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फैक्ट्री के केमिकल से आठ बीघे फसल बर्बाद
fatehpur
Updated Wed, 08 Aug 2018 01:04 AM IST
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फैक्ट्री के केमिकल से बर्बाद हुई फसल।
- फोटो : amarujala
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फैक्ट्री से निकला केमिकल खेतों में पहुंचने से करीब आठ बीघे फसल बर्बाद हो गई है। इससे किसानों में नाराजगी बढ़ने लगी है। किसानों ने मंगलवार को पुलिस से शिकायत करते हुए मुआवजा मांगा है।
थाना क्षेत्र के रहसूपुर गांव के करीब एक दर्जन किसानों का कहना है कि उनके खेतों के पास फैक्ट्री है। यहां कबाड़ का एल्युमिनियम गलाकर सामान बनाया जाता है। इससे निकलने वाला खतरनाक रसायन खेतों में बहकर पहुंचने से फसलें पीली पड़कर झड़ने लगी हैं। खेतों में काले रंग का पदार्थ जम गया है। किसानों ने खेतों में बाजरा, अरहर, तिल्ली बो रखी है। लगभग आठ बीघे फसल बर्बाद हो गई है। किसानों ने पुलिस से फैक्ट्री प्रबंध तंत्र से फसल के नुकसान की भरपाई कराने की गुहार लगाई है। साथ ही ठोस व्यवस्था न करने पर प्रबंध तंत्र के खिलाफ कार्रवाई क ी मांग की है। किसानों ने बताया कि इससे पहले गेहूं की फसल नष्ट हो गई थी। आम के पेड़ों का बौर इस फैक्ट्री के खतरनाक रसायन के प्रदूषण से झर गया था। औंग थाना पुलिस के एएसआई उमाकांत ने प्रबंध तंत्र को फोन पर किसानों की समस्या बताकर निपटारा करने के लिए कहा है।
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थाना क्षेत्र के रहसूपुर गांव के करीब एक दर्जन किसानों का कहना है कि उनके खेतों के पास फैक्ट्री है। यहां कबाड़ का एल्युमिनियम गलाकर सामान बनाया जाता है। इससे निकलने वाला खतरनाक रसायन खेतों में बहकर पहुंचने से फसलें पीली पड़कर झड़ने लगी हैं। खेतों में काले रंग का पदार्थ जम गया है। किसानों ने खेतों में बाजरा, अरहर, तिल्ली बो रखी है। लगभग आठ बीघे फसल बर्बाद हो गई है। किसानों ने पुलिस से फैक्ट्री प्रबंध तंत्र से फसल के नुकसान की भरपाई कराने की गुहार लगाई है। साथ ही ठोस व्यवस्था न करने पर प्रबंध तंत्र के खिलाफ कार्रवाई क ी मांग की है। किसानों ने बताया कि इससे पहले गेहूं की फसल नष्ट हो गई थी। आम के पेड़ों का बौर इस फैक्ट्री के खतरनाक रसायन के प्रदूषण से झर गया था। औंग थाना पुलिस के एएसआई उमाकांत ने प्रबंध तंत्र को फोन पर किसानों की समस्या बताकर निपटारा करने के लिए कहा है।
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