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खुले मेनहोल बारिश में बने मौत का कुआं
Fatehpur
Updated Wed, 10 Jul 2013 05:31 AM IST
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फतेहपुर। शहर में जगह-जगह खुले मेनहोल एवं गड्ढे दुर्घटना को दावत दे रहे हैं। इनकी चपेट में आकर कई लोग घायल भी हो चुके है बावजूद इसके इन्हें बंद कराने के प्रयास नहीं किए जा रहे हैं।
शहर के विभिन्न मार्गों पर करीब आधा सैकड़ा मेनहोल है। इनमें से ज्यादातर खुले पड़े हैं। इसी प्रकार कई जगह गड्ढे हैं। खुले मेनहोल और गड्ढे बरसात में राहगीरों के लिए मुसीबत बनी हुई है। जलभराव की वजह से बारिश के दौरान यह खतरनाक प्वाइंट निगाह में नहीं आते हैं। इससे कई बार लोग इनकी चपेट में आकर चुटहिल हो रहे हैं। बावजूद इसके नगर पालिका प्रशासन इन खुले मेनहोल को बंद कराने के लिए ठोस कदम नहीं उठा रहा है। ऐसे यदि कोई बड़ा हादसा हो जाए तो कोई बड़ी बात नहीं है। दो दिन पूर्व बरसात के समय गंगानगर निवासी मनोज का पैर रास्ते में ऐसे ही एक खुले मेनहोल में फंस गया। इससे वह घायल हो गया। इसी प्रकार स्कूली छात्र आयुष भी खुले मेनहोल की चपेट में आकर जख्मी हो गया। जिन रास्तों में खुले मेनहोल और गड्ढे हैं वहां के स्थानीय लोगों ने पालिका प्रशासन से समस्या के निदान की मांग की है। चाहे वह पटेल नगर के मयंक, कौशल, अनुज हों। या अशोक नगर के विक्रम, पियूष, गौरव आदि।
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शहर के विभिन्न मार्गों पर करीब आधा सैकड़ा मेनहोल है। इनमें से ज्यादातर खुले पड़े हैं। इसी प्रकार कई जगह गड्ढे हैं। खुले मेनहोल और गड्ढे बरसात में राहगीरों के लिए मुसीबत बनी हुई है। जलभराव की वजह से बारिश के दौरान यह खतरनाक प्वाइंट निगाह में नहीं आते हैं। इससे कई बार लोग इनकी चपेट में आकर चुटहिल हो रहे हैं। बावजूद इसके नगर पालिका प्रशासन इन खुले मेनहोल को बंद कराने के लिए ठोस कदम नहीं उठा रहा है। ऐसे यदि कोई बड़ा हादसा हो जाए तो कोई बड़ी बात नहीं है। दो दिन पूर्व बरसात के समय गंगानगर निवासी मनोज का पैर रास्ते में ऐसे ही एक खुले मेनहोल में फंस गया। इससे वह घायल हो गया। इसी प्रकार स्कूली छात्र आयुष भी खुले मेनहोल की चपेट में आकर जख्मी हो गया। जिन रास्तों में खुले मेनहोल और गड्ढे हैं वहां के स्थानीय लोगों ने पालिका प्रशासन से समस्या के निदान की मांग की है। चाहे वह पटेल नगर के मयंक, कौशल, अनुज हों। या अशोक नगर के विक्रम, पियूष, गौरव आदि।
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