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आसमान से बरसी आग, पारा 49 डिग्री सेल्सियस
Fatehpur
Updated Sat, 07 Jun 2014 05:32 AM IST
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फतेहपुर। तापमान अर्धशतक बनाने के करीब है। कांटों की चुभन का एहसास कराती धूप ने लोगों को जीना दूभर कर दिया है। जून के पहले सप्ताह का छठवां दिन अब तक का सबसे गरम दिन रहा। तापमान के लगातार लाल होने से इस दिन पारा कई सालों का रिकार्ड तोड़ते हुए 49 डिग्री सेल्सियस जा पहुंचा। सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहा। जो राह चलते दिखे, उन्हेें थोड़ी-थोड़ी दूर पर पेड़ की छांव तलाशते देखा गया। तपिश ने हरेक शख्स को बेहाल कर दिया। आसमान से आग का बरसना देर दोपहर बाद तक जारी रहने से जनजीवन पटरी से उतरा नजर आया। इस बीच बिजली की लोकल फाल्ट ने कई इलाकों को झुलसा कर रख दिया। उमस व तपिश के बीच शुरू हुई शुक्रवार की शुरूआत जैसे-जैसे दिन बढ़ता गया वैसे-वैसे गरमी इंतहा पार करती रही। सुबह दस बजे तक गरमी पूरे शबाब पर आ गई, जो दोपहर में बेकाबू हो गई। नतीजा हर कोई गरमी को लेकर हायतौबा करता दिखाई दिया। हालात यह रहे कि सड़कें सूनी हो गईं। गलियों मेें तो कर्फ्यू जैसा नजारा दिखाई देने लगा। बाजारों की हलचल गुम हो गई। इक्का दुक्का खरीदार ही बाजारों में नजर आए। इसके चलते तमाम दुकानदारों ने शटर गिरा दिए। रोडवेज व रेलवे की सवारी के इंतजार में बैठे मुसाफिर आग बरसाती गरमी से त्राहि-त्राहि करते नजर आए। इस बीच पेयजल की सीमित व्यवस्था ने इन मुसाफिरों को बेेहाल कर रख दिया। वाटर कूलरों के जवाब देने से यातायात के इन ठिकानों पर एक-एक बोतल पानी के लिए मारामारी देखने को मिली। दोपहर दो बजे से शाम छह बजे की घोषित विद्युत कटौती से हरके शख्स बेहाल हो उठा। बिजली गुल हो जाने से इंवर्टर व जनरेटर विहीन सरकारी व गैर सरकारी प्रतिष्ठानों पर काम काज ठप्प हो गया। उधर इंनवर्टर व जनरेटर सुविधा से जुड़े से पंखे व कूलर गरम हवा फेंक ते रहे। एसी भी तापमान की मार से बच नहीं सके। उधर बिजली कटौती से पहले नार्थ व साउथ सिटी के कई इलाकों में लोकल फॉल्ट होने से इन इलाकोें में गरमी का सितम कहर बन कर टूटा। देर दोपहर साढ़े चार बजे तक तापमान 48 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इसके चलते सड़कों पर वहीं नजर आए जिन्हें राह चलना जरूरी था।
हीट स्ट्रोक का खतरा बढ़ा
- चूके तो हृदयगति रुकने से जा सकती है जान
- संक्रामक बीमारियां फैलने की संभावनाएं बढ़ीं
फतेहपुर। सावधान: तापमान 49 डिग्री सेल्सियस पहुंचने से हीट स्ट्रोक का खतरा पैदा हो गया है। हीट स्ट्रोक होने से अचानक किसी स्वस्थ व्यक्ति को जान से हाथ धोना पड़ सकता है। अगर यही हालत रही, तो वह दिन दूर नहीं जब पेट से संबंधी संक्रामक बीमारियों से आम इंसान को जूझना पड़ेगा। स्वास्थ्य विभाग की मानें, तो पारा 44 डिग्री पार होते ही संक्रामक बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। अधिक तापमान बढ़ने पर हीट स्ट्रोक का अटैक होने की संभावनाएं प्रबल हो जाती हैं। शुक्रवार को तापमान 49 डिग्री सेल्सियस पहुंच चुका है और ऐसी हालत में खास तौर पर बुजुर्गों और बच्चों ने हीट स्ट्रोक का अटैक पड़ने का खतरा पैदा हो गया है। तेज धूप और अधिक गरमी के कारण पेट से संबंधित संक्रामक बीमारियां फैल सकती हैं। डाक्टरों का कहना है कि ऐसे मौसम में डायरिया, कालरा गैस्ट्रो आदि बीमारियां अचानक पैर पसार सकती हैं। शरीर में पानी की कमी होने से इन बीमारियों से भी किसी की जान जा सकती है। जिला क्षयरोग नियंत्रण केंद्र के चिकित्सक डा. एसके सिंह का कहना है कि तापमान 49 डिग्री पहुंचना लोगों के लिए अच्छा संकेत नहीं है। अधिक गरमी पड़ने में हीट स्ट्रोक का खतरा पैदा हो गया है। हीट स्ट्रोक का अटैक होने से अचानक हृदयगति रुक जाती है और तत्काल मौत हो जाती है। मुख्य चिकित्साधिकारी मुरारी प्रसाद वर्मा का कहना है कि स्वास्थ्य विभाग के स्थितियों से निपटने के लिए पूरी तरह से तैयार है। दवाओं का पर्याप्त स्टाक है और कुशल डाक्टरों की टीम है। पारा ऊपर बढ़ने के साथ स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह से सचेत हो गया है और जिला की स्थितियों की निगरानी भी कर रहा है।
इंसेट
कैसे करें बचाव?
- धूप में बाहर निकलने से बचें।
- पानी अधिक मात्रा में पिएं।
- धूप में शिर ढककर बाहर निकलें।
- ज्यादा से ज्यादा शरीर का हिस्सा कपड़े से ढ़ककर रखें।
- कटे फल और खुले में रखी खाने पीने की सामग्री के सेवन से बचें।
- शर्बत, शिकंजी का सेवन ऐसे मौसम बहुत लाभदायक है।
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हीट स्ट्रोक का खतरा बढ़ा
- चूके तो हृदयगति रुकने से जा सकती है जान
- संक्रामक बीमारियां फैलने की संभावनाएं बढ़ीं
फतेहपुर। सावधान: तापमान 49 डिग्री सेल्सियस पहुंचने से हीट स्ट्रोक का खतरा पैदा हो गया है। हीट स्ट्रोक होने से अचानक किसी स्वस्थ व्यक्ति को जान से हाथ धोना पड़ सकता है। अगर यही हालत रही, तो वह दिन दूर नहीं जब पेट से संबंधी संक्रामक बीमारियों से आम इंसान को जूझना पड़ेगा। स्वास्थ्य विभाग की मानें, तो पारा 44 डिग्री पार होते ही संक्रामक बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। अधिक तापमान बढ़ने पर हीट स्ट्रोक का अटैक होने की संभावनाएं प्रबल हो जाती हैं। शुक्रवार को तापमान 49 डिग्री सेल्सियस पहुंच चुका है और ऐसी हालत में खास तौर पर बुजुर्गों और बच्चों ने हीट स्ट्रोक का अटैक पड़ने का खतरा पैदा हो गया है। तेज धूप और अधिक गरमी के कारण पेट से संबंधित संक्रामक बीमारियां फैल सकती हैं। डाक्टरों का कहना है कि ऐसे मौसम में डायरिया, कालरा गैस्ट्रो आदि बीमारियां अचानक पैर पसार सकती हैं। शरीर में पानी की कमी होने से इन बीमारियों से भी किसी की जान जा सकती है। जिला क्षयरोग नियंत्रण केंद्र के चिकित्सक डा. एसके सिंह का कहना है कि तापमान 49 डिग्री पहुंचना लोगों के लिए अच्छा संकेत नहीं है। अधिक गरमी पड़ने में हीट स्ट्रोक का खतरा पैदा हो गया है। हीट स्ट्रोक का अटैक होने से अचानक हृदयगति रुक जाती है और तत्काल मौत हो जाती है। मुख्य चिकित्साधिकारी मुरारी प्रसाद वर्मा का कहना है कि स्वास्थ्य विभाग के स्थितियों से निपटने के लिए पूरी तरह से तैयार है। दवाओं का पर्याप्त स्टाक है और कुशल डाक्टरों की टीम है। पारा ऊपर बढ़ने के साथ स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह से सचेत हो गया है और जिला की स्थितियों की निगरानी भी कर रहा है।
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कैसे करें बचाव?
- धूप में बाहर निकलने से बचें।
- पानी अधिक मात्रा में पिएं।
- धूप में शिर ढककर बाहर निकलें।
- ज्यादा से ज्यादा शरीर का हिस्सा कपड़े से ढ़ककर रखें।
- कटे फल और खुले में रखी खाने पीने की सामग्री के सेवन से बचें।
- शर्बत, शिकंजी का सेवन ऐसे मौसम बहुत लाभदायक है।