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कोर्ट परिसर से भागा कैदी दबोचा गया
Fatehpur
Updated Mon, 22 Sep 2014 05:31 AM IST
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फतेहपुर। कोर्ट परिसर से पुलिसकर्मी से हाथ छुड़ाकर भागे सजायाफ्ता कैदी फैजान ऊर्फ अंशू को क्राइम ब्रांच टीम ने रविवार को देशी कट्टे, बमों और स्पोर्ट्स बाइक के साथ गिरफ्तार किया है। छत्तीसगढ़ प्रांत के रायपुर की हत्यायुक्त डकैती रेप के मामले में आजीवन कारावास काट रहा कैदी एक माह पहले कोर्ट में पेशी के दौरान भाग निकला था। पुलिस का दावा है कि आरोपी को हुसैनगंज बाइपास से लूटपाट के लिए अपने साथी संग होने के समय ही दबोच लिया गया है।
सदर कोतवाली के सनगांव इलाका निवासी फैजान ऊर्फ अंशू पुत्र निजामुद्दीन को छत्तीसगढ़ कोर्ट से आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई थी। जनपद के कई थानों से दर्ज मुकदमों के बाबत कैदी को कोर्ट में ट्रायल के दौरान जिला कारागार में निरुद्ध किया गया था। कोर्ट परिसर से कैदी पिछले माह की 12 तारीख को पुलिस कर्मी से हाथ छुड़ाकर भागा था। कैदी और उसको भगाने में शामिल रहे रिंकू ऊर्फ राजेश्वर निवासी गुधरौली थाना औंग को क्राइम ब्रांच ने हुसैनगंज हाइवे चौराहे से भोर पहर पकड़ा है। इन दोनों के पास कट्टे, बम और र्स्पोट्स बाइक पुलिस ने बरामद की है। पुलिस का दावा है कि हाइवे में दोनों लूट के इरादे से मौजूद रहे हैं। एसपी विनोद कुमार सिंह ने बताया कि फरार कैदी के समाज के लिए खतरा था। उसने अपनी 18 साल की उम्र से ही जघन्य वारदातें को अंजाम देना शुरु कर दिया था। वह कुछ दिनों तक अगर पुलिस के हत्थे नहीं चढ़ता और भी कोई बड़ी वारदात को अंजाम दे सकता था। कैदी पर पांच हजार का ईनाम घोषित किया गया था। कैदी को पकड़ने में क्राइम ब्रांच टीम के एसआई आनंद सिंह, राजेश सिंह, रावेन्द्र सिंह, कोतवाल केके यादव की टीम को इनाम की रकम पुरस्कार के रूप में दी गई है।
इंसेट
जेल की दोस्ती रंग लाई और भागने में की मदद
फतेहपुर। कै दी के पुलिस हिरासत से भागने के दो दिनों बाद 14 अगस्त को अमर उजाला ने ‘जेल में कैदी ने भागने की बनाई थी योजना’ शीर्षक से खबर प्रकाशित की थी। कैदी की योजना का अमर उजाला ने सटीक खुलासा पहले ही कर दिया था। यह बात कैदी के पकड़े जाने के बाद रविवार को सामने आई है।
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बताते चलें कि आजीवन कारावास काट रहे कैदी फैजान ऊर्फ अंशू की जेल में रिंकू ऊर्फ राजेश्वर से मुलाकात हुई थी। कुछ माह पहले रिंकू 11 बाइक चोरियों के मामले में जेल गया था। जेल में रिंकू की फैजान से मुलाकात हुई और दोनों के बीच गहरी दोस्ती हो गई। दो माह पहले रिंकू जमानत पर रिहा हो गया था। तभी फैजान ने रिंकू से उसे भगाने में मदद की रणनीति बना डाली थी। रिंकू कई बार जेल फैजान से इसी सबंध में मिलने गया था और योजना को 12 अगस्त को अंजाम दे डाला गया। फैजान कोर्ट परिसर से भागने के बाद विद्यार्थी चौराहे पहुंचा। जहां पर पहले से बाइक लेकर खड़े रिंकू के साथ बैठा और कानपुर के लिए फरार हो गया था। दोनों कानपुर के अहिरवां में महीने भर से पनाह लिए हुए थे।
इंसेट
छत्तीसगढ़ में दस हत्याओं का है आरोपी
कैदी ने चार साल पहले छत्तीसगढ़ में अपने दो साथियों के साथ एक रात में दस हत्याएं और बलात्कार किया था। रेप के दौरान नगभन तस्वीरें बनाई थी। इस मामले में ही छत्तीसगढ़ कोर्ट ने कैदी को आजीवन कारावास और उसके साथियों को फांसी की सजा हुई थी। इसके अलावा जिले में सात लूट के मामले और महाराष्ट्र, मध्यप्रदेश में हत्या, डाके जैसे जघन्य अपराधों को अंजाम देने में कै दी रहा है। जिले में चल रहे मुकदमों के चलते छत्तीसगढ़ की रायपुर जेल से कैदी को कोर्ट ट्रायल के लिए फतेहपुर जेल भेजा गया था।
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सदर कोतवाली के सनगांव इलाका निवासी फैजान ऊर्फ अंशू पुत्र निजामुद्दीन को छत्तीसगढ़ कोर्ट से आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई थी। जनपद के कई थानों से दर्ज मुकदमों के बाबत कैदी को कोर्ट में ट्रायल के दौरान जिला कारागार में निरुद्ध किया गया था। कोर्ट परिसर से कैदी पिछले माह की 12 तारीख को पुलिस कर्मी से हाथ छुड़ाकर भागा था। कैदी और उसको भगाने में शामिल रहे रिंकू ऊर्फ राजेश्वर निवासी गुधरौली थाना औंग को क्राइम ब्रांच ने हुसैनगंज हाइवे चौराहे से भोर पहर पकड़ा है। इन दोनों के पास कट्टे, बम और र्स्पोट्स बाइक पुलिस ने बरामद की है। पुलिस का दावा है कि हाइवे में दोनों लूट के इरादे से मौजूद रहे हैं। एसपी विनोद कुमार सिंह ने बताया कि फरार कैदी के समाज के लिए खतरा था। उसने अपनी 18 साल की उम्र से ही जघन्य वारदातें को अंजाम देना शुरु कर दिया था। वह कुछ दिनों तक अगर पुलिस के हत्थे नहीं चढ़ता और भी कोई बड़ी वारदात को अंजाम दे सकता था। कैदी पर पांच हजार का ईनाम घोषित किया गया था। कैदी को पकड़ने में क्राइम ब्रांच टीम के एसआई आनंद सिंह, राजेश सिंह, रावेन्द्र सिंह, कोतवाल केके यादव की टीम को इनाम की रकम पुरस्कार के रूप में दी गई है।
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जेल की दोस्ती रंग लाई और भागने में की मदद
फतेहपुर। कै दी के पुलिस हिरासत से भागने के दो दिनों बाद 14 अगस्त को अमर उजाला ने ‘जेल में कैदी ने भागने की बनाई थी योजना’ शीर्षक से खबर प्रकाशित की थी। कैदी की योजना का अमर उजाला ने सटीक खुलासा पहले ही कर दिया था। यह बात कैदी के पकड़े जाने के बाद रविवार को सामने आई है।
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बताते चलें कि आजीवन कारावास काट रहे कैदी फैजान ऊर्फ अंशू की जेल में रिंकू ऊर्फ राजेश्वर से मुलाकात हुई थी। कुछ माह पहले रिंकू 11 बाइक चोरियों के मामले में जेल गया था। जेल में रिंकू की फैजान से मुलाकात हुई और दोनों के बीच गहरी दोस्ती हो गई। दो माह पहले रिंकू जमानत पर रिहा हो गया था। तभी फैजान ने रिंकू से उसे भगाने में मदद की रणनीति बना डाली थी। रिंकू कई बार जेल फैजान से इसी सबंध में मिलने गया था और योजना को 12 अगस्त को अंजाम दे डाला गया। फैजान कोर्ट परिसर से भागने के बाद विद्यार्थी चौराहे पहुंचा। जहां पर पहले से बाइक लेकर खड़े रिंकू के साथ बैठा और कानपुर के लिए फरार हो गया था। दोनों कानपुर के अहिरवां में महीने भर से पनाह लिए हुए थे।
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छत्तीसगढ़ में दस हत्याओं का है आरोपी
कैदी ने चार साल पहले छत्तीसगढ़ में अपने दो साथियों के साथ एक रात में दस हत्याएं और बलात्कार किया था। रेप के दौरान नगभन तस्वीरें बनाई थी। इस मामले में ही छत्तीसगढ़ कोर्ट ने कैदी को आजीवन कारावास और उसके साथियों को फांसी की सजा हुई थी। इसके अलावा जिले में सात लूट के मामले और महाराष्ट्र, मध्यप्रदेश में हत्या, डाके जैसे जघन्य अपराधों को अंजाम देने में कै दी रहा है। जिले में चल रहे मुकदमों के चलते छत्तीसगढ़ की रायपुर जेल से कैदी को कोर्ट ट्रायल के लिए फतेहपुर जेल भेजा गया था।