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सिस्टम की लापरवाही का दंश झेल रहे किसान

Mon, 06 Oct 2014 05:32 AM IST
Fatehpur
Fatehpur Updated Mon, 06 Oct 2014 05:32 AM IST
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फतेहपुर। सूखे के बाद अब किसान धान की फसल बेचने के लिए प्रशासनिक खामियों का दंश झेल रहे हैं। अभी तक धान खरीद केंद्रों को लेकर प्रशासन स्तर पर कोई प्रगति किसानों को समझ नहीं आ रही है। जिले में धान खरीद का कार्य अभी शुरू न होने से किसान परेशान हैं। शासन से न तो अभी तक लक्ष्य मिला है और न ही केंद्र खुल पाए हैं। ऐसे में धान खरीद का काम समय से कैसे पूरा हो पाएगा इसको लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई है। इस बार बारिश न होने से सूखे ने किसानों के धान की फसल चौपट कर दी है। शासन ने एक अक्टूबर से धान खरीद का समय निर्धारित किया है लेकिन अभी तक केंद्रों का निर्धारण ही नहीं हो पाया है। जिले में इस बार 87 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में धान की फसल बोने का लक्ष्य मिला था जिसके सापेक्ष किसानों ने शत प्रतिशत धान की बोआई तो की लेकिन सूखा पड़ने की वजह से आधे से अधिक फसल बर्बाद हो रही है। जिलाधिकारी ने कृषि विभाग को जिले में लक्ष्य के सापेक्ष कितनी उपज होगी और सूखे की मार से कितनी फसल चौपट होगी इसका सर्वे कराने के निर्देश दिए थे लेकिन अभी तक यह सर्वे कार्य पूरा नहीं हो सका है। जाफरगंज, जहानाबाद, मलवां, हुसैनगंज, बहुआ, असोथर, धाता आदि क्षेत्रों में धान की खेती की गई लेकिन पर्याप्त बिजली न मिलने से किसान सिंचाई नहीं करा पाए जिससे काफी फसल चौपट हो रही है।
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कोट
‘इस बार पर्याप्त बारिश न होने की वजह से सूखा पड़ा है। सर्वे कार्य पूरा कराया जा रहा है। जल्द ही डीएम को रिपोर्ट सौंप दी जाएगी। जिन किसानों का नुकसान होगा उनका भी विवरण तैयार किया जा रहा है।’ - ज्ञानचंद्र कटियार, उप कृषि निदेशक
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