पर एसडीएम व अन्य अधिकारी मौके पर पहुंचे।
बिंदकी कोतवाली के गौरी गांव निवासी सुखराम (75), उसकी पत्नी रधिया (70), पुत्र राजू (45), उसकी पत्नी आशा (39) व पुत्र राहुल (20), रोहित (15), मोहित (12), सूरज (10), पुत्री लक्ष्मी (16) व सुखराम का दूसरा पुत्र रामू (36), उसकी पत्नी गीता (30) व बेटी महिमा (7) व सुखराम का तीसरा बेटा राजकुमार (35) रविवार की रात अपने कच्चे मकान में सो रहे थे।
सुबह करीब तीन बजे अचानक आंधी चलने लगी। तभी सुखराम के घर के बाहर लगा पीपल का विशालकाय पेड़ तेज आवाज के साथ कच्चे मकान पर आ गिरा। इससे घर ध्वस्त हो गया और सभी लोग मलबे में दब गए। चीख-पुकार सुन पड़ोस के लोग दौड़ पड़े और पुलिस को खबर दी।
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थाना व चौकी पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और ग्रामीणों की मदद से मलबा हटाकर सभी को बाहर निकाला। इसमें बड़े बेटे राजू, रामू की पत्नी गीता व उसकी बेटी महिमा को एंबुलेंस से नजदीक के अस्पताल भेजा गया। जहां राजू को डॉक्टर ने मृत घोषित कर दिया, जबकि गीता व महिमा को सदर अस्पताल के लिए रेफर किया गया।
सुबह एसडीएम बिंदकी, बिंदकी पुलिस, लेखपाल आदि गौरी गांव पहुंचे और हालत का जायजा लिया। एसडीएम ने परिवार को हर संभव मदद दिलाने का आश्वासन दिया है। उधर, डीएम अपूर्वा दुबे जिला अस्पताल पहुंची और हादसे में घायल व उनके परिजनों से मिलकर हालचाल लिया। उन्होंने कहा कि घायलों के इलाज में किसी तरह की लापरवाही न बरती जाए। अन्य परिवारीजन मामूली रूप से चुटहिल हुए हैं। घर गिरने से सुखराम की एक बकरी की भी मौत हो गई।
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बिंदकी कोतवाली के गौरी गांव निवासी सुखराम (75), उसकी पत्नी रधिया (70), पुत्र राजू (45), उसकी पत्नी आशा (39) व पुत्र राहुल (20), रोहित (15), मोहित (12), सूरज (10), पुत्री लक्ष्मी (16) व सुखराम का दूसरा पुत्र रामू (36), उसकी पत्नी गीता (30) व बेटी महिमा (7) व सुखराम का तीसरा बेटा राजकुमार (35) रविवार की रात अपने कच्चे मकान में सो रहे थे।
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सुबह करीब तीन बजे अचानक आंधी चलने लगी। तभी सुखराम के घर के बाहर लगा पीपल का विशालकाय पेड़ तेज आवाज के साथ कच्चे मकान पर आ गिरा। इससे घर ध्वस्त हो गया और सभी लोग मलबे में दब गए। चीख-पुकार सुन पड़ोस के लोग दौड़ पड़े और पुलिस को खबर दी।
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थाना व चौकी पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और ग्रामीणों की मदद से मलबा हटाकर सभी को बाहर निकाला। इसमें बड़े बेटे राजू, रामू की पत्नी गीता व उसकी बेटी महिमा को एंबुलेंस से नजदीक के अस्पताल भेजा गया। जहां राजू को डॉक्टर ने मृत घोषित कर दिया, जबकि गीता व महिमा को सदर अस्पताल के लिए रेफर किया गया।
सुबह एसडीएम बिंदकी, बिंदकी पुलिस, लेखपाल आदि गौरी गांव पहुंचे और हालत का जायजा लिया। एसडीएम ने परिवार को हर संभव मदद दिलाने का आश्वासन दिया है। उधर, डीएम अपूर्वा दुबे जिला अस्पताल पहुंची और हादसे में घायल व उनके परिजनों से मिलकर हालचाल लिया। उन्होंने कहा कि घायलों के इलाज में किसी तरह की लापरवाही न बरती जाए। अन्य परिवारीजन मामूली रूप से चुटहिल हुए हैं। घर गिरने से सुखराम की एक बकरी की भी मौत हो गई।