{"_id":"76880","slug":"Fatehpur-76880-36","type":"story","status":"publish","title_hn":"भाड़े के रक्तदाताओं से रहें सावधान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
भाड़े के रक्तदाताओं से रहें सावधान
Fatehpur
Updated Mon, 14 May 2012 12:00 PM IST
विज्ञापन
फतेहपुर। सदर अस्पताल स्थित ब्लड बैंक में तीमारदारों को एक यूनिट खून के लिए भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। यहां तक कि मजबूरी में तीमारदारों को प्रोफेशन डोनर (पैसे के बदले खून) का सहारा लेना पड़ता है।
पिछले दो वर्षों से यह ब्लड बैंक काम कर रहा है। जिसकी क्षमता 500 यूनिट ब्लड स्टोर करने की है। इसके लिए ब्लड बैंक में दो बड़े व तीन छोटे फ्रीजर हैं। वर्तमान समय में करीब चालीस यूनिट ब्लड की उपलब्धता है। यहां पर खून के बदले खून देने का प्रावधान है। मसलन यदि किसी मरीज को दो यूनिट खून की दरकार है तो उसे चार सौ बासठ रुपया की रसीद कटवा कर दो यूनिट खून खुद का निकलवाना होगा अथवा उसकी व्यवस्था करनी होगी।
बताते है तीमारदार खुद का खून न निकाला जाए इससे बचने के लिए रिक्शा चालक व नशेबाज की तलाश करते हैं। बाकायदा इस तलाश को पूरी कराने में कुछ लोग आगे आ रहे हैं। रिक्शा चालक व नशेबाज से सौदा करके ब्लड बैंक लाया जाता है और उससे ब्लड डोनेट करवा कर मरीज के लिए उतने ही यूनिट ब्लड ले लिया जाता है। भाड़े के रक्तदाता रोजाना ऐसे तीमारदारों की तलाश में अस्पताल का चक्कर काटते है। ब्लड बैंक के लैब टेक्नीशियन अशोक सिंह कहते है भाड़े का खून देने वाले चुनौती बनने लगे है। कई को शक होने पर वापस कर दिया गया और ऐसा करने वाले तीमारदारों को हिदायत दी गई।
विज्ञापन
विज्ञापन
पिछले दो वर्षों से यह ब्लड बैंक काम कर रहा है। जिसकी क्षमता 500 यूनिट ब्लड स्टोर करने की है। इसके लिए ब्लड बैंक में दो बड़े व तीन छोटे फ्रीजर हैं। वर्तमान समय में करीब चालीस यूनिट ब्लड की उपलब्धता है। यहां पर खून के बदले खून देने का प्रावधान है। मसलन यदि किसी मरीज को दो यूनिट खून की दरकार है तो उसे चार सौ बासठ रुपया की रसीद कटवा कर दो यूनिट खून खुद का निकलवाना होगा अथवा उसकी व्यवस्था करनी होगी।
विज्ञापन
बताते है तीमारदार खुद का खून न निकाला जाए इससे बचने के लिए रिक्शा चालक व नशेबाज की तलाश करते हैं। बाकायदा इस तलाश को पूरी कराने में कुछ लोग आगे आ रहे हैं। रिक्शा चालक व नशेबाज से सौदा करके ब्लड बैंक लाया जाता है और उससे ब्लड डोनेट करवा कर मरीज के लिए उतने ही यूनिट ब्लड ले लिया जाता है। भाड़े के रक्तदाता रोजाना ऐसे तीमारदारों की तलाश में अस्पताल का चक्कर काटते है। ब्लड बैंक के लैब टेक्नीशियन अशोक सिंह कहते है भाड़े का खून देने वाले चुनौती बनने लगे है। कई को शक होने पर वापस कर दिया गया और ऐसा करने वाले तीमारदारों को हिदायत दी गई।
विज्ञापन